45 से ऊपर वालों को कोविशील्ड नहीं अब लगेगा कोवैक्सीन, सिवनी को मिला 6990 डोज

हेल्थ केयर वर्कर और फ्रंट लाइन वर्कर का नहीं होगा वैक्सीनेशन, केवल दूसरा डोज लगेगा

By: akhilesh thakur

Published: 05 Apr 2021, 09:45 AM IST

सिवनी. जिले के हेल्थ केयर वर्कर और फ्रंट लाइन वर्कर का अब वैक्सीनेशन नहीं होगा। जिन लोगों ने पहला डोज लगवाया है उनको दूसरा डोज लगाया जाएगा। उधर जिला अस्पताल परिसर में बनाए गए वैक्सीनेशन केन्द्र पर शनिवार को वैक्सीन खत्म होने से किसी का वैक्सीनेशन नहीं हुआ। वैक्सीनेशन के लिए आए लोग बैरंग लौट गए। जिले के बरघाट, मलारा, छपारा, कहानी, लखनादौन, भोमा, गोपालगंज में बनाए गए वैक्सीनेशन सेंटर पर शनिवार को 503 लोगों को वैक्सीन लगाया गया था। इसके बाद वैक्सीन खत्म हो गया, जिले में एक भी डोज वैक्सीन नहीं था। रविवार को दोपहर एक बजे 6990 डोज वैक्सीन आया है।
जिले के ४५ वर्ष से लोगों का वैक्सीनेशन जोरों पर चल रहा है। सिवनी में रविवार को कोविशील्ड वैक्सीन नहीं आया है। अब जिलेवासियों को केवल कोवैक्सीन लगाया जाएगा। जिले में कोवैक्सीन आने की पुष्टि सीएमएचओ डॉ. केसी मेश्राम ने की है। बताया कि सोमवार से जिले के सभी सेंटरों पर वैक्सीन लगाया जाएगा। आकड़ों पर गौर करें तो अब तक जिले में ८५१३३ लोगों को वैक्सीनेशन हो चुका है। इसमें हेल्थ केयर वर्कर ५४२८ और फ्रंट लाइन वर्कर ३४५३ को लगाया गया है। इनमें अधिकांश को दूसरा डोज भी लग चुका है। ४५ वर्ष से ऊपर के ३८ तथा ६० वर्ष से ऊपर वालों को ४२५ लोगों को दूसरा डोज लगाया जा चुका है।


खत्म हो चुका था कीट, रविवार को आया
जिले में केवल वैक्सीन ही नहीं कोविड टेस्ट करने वाले कीट की स्थिति भी सही नहीं है। आए दिन यह खत्म हो रहा है। सीएमएचओ ने शनिवार को कीट खत्म होने की पुष्टि की है। बताया कि रविवार को दोपहर तक रैपीड 450 कीट आया है। आरटी-पीसीआर अभी 3500 हैं। बताया कि यह कीट पांच दिन चलाना है। आकड़ों पर गौर करें तो प्रतिदिन जिला अस्पताल में करीब 100 लोग टेस्ट के लिए आ रहे हैं, लेकिन इसमें करीब 70 लोगों का ही टेस्ट हो पा रहा है। टेस्ट के लिए आने वाले लोगों के लौटने की पुष्टि सीएमएचओ ने भी की है।


बिना अनुमति निजी नर्सिंग होम व लैब में हो रहा आरटी-पीसीआर टेस्ट
निजी नर्सिंग होम संचालक और पैथोलॉजी लैब वाले आरटी-पीसीआर टेस्ट कर रहे हैं। खास है जिले में इसकी किसी को अनुमति नहीं है। ऐसे में ये लोग कैसे कर रहे हैं। इसकी कोई जानकारी नहीं है। खास है कि आरटी-पीसीआर टेस्ट बारापत्थर चौक, कटंगी रोड सहित शहर के अलग-अलग स्थानों पर लैब चलाने वाले लोगों से पैसे उगाही का धंधा बना लिए हैं। साथ ही उनके द्वारा टेस्ट किए जाने और मरीज के पॉजिटिव आने से कोविड-१९ प्रोटोकाल के पालन को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। इस संबंध में सीएमएचओ डॉ. मेश्राम ने बताया कि दो नर्सिंग होम संचालक और लैब द्वारा टेस्ट कराए जाने की जानकारी मिली है। बताया कि किसी को इसकी अनुमति नहीं है। ये लोग कैसे टेस्ट कर रहे हैं इसकी जानकारी मुझे भी नहीं है।

akhilesh thakur Bureau Incharge
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned