scriptveer shahid raja shankar shah v rghunath shah | राजा शंकर व रघुनाथ शाह ने अंग्रेजों के सामने झुकने से कर दिया था इंकार | Patrika News

राजा शंकर व रघुनाथ शाह ने अंग्रेजों के सामने झुकने से कर दिया था इंकार

- 18 सितंबर 1857 को जबलपुर में तोप के सामने बांधकर उड़ा दिया था अंग्रेजों ने
- शहादत दिवस पर निकाली रैली किया श्रद्धांजलि सभा का आयोजन

सिवनी

Published: September 19, 2022 07:05:43 pm

सिवनी. गोंडवाना राज्य के वीर शहीद राजा शंकर शाह व कुंवर रघुनाथ शाह के 165वें बलिदान दिवस पर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के नेतृत्व में रविवार को आदेगांव में रैली निकाली गई। बड़ी संख्या में लोग रैली में शामिल हुए। बस स्टैंड से आरंभ होकर रैली पूरे गांव के भ्रमण उपरांत प्रेमनगर स्थित मित्र मिलन स्टेडियम पहुंची, जहां श्रृद्धांजलि सभा का आयोजन हुआ।
राजा शंकर व रघुनाथ शाह ने अंग्रेजों के सामने झुकने से कर दिया था इंकार
राजा शंकर व रघुनाथ शाह ने अंग्रेजों के सामने झुकने से कर दिया था इंकार

सभा में राजा शंकर शाह व रघुनाथ शाह के चित्र पर अतिथियो ने पुष्पांजलि अर्पित कर इसकी शुरुआत की। इसके बाद उक्त दिवस के इतिहास से उपस्थितजन समुदाय को अवगत कराया। वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 1857 में जबलपुर में तैनात अंग्रेजों की 52वीं रेजीमेंट का कमांडर क्लार्क बहुत ही क्रूर था। वह इलाके के छोटे राजाओं, जमीदारों को परेशान करता था। मनमाना कर वसूलता था।
इस पर तत्कालीन गोंडवाना राज्य जो कि मौजूदा जबलपुर और मंडला का इलाका था, वहां के राजा शंकर शाह और उनके बेटे कुंवर रघुनाथ शाह ने अंग्रेज कमांडर क्लार्क के सामने झुकने से इंकार कर दिया। दोनों ने आसपास के राजाओं को अंग्रेजों के खिलाफ इक_ा करना शुरू किया। दोनों बाप-बेटे अच्छे कवि थे और वह अपनी कविताओं के जरिए राज्य में लोगों को क्रांति के लिए प्रेरित किया करते थे।
राजा शंकर शाह और उनके पुत्र रघुनाथ शाह अपनी सेना के साथ अंग्रेजों का विरोध करना शुरू कर दिए, लेकिन दोनों के पास इतनी सेना नहीं थी कि वे अंग्रेजों से लड़ सकते। इसलिए शंकर शाह और रघुनाथ शाह ने अंग्रेजों से लडऩे के लिए सामाजिक आंदोलन चलाया। लोगों को अंग्रेजों के खिलाफ खड़ा करने के लिए मुहिम शुरू की। इस बात की भनक जब अंग्रेजों को लगी तो वे डर गए। पिता-पुत्र से डरे अंग्रेजों ने उनकी आवाज दबाने के लिए उनको मारने का षड्यंत्र रचा।
अंग्रेजों ने चालाकी से दोनों गोंड राजाओं को गिरफ्तार कर 18 सितंबर 1857 को पिता और पुत्र को तोप के आगे बांधकर उड़ा दिया। राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह की शहादत की याद मे 18 सितंबर को प्रतिवर्ष बलिदान दिवस के रूप में कार्यक्रम आयोजित होता है।
जिला पंचायत सदस्य रॉविन सिंह बट्टी, पितई मसराम, जनपद सदस्य सचिन पाटकर, मुकेश डेहरिया, रामनरेश मर्सकोले सहिहत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।


धूमधाम से मनाया गया राजा शंकर शाह व रघुनाथ शाह का बलिदान दिवस
सिवनी. अखिल भारतीय गोंडवाना गोंड महासभा के तत्वावधान में सिवनी-मंडला मार्ग स्थित ग्राम चुरना टोला में रविवार को गोंडवाना महाराजा शंकर शाह पुत्र कुंवर शाह के बलिदान दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस मौके पर उनको श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व विधायक कमल मर्सकोले रहे।
इस अवसर पर वक्ताओं ने गोंडवाना महाराजा के कृत्यों को याद किया। नरेंद्र कुंजाम, अशोक सिरसाम, संतोष वरकड़े, सकीलाल उइके, नरेश मरावी, संतोष ककोडिया, संदीप मरावी, घुडऩ सिंह यूइके ओमप्रकाश नरेटी, सरपंच विनीता मरावी, सरपंच राजेंद्र कुंजाम, कमला बाई आह्के, महेंद्र सिंह ऊइके, चिंटा सलामे, इजी. गुलशन मरावी, अखिल भारतीय गोंडवाना गोंड महासभा दिल्ली के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व आईएएस, विधायक कांकेर विधानसभा, शिशुपाल सोरी आदि रहे।
बाक्स -
अखिल भारतीय गोंडवाना गोंड महासभा के विस्तार की जिम्मेदारी कमल को
इस अवसर पर अखिल भारतीय गोंडवाना गोंड महासभा 14 राज्यों के संगठन की समीक्षा बैठक हुई। राष्ट्रीय संगठन मंत्री पूर्व विधायक कमल मर्सकोले मध्यप्रदेश की ओर से शामिल हुए। उनको अखिल भारतीय गोंडवाना गोंड महासभा को विस्तार करने का प्रभार सौंपा गया। इसके पालन में चंदनलाल मार्सकोले को मध्यप्रदेश कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। राष्ट्रीय स्तर के संगठन में सहयोग करने एवं राष्ट्र में गोंडवाना की एक रीति एक रिवाज धर्म, भाषा, संस्कृति, इतिहास के लिए सहमति और भरपूर सहयोग करने की सहमति प्रदान की गई। गोंड, गोंडी, गोंडवाना के आंदोलन को राष्ट्रीय पहचान आसित्व और स्वाभिमान के लिए संघर्ष करने के लिए सभी ने एक सुर से गोंडवाना की रियासत, विरासत, सियासत के वैभव गौरव और सम्मान के लिए एकजुट होकर कार्य करने की बात कही।

सबसे लोकप्रिय

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

Weather Update: राजस्थान में बारिश को लेकर मौसम विभाग का आया लेटेस्ट अपडेट, पढ़ें खबरTata Blackbird मचाएगी बाजार में धूम! एडवांस फीचर्स के चलते Creta को मिलेगी बड़ी टक्करजयपुर के करीब गांव में सात दिन से सो भी नहीं पा रहे ग्रामीण, रात भर जागकर दे रहे पहरासातवीं के छात्रों ने चिट्ठी में लिखा अपना दुःख, प्रिंसिपल से कहा लड़कियां class में करती हैं ऐसी हरकतेंनए रंग में पेश हुई Maruti की ये 28Km माइलेज़ देने वाली SUV, अगले महीने भारत में होगी लॉन्चGanesh Chaturthi 2022: गणेश चतुर्थी पर गणपति जी की मूर्ति स्थापना का सबसे शुभ मुहूर्त यहां देखेंJaipur में सनकी आशिक ने कर दी बड़ी वारदात, लड़की थाने पहुंची और सुनाई हैरान करने वाली कहानीOptical Illusion: उल्लुओं के बीच में छुपी है एक बिल्ली, आपकी नजर है तेज तो 20 सेकंड में ढूंढकर दिखाये

बड़ी खबरें

Nitin Gadkari का बड़ा ऐलान, अगले साल से सभी गाड़ियों में 6 एयरबैग लगाना हुआ अनिवार्यPFI पर ऐक्शन से पाकिस्तान में खलबली, संयुक्त राष्ट्र के सामने लगाई गुहारअशोक गहलोत का ऐलान, नहीं लड़ेंगे कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव, बोले- दो दिन पहले हुई घटना से बहुत आहतटी20 वर्ल्ड कप से पहले भारत को बड़ा झटका, चोट के चलते जसप्रीत बुमराह टूर्नामेंट से बाहर हुएमहिलाओं के हक में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला- विवाहित की तरह अविवाहित को भी गर्भपात का अधिकारसोशल मीडिया पर भी लगाम, प्रतिबंध के बाद अब PFI का ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट भी हुआ बंदJammu-Kashmir News: उधमपुर भेजी गई NIA की टीम, 8 घंटे के अंदर हुए 2 सीरियल ब्लास्ट मामले में कर रही जांचअंकिता भंडारी मर्डर केस में आरएसएस नेता पर दर्ज हुआ मुकदमा, जानिए क्या है पूरा मामला
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.