ये है प्राचीन मनोरंजक कला, ग्रामीणों के बीच है लोकप्रिय

Sunil Vandewar

Updated: 12 Oct 2019, 12:32:47 PM (IST)

Seoni, Seoni, Madhya Pradesh, India

सिवनी. जिले के ग्रामीण अंचल में प्राचीन सांस्कृतिक नृत्य कला सैला को लेकर आज भी लोग खासे उत्साहित नजर आते हैं। तीज-त्योहार या उत्सव हो, लोग सैला मंडल को आमंत्रित कर इसका आनंद उठाते हैं।
हाल ही के दिनों में नवरात्र उत्सव पर गांव-गांव सैला नृत्य की कला का आयोजन व प्रतियोगिता हुईं। इनको देखने बड़ी संख्या में क्षेत्रीय ग्रामीणों की मौजूदगी भी रही। पारम्परिक वेशभूषा और ढोलक-करताल की थाप पर सैला के दोहे बोलकर एकसाथ कदमताल करते नृतकों की प्रस्तुति लोगों को आनंदित करती रही।
नेकी की दीवार ने किया ये जनसेवी कार्य
विगत वर्ष की तरह भी इस वर्ष नवरात्र पर्व के दौरान नेकी की दीवार द्वारा सिवनी मुख्यलय के मंदिरों एवं दुर्गा पूजा पंडालों को प्लास्टिक कंटेनर एवं पालीथिन के बैग का नि: शुल्क वितरण किया गया ताकि यहाँ एकत्र होने वाली पूजन सामग्री एकत्र की जा सके। सुबह 6 बजे से युवाओ ने मंदिरो और दुर्गा पंडालों में दिए गए कंटेनरों को टीम नेकी की दीवार के सहयोग से एकत्रित सामग्री को लखनवाड़ा घाट बैनगंगा नदी के किनारे बने विसर्जन कुंड में विधिवत तरीके से विसर्जित किया।
बताया गया कि पूजन सामग्री को पॉलिथिन के बैग में विसर्जन करने से नदी और तालाबों में बढ़ते प्रदूषण को कम करने में यह पहल लाभप्रद साबित होगी। पर्यावरण को बचाए रखने के लिये हुए इस अभियान में डॉ. सौरभ जठार, रूपेश कोहरु, सुरेश बघेल, सुनील बघेल, कपिल पांडे, बलराम बघेल, विपिन कोन्हेर, दिनेश सनोडिया, लालू तिवारी, शानू श्रीवास्तव, विपिन शर्मा, आशीष बघेल, रितेश व अन्य का सहयोग रहा।

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