अफसरों ने भी माना यहां पढ़ाने में है जोखिम

अफसरों ने भी माना यहां पढ़ाने में है जोखिम

Sunil Vandewar | Updated: 29 Jun 2019, 11:46:51 AM (IST) Seoni, Seoni, Madhya Pradesh, India

विद्यार्थियों को फिलहाल भेज सकते हैं दूसरे नजदीकी स्कूल

सिवनी. डीपीसी, बीआरसीसी, विभागीय इंजीनियरों की टीम ने गुरुवार को नगर पालिका क्षेत्र के मंगलीपेठ इलाके के कस्तूरबा शासकीय प्राथमिक व माध्यमिक शाला का निरीक्षण किया। हालात देखकर अधिकारियों ने भी यहां पढ़ाने को जोखिम भरा माना और तत्काल यहां के बच्चों को नजदीकी स्कूल में शिफ्ट करने की बात कही। हालांकि स्कूल की बिल्डिंग को गिराना या मरम्मत करना है यह इंजीनियर की टीम तय कर रिपोर्ट देगी। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई करने की बात अधिकारी कह रहे हैं।
बता दें कि करीब १३ वर्ष पुराने कस्तूरबा स्कूल बिल्डिंग की दीवारों में दरार हैं, फर्श धसक रहा है, नाले के पानी से नींव की मिट्टी बह गई, दीवार कमजोर हो गई है। छत से प्लास्टर गिर रहा है। हेडमास्टर, शिक्षक-शिक्षिकाओं के मन में हादसे के डर बना रहता है। ऐसे में भी यहां बिना उचित मरम्मत करीब ६० बच्चों को पढ़ाया जाता रहा है।
जो हो सकता है, जल्द करेंगे -
डीपीसी जगदीश कुमार इड़पाचे, बीआरसीसी सिवनी राहुल प्रताप सिंह, जिला शिक्षा केन्द्र के एई, बीआरसीसी के तकनीकी अमले ने गुरुवार को कस्तूरबा स्कूल का स्थल निरीक्षण किया। जहां अमले ने भी बच्चों को बिठाने पर चिंता जाहिर की। वहीं फिलहाल बच्चों को नजदीकी किसी अन्य स्कूल में शिफ्ट करने को लेकर विचार किया जा रहा है। तकनीकी अमला अपनी रिपोर्ट एक-दो दिन में देगा, जिसके बाद तय होगा कि भवन को गिराना या मरम्मत करना उचित होगा।

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