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सिवनी

शिक्षा में बाधा बन रही तीन किमी कीचड़ भरी सडक़

– सिवनी जिले के आदिवासी अंचल छपारा ब्लॉक का मामला

सिवनीJul 07, 2024 / 06:00 pm

sunil vanderwar

जर्जर सडक़ के हाल देखते क्षेत्रीय ग्रामीण।

जर्जर सडक़ के हाल देखते क्षेत्रीय ग्रामीण।

सिवनी/छपारा. सरकार हर साल लाखों-करोड़ों रुपए के बजट बनाकर दूर-दराज गांव तक विकास के दावे कर रही है, लेकिन सिवनी जिले के आदिवासी अंचल छपारा ब्लॉक से ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो दावों पर सवाल खड़े करती हैं। यहां के भरगा और चमारी गांव के बीच तीन किमी लम्बी सडक़ पूरी तरह से कीचड़ से भरी है, जिससे रोजाना ग्रामीणों, स्कूली बच्चों को पैदल गुजरना पड़ रहा है। अब हालात ये हो गए हैं कि बच्चे तीन किमी का पैदल सफर करते परेशान होकर पढ़ाई छोडऩे को मजबूर हो रहे हैं।
कीचड़ भरी सडक़ से स्कूल जाती छात्रा।
कीचड़ भरी सडक़ से स्कूल जाती छात्रा।

ग्रामीणों के मुताबिक चमारी उप तहसील के भरगा और चमारी गांव के बीच तीन किलोमीटर की सडक़ पिछले तीन दशक से बदहाल है। बारिश के दिनों में सडक़ दलदल में तब्दील हो जाती है। जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है।
गांव के अफरोज खान में बताया कि इस मार्ग में बनी पुलिया बह चुकी है। सडक़ और पुलिया बनवाने कई बार अधिकारियों को आवेदन भी कर चुके हैं, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ है। बताया कि यह सडक़ ग्राम पंचायत तेंदनी और लाठगांव के अंतर्गत आती है। यहां से क्षेत्र के दो दर्जन ग्रामों का संपर्क जुड़ा है। सडक़ खराब हो जाने की वजह से आसपास के ग्राम भरगा, बड़पानी, लाठगांव, ढोडा, पहाडिय़ा, सर्रा, सोनिया व अन्य गांव के लोगों का आना-जाना होता है। इन गांव के लोगों को चमारी मुख्यालय आने-जाने और बच्चों को हाइस्कूल, हायर सेकेण्डरी स्कूल की शिक्षा पाने के लिए इसी रास्ते से पैदल गुजरना पड़ता है। इस मार्ग के बंद होने की स्थिति में 15 किलोमीटर घूम कर चमारी गांव पहुंच पाते हैं। लेकिन इसके बाद भी अधिकारी और जनप्रतिनिधि ध्यान नहीं दे रहे हैं। इस क्षेत्र की ग्राम पंचायत तेंदनी के सरपंच दिनेश अहाके का कहना है कि हमने कई बार शासन-प्रशासन को दो ग्राम पंचायत के बीच की इस सडक़ को बनवाने आवेदन-निवेदन कर चुके हैं। अब तक कोई स्वीकृति नहीं मिल पाई है। फिलहाल यहां जरूरी मरम्मत और सुधार कराने का प्रयास करेंगे, ताकि पैदल आने-जाने वाले ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को सुविधा हो।

जनप्रतिनिधियों पर नाराजगी-
इस सडक़ को बनवाने की मांग लोगों ने पहले विधानसभा और फिर लोकसभा चुनाव के समय भी उठा चुके हैं, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला है। बताया कि यह क्षेत्र सिवनी विधानसभा एवं सिवनी-बालाघाट लोकसभा के अंतर्गत आता है। यहां से भाजपा के जनप्रतिनिधि निर्वाचित हुए हैं। सरकार भी भाजपा की है, इसके बावजूद जनप्रतिनिधि सडक़ जैसी मूलभूत जरूरत को पूरा नहीं करा पा रहे हैं। जिससे क्षेत्रवासियों में नाराजगी है।

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