27 हजार मिट्रिक टन धान का परिवहन अब तक नहीं करा पाया महकमा

- समर्थन मूल्य पर खरीदी बंद हुए 21 दिन हो गए पार

सिवनी. धान खरीदी केन्द्रों पर किसानों से अधिक तौल। तौलाई के लिए पैसा और 100 बोरी पर एक बोरी कमीशन लेने के आरोप के बीच 24 जनवरी को समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी बंद हो गई। इसके बाद से धान का परिवहन किए जाने का दांवा किया जा रहा है, लेकिन शुक्रवार को 21 दिन पूरे होने के बाद भी 27 हजार मिट्रिक टन धान का परिवहन नहीं हो पाया है। इसकी पुष्टि मध्यप्रदेश सिविल सप्लाई कार्पोरेशन ने की है।


जिले में धान खरीदी शुरू होने के बाद से अब तक संबंधित महकमे की भूमिका अजीबो-गरीब हैं। पहले धान खरीदी केन्द्रों पर किसानों को अव्यवस्था का सामना करना पड़ा। ओपेन कैंपों में अव्यवस्था अब भी कायम है। अब मध्यप्रदेश सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन की माने तो 13 फरवरी को धान के परिवहन के लिए संबंधी ठेकेदार से अनुबंध किया गया है। जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य दिसम्बर माह से प्रारंभ होकर 24 जनवरी तक चला। ऐसे में यह अंदाज लगाया जा सकता है कि खरीदी के उपरांत नागरिक आपूर्ति निगम ने ठेकेदार से अनुबंध किया है। जबकि खरीदी के दौरान बिना अनुबंध के परिवहन ठेकेदार ने धान का परिवहन किया है।

इतना ही नहीं विभाग द्वारा अनुबंध न होते हुए भी लगभग 70 लाख के भुगतान किए जाने का मामला सामने आया है। जानकारों की माने तो जिले में तीन परिवहन ठेकेदार नर्मदा ट्रांसपोर्ट, बालाजी ट्रांसपोर्ट तथा दुर्गा प्रसाद साहू ने कार्य किया है। विभागीय लापरवाहियों के चलते इन परिवहन ठेकेदारों ने बिना अनुबंध के समर्थन मूल्य पर खरीदी गई धान का परिवहन किया है।

रानीताल में जमा होने वाला धान जा रहा था छिंदवाड़ा
सिवनी. जिले के लखनादौन तहसील के ग्राम साजपानी स्थित बाबूलाल वेयर हाऊस में विगत दिनों मार्केटिंग सोसायटी लखनादौन द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की गई थी। शासन द्वारा अधिकृत परिवहन ठेकेदार बालाजी ट्रांसपोर्ट द्वारा ऑनलाईन चालान के माध्यम से खरीदी केंद्र से ट्रक क्रमांक एमपी 09 एचजी 7084 एवं एमपी 28 एच 0542 में 468 क्विंटल धान परिवहन करने के लिए भरी गई थी।


चालान के आधार पर आदिम जाति सेवा सहकारी समिति गोदाम रानीताल लखनादौन में जमा किया जाना था, लेकिन विगत आठ फरवरी को उक्त दो ट्रक रानीताल की बजाय सिवनी की ओर रवाना हो गए। कुछ जागरूक नागरिकों ने इसका पीछा कर छपारा थाने में अवैध परिवहन की जानकारी दी।

हालांकि इस दौरान पुलिस ने पाया कि परिवहन के लिए चालान रानीताल गोदाम के लिए जारी हुआ है, लेकिन ट्रक में भरे लगभग 8.49 लाख की धान छिंदवाड़ा की ओर जा रही थी। आश्चर्य का विषय यह है कि पुलिस ने दोनों ही ट्रकों को बिना कार्रवाई किए छोड़ दिया। इस मामले की जानकारी खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति अधिकारी को दी गई तो उन्होंने कार्रवाई करने की बजाय परिवहन ठेकेदार को ना केवल ट्रकों को थाने से बाहर करवा दिया बल्कि कार्रवाई के नाम पर पुन:ट्रकों को रानीताल गोदाम में धान जमा करने के लिए रवाना कर दिया।

इस घटना से यह स्पष्ट हो गया है कि ट्रांसपोर्ट द्वारा लगातार अनियमितताएं बरती जा रही। बेलगाम ट्रांसपोर्टर ऑनलाईन चालान के माध्यम से नियत स्थल की बजाय छिंदवाड़ा में धान को ले जा रहे थे।


खाद्य आपूर्ति विभाग से काल आने पर छोड़ा
मैंने सूचना पर ट्रक पकड़ा था। उस समय खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी का काल आया था। उन्होंने कहा था कि धान सही जगह जा रहा है। उसे छोड़ दिया जाए। धान के संबंध में उनसे अधिक मुझे जानकारी नहीं है। इसलिए मैंने जाने दिया।
- नीलेश परतेती, थाना प्रभारी छपारा

नोटिस जारी करने दिया गया है निर्देश
ट्रांसपोर्टर को मंगलवार तक परिवहन समाप्त करने के लिए बोल दिया गया है। कलेक्टर के संज्ञान में लाकर धान रानीताल में अनलोड करा दिया गया है। ट्रांसपोर्टर को नोटिस जारी करने के लिए मध्यप्रदेश सिविल सप्लाई कार्पोरेशन के जिला प्रबंधक को निर्देश दिया गया है।
- सनद मिश्रा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति अधिकारी सिवनी

akhilesh thakur Bureau Incharge
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned