बिजली लाइन को छूना हो सकता है खतरनाक, रहें सावधान

आंधी-तूफान से लाइन गिरने पर समीप के बिजली कार्यालय या 1912 पर शीघ्र दें सूचना

By: sunil vanderwar

Published: 08 Jun 2019, 11:57 AM IST

सिवनी. मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड लखनादौन संभाग के कार्यपालन यंत्री राजेश बेलवंशी ने नागरिकों से कहा है कि ऐसी बिजली लाइनें जिनमें विद्युत शक्ति प्रवाहित होती है, यदि आँधी तूफान, भीषण गर्मी या अन्य किसी कारण से टूट जाती या जमीन पर गिर जाती हैं, को अकस्मात् छूकर खतरा मोल न लें। लाइन टूटने की सूचना शीघ्र ही समीप के बिजली कंपनी कार्यालय में दें। ऐसी सूचना काल सेंटर 1912 पर भी दे सकते हैं।
कहा कि नए घर बनाते समय विद्युत पारेषण अथवा वितरण लाइन से समुचित दूरी रखने को कहा गया है। विद्युत लाइनों, उपकरणों एवं खंभों से छेडख़ानी, विद्युत अधिनियम के अंतर्गत दण्डनीय अपराध है। खेतों खलिहानों में ऊंची-ऊंची घास की गंजी, कटी फसल की ढेरियां, झोपड़ी, मकान अथवा तंबू आदि विद्युत लाइनों के नीचे अथवा अत्यंत समीप न बनाने को कहा गया है।
कार्यपालन यंत्री ने बताया कि बच्चों को पतंग अथवा लंगर का खेल खेलते तरह-तरह के धागे और डोर विद्युत लाइनों में फंसा देने से रोकने, लाइनों में फंसी पतंग निकालने के लिए बच्चों को कभी भी खंभे पर न चढऩे देने, लाइन पर तार या झाडिय़ां न फेंकने देने और यदि कोई ऐसा करता है तो इसकी सूचना पास के पुलिस थाने या विद्युत कंपनी के वितरण केन्द्र में देने को भी कहा गया है। विद्युत लाइनों के पास लगे वृक्ष या उनकी शाखा को न काटने को कहा गया है। बिजली के तारों पर कपड़े आदि न डालने, बिजली के खंभों या स्टे-वायर से जानवर आदि न बांधने और न ही जानवरों को इससे रगडऩे से रोकने का भी आग्रह नागरिकों से कम्पनी ने किया है।
नागरिकों से कहा गया है कि कोई व्यक्ति सजीव चालू लाइन के तारों के संपर्क में आ जाता है तो स्विच से विद्युत प्रवाह तुरंत बंद करने, स्विच बंद न कर सकने की स्थिति में दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को सूखी रस्सी, सूखा कपड़ा या सूखी लकड़ी की सहायता से सजीव तारों से तत्काल अलग करने को कहा गया है। दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को सूखी जमीन या सूखे फर्श पर लिटाने, कृत्रिम सांस देकर प्रथमोपचार करने, डॉक्टर को तत्काल बुला कर कृत्रिम सांस दिलवाने अथवा उसे शीघ्र अस्पताल पहुँचाने की सलाह भी दी गई है। इसके अलावा घरेलू उपकरणों एवं विद्युत फिटिंग की अर्थिंग, प्रकाश या थ्रेशर चलाने के लिए लम्बे एवं जोड़ वाले तारों का उपयोग न करने, थ्रेशर के तारों को बिजली कंपनी की लाइनों से अनधिकृत रूप से न जोडऩे को भी कहा गया है।

Show More
sunil vanderwar Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned