स्वास्थ्य सुविधाओं को भटक रहे ग्रामीण

जिस कारण आमजन झोलाछापो की सरण लेने को मजबूर है।

By: mantosh singh

Updated: 05 Sep 2019, 11:37 AM IST

सिवनी. लखनादौन विकासखंड के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र आदेगांव जिसके अंतर्गत लगभग 70 से 80 ग्राम आते है। जहां स्वस्थ विभाग में कर्मचारियों के अत्यअधिक पद रिक्त पड़े है। जिस कारण आमजन झोलाछापो की सरण लेने को मजबूर है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इन दिनों स्वस्थ स्टाफ के न होने से महज सोभा का केंद्र बना हुआ है। वर्षो से स्वीकृत पदों को न भरे जाने के कारण पर्याप्त सुविधाओं से तो वैसे ही वंछिन्त था। किन्तु अब और केंद्र में पदस्त एक मात्र महिला चिकित्सक जिसको विभाग द्वारा 4 माह की ट्रेनिंग के लिए भेज दिया गया है।
जबकि इन दिनों नगर सहित आसपास समूचे क्षेत्र में मौसमी बीमारी की भरमार है। जिससे नगर सहित आसपास ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछापो के क्लिनिक चल रहे है। आलम यह है कि हर 500 आवादी बाले क्षेत्र में इनकी दुकानदारी फैल चुकी है। जो ग्रामीणों की जान से खेलने का काम बखूबी कर रहे है।
स्टाप नर्स सहित अन्य पद कई वर्षों से खाली ही पड़े है। ग्रामीणों के वर्षो मांग के बाद बमुश्किल लेबटेक्नेशियन का पद भर गया था। जिसमें सप्ताह में 3 दिन गर्भवती माताओं को इसकी सुविधाएं मिल पा रही थी। किन्तु थोक के भाव में हुए ट्रांसफर के चलते उक्त लेवटेक्नीशियन का भी स्थानांतरण बरघाट कर दिया गया। स्थिति जस की तस बनी हुई है। स्टाप नर्स के न होने से डिलेवरी के लिए भी लोगो को 40 से 50 किलोमीटर की दूरी तय करके लखनादौन जाना पड़ रहा है। कई बार समय पर वाहन उपलब्ध न होने की स्थिति में घर में ही प्रसव कराना पड़ता है। जो पूर्णता असुरक्षित है। इसमें जच्चा व बच्चा दोनो को जान का खतरा बना रहता है। जबकि पूर्व में इसी स्वस्थ केंद्र में लगभग 50 प्रसव प्रतिमाह कराए जाते थे।
वर्तमान में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आदेगांव में लेवटेक्नीशियन, ड्रेसर, वार्ड वाय, फार्मासिस्ट, डाटा एंट्री ऑपरेटर, स्पोर्ट स्टाप आदि के पद खाली पड़े है। स्थानीय नागरिकों द्वारा अनेको बार खाली पदों को भरने की मांग उठाई जाती रही है। जिससे क्षेत्रवासियों को स्वस्थ सुविधाएं मुहैया कराई जा सके और उन्हें झोलाछापो के चंगुल से बचाया जा सके।
वर्तमान में एक महिला चिकित्सक, एक फार्मासिस्ट, एएनएम, वाटरमैन, स्वीपर मात्र के भरोसे यह स्वस्थ केंद्र संचालित किया जा रहा था। जिसकी स्थिति और दयनीय हो चुकी। जब विभाग द्वारा केंद्र में पदस्त एक मात्र महिला चिकित्सक को 4 माह की ट्रेनिंग के लिए भेज दिया गया है। ऐसी स्थिति में गर्ववती महिलाओं सहित अन्य ग्रामीणों को मजबूरन छोलाछापो की सरण में जाना पड़ रहा है।
क्षेत्रीय विधायक भी नहीं दे रहे ध्यान.....
लखनादौन से विधायक योगेंद्र सिंह बाबा को भी स्थानीय नागरिकों सहित नेताओ ने लिखित आवेदन देकर स्वास्थ केंद्र में खाली पड़े पदों को भरने की मांग की जा चुकी है। जिसमे कांग्रेस के सेक्टर अध्यक्ष राजेश तिवारी द्वारा वर्तमान में स्थानांतरण उपरांत जो कर्मचारि जिले में आ रहे है। प्राथमिकता अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आदेगांव में स्टापनर्स सहिंत अन्य रिक्त पड़े पदों पर पदस्थापना की जाए। जिससे वर्षो से बंद पड़ी प्रसव व्यवस्था चालू हो सके। जिससे कुछ हद तक आमजन को राहत मिलेगी। गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच हेतु लेवटेक्नीशियन सहित अन्य पदों को भरने की मांग की गई थी। किन्तु महीनों बीतजाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
5 उपस्वास्थ्य केंद्र में एएनएम के पद खाली .......
उक्त स्वस्थ केंद्र के अंतर्गत 9 उप स्वास्थ्य केंद्र आते है। जिसमे 5 केंद्रों में एइनएम के पद खाली पड़े है। जिससे टीका कारण सहित अन्य राष्ट्रीय कार्यक्रम प्रभावित हो रहे है। वर्तमान में मढ़ी, पाटन, पिपरिया मेहरा, ओझेरा, मचवाड़ा में रिक्त पद पड़े है। यहां एएनएम की पदस्थापना कराने की मांग क्षेत्रीय विधायक सहित विभाग से की जा रही है। जिसमें आमजन को समय पर स्वस्थ सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

mantosh singh Editorial Incharge
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