एक भी बच्चा पढऩे नहीं आया स्कूल...

एक भी बच्चा पढऩे नहीं आया स्कूल...

Sunil Vandewar | Publish: Jun, 29 2018 12:04:39 PM (IST) Seoni, Madhya Pradesh, India

राघादेही में ४७ विद्यार्थी हैं दर्ज, बच्चों के स्कूल न आने पर भी गंभीर नहीं प्रशासन, एचएम, शिक्षक

सिवनी. शहर से लेकर गांव तक एक-एक सरकारी स्कूल पर लाखों रुपए खर्च हो रहे हैं। ताकि हर बच्चा स्कूल पहुंचे और शिक्षित हो सके। लेकिन सरकारी खर्च कितना सार्थक सिद्ध हो रहा है, इसकी हकीकत मौके पर पहुंचकर ही समझी जा सकती है। जिले के सरकारी स्कूलों की ओर गौर किया जाए तो कई ऐसे स्कूल हैं, जहां शिक्षक ही कार्य के प्रति गंभीर नहीं है, इसका ही परिणाम है कि विद्यार्थी स्कूल पहुंचने में रूचि नहीं ले रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र में इन दिनों चल रही अफवाहों के कारण अभिभावक भी बच्चों को स्कूल भेजने से डर रहे हैं। ऐसे अभिभावकों को समझाइश देने न तो स्कूल प्रधानपाठक, शिक्षक ही गंभीर हैं और न ही पुलिस व प्रशासन।

शासकीय प्राथमिक शाला राघादेही

जिला मुख्यालय से महज सात किमी दूर राघादेही गांव है। यहां के शासकीय प्राथमिक शाला में गुरुवार को कोई भी विद्यार्थी स्कूल नहीं पहुंचा था। स्कूल में जानकारी लेने पर मौजूद शिक्षक गुलाबचंद जैन निर्वाचन कार्य करते मिले। उन्होंने बताया कि दर्ज संख्या ४७ है, लेकिन कोई भी छात्र-छात्रा स्कूल नहीं आए हैं। बच्चों के न आने से प्रभारी प्रधानपाठक वीके चौरसिया भी दोपहर दो बजे स्कूल से चले गए। इस मामले में जब प्रभारी प्रधानपाठक वीके चौरसिया से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि सुबह से हो रही बारिश के कारण कोई बच्चा स्कूल नहीं आया। वहीं बताया कि स्कूल परिसर में पौधारोपण किया जाना है, इसके लिए ट्रीगार्ड बनवाने के लिए वे सिवनी चले गए थे।

शासकीय प्राथमिक शाला मानेगांव -

शहर से महज तीन किमी दूर ग्राम पंचायत मानेगांव के शासकीय प्राथमिक शाला में गुरुवार को सिर्फ ११ छात्र-छात्राएं पहुंचे थे। जबकि यहां की दर्ज संख्या ४१ है। यहां मौजूद प्रधानपाठक ओमशंकर डहेरिया ने बताया कि गांव में बच्चों को उठा ले जाने की ग्रामीणों में काफी दहशत है। इसी कारण अधिकांश अभिभावक बच्चों को स्कूल नहीं भेज रहे। कुछ अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल छोडऩे और लेने आ रहे हैं। प्रधानपाठक व शिक्षक के द्वारा ग्रामीणों को अफवाहों से बचने और विद्यार्थियों को नियमित स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
हर बच्चा आए स्कूल, यही हैं प्रयास -
सभी शालाओं में दर्ज संख्या के मुताबिक विद्यार्थी उपस्थित हों और सभी शिक्षक पूरे समय विद्यालय में रहें। यह निर्देश जारी किए गए हैं। अभिभावक किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देकर नियमित रूप से बच्चों को स्कूल भेजें।
जीएस बघेल, डीपीसी सिवनी

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