बाघ ने किया दो बैल का शिकार, एफडी ने शुरू कराया हाथी से सर्चिंग, लगवाया 10 कैमरा

घाटकोहका बफर क्षेत्र के झिरिया टोला की घटना

By: akhilesh thakur

Published: 05 Apr 2021, 09:31 AM IST

सिवनी. पेंच टाइगर रिजर्व से लगे बफर क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों पर बाघ का दहशत बना हुआ है। अलग-अलग स्थानों पर बाघ ने दो दिनों के अंदर एक वृद्ध और किशोरी का शिकार किया। इसको लेकर ग्रामीणों का आक्रोश अभी ठंडा भी नहीं हुआ। इसबीच घाटकोहका बफर क्षेत्र के मोहगांव सड़क बीट अंतर्गत कक्ष क्रमांक पी-455 से लगे राजस्व क्षेत्र झिरिया टोला में शनिवार की देर रात बाघ ने दो बैल का शिकार कर लिया। इसकी जानकारी लगते ही रविवार की सुबह क्षेत्र संचालक (एफडी) व उप संचालक मौके पर पहुंचे और सर्चिंग तेज कराई। आसपास के क्षेत्र में करीब १० कैमरे लगाए गए हैं।
जानकारी के अनुसार पशुपालक सिमरन लाल वाडि़वा शनिवार की रात खेत पर बने टपरे के अंदर दो बैल बांधकर उसके पीछे वाले टपरे में सो रहा था। इसबीच देर रात करीब तीन बजे बैलों के चिल्लाने की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचा तो देखा कि एक बैल को बाघ ने मार दिया और दूसरे बैल के गले की हड्डी टूटने से वह तड़प रहा था। पशुपालक तुरंत वहां से झिरिया टोला में रहने वाले फारेस्ट गॉर्ड को बुलाने चला गया। बताया कि जब मैं उसे लेकर वापस आया तो देखा कि शिकार किए गए बैल को बाघ खा रहा था। सुबह का उजाला होते देख बाघ शिकार किए गए बैल को वहीं छोड़कर चला गया। वनरक्षक ने जब इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी। आनन-फानन में दल के साथ क्षेत्र संचालक विक्रम सिंह परिहार और उप संचालक मौके पर पहुंच गए। दोनों ने मौका मुआयना करने के बाद पशुपालक को मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। उधर इस घटना के बाद से क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है।

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बछड़े के शिकार का नहीं मिला मुआवजा, अफसर बोले चला गया हैं खाते में राशि
पशुपालक सिमरन लाल ने बताया कि २७ जनवरी को बाघ ने इसी जगह बछड़े का शिकार किया था। इसका मुआवजा अब तक नहीं मिला है। मौके पर रविवार को आए अधिकारियों ने बताया कि उसका मुआवजा उसके खाते में भेज दिया गया है। ऐसे में अब सवाल यह खड़ा हो रहा है कि पेंच प्रबंधन ने जो मुआवजा भेजा है वह किसके खाते में गया है, क्योंकि पीडि़त की माने तो उसका कहना है कि उसे मुआवजा नहीं मिला और अधिकारियों का कहना है कि मुआवजा खाते में भेज दिया गया है। ऐसे में पेंच प्रबंधन सवालों के कटघरे में खड़ा हो गया है। हालांकि अभी पशुपालक बैल का शिकार हो जाने से खेती करने की समस्या को लेकर चिंतित नजर आया। उसने रोते हुए बताया कि अब मैं कैसे खेती करुंगा।

akhilesh thakur Bureau Incharge
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