२३ साल से था जिसका इंतजार, वो अब मिला...

२३ साल से था जिसका इंतजार, वो अब मिला...

Sunil Vandewar | Publish: May, 30 2018 11:57:31 AM (IST) Seoni, Madhya Pradesh, India

अध्यापकों को मिला शिक्षा विभाग व 7वां वेतनमान, अध्यापक संवर्ग में खुशी की लहर, बांटी मिठाई

सिवनी. २३ साल से जिसका इंतजार कर रहे थे, वो अब मिला है। इस लंबे इंतजार के बाद जैसे कोई सपना साकार हो गया है। यह बात जिले के अध्यापकों के द्वारा कही जा रही है। अध्यापकों को अपने लंबे संघर्ष के परिणाम स्वरुप मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की कैबिनेट ने शिक्षा विभाग में संविलियन और सातवें वेतनमान का तोहफा दे दिया है। जिले के विभिन्न अध्यापक संगठनों ने वर्षों के इंतजार के बाद मिली जीत पर आतिशबाजी कर, मिठाई बांट, एक-दूसरे को बधाई देते खुशी जाहिर की है।
आजाद अध्यापक संघ के जिला अध्यक्ष कपिल बघेल, अध्यापक संघ के विपनेश जैन व अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेश का अध्यापक पिछले 2३ वर्षों से निरंतर अपनी न्यायोचित मांगों के लिए संघर्षरत था। लंबे संघर्ष के परिणाम स्वरुप मंगलवार को सभी अध्यापकों के लिए खुशियों का पल आया है। मध्यप्रदेश की कैबिनेट में प्रदेश के 2 लाख 34 हजार अध्यापकों को शिक्षा विभाग में संविलियन और सातवें वेतनमान का लाभ देने के प्रस्ताव में मोहर लगाई है। साथ ही अध्यापक अब शासकीय कर्मचारी के रूप में जाना जाएगा। इस आदेश पर मोहर लगने के बाद प्रदेश के अध्यापकों में खुशियों का माहौल है।
आजाद अध्यापक संघ के जिलाध्यक्ष ने बताया कि मांग के संबंध में 24 मई को प्रदेश अध्यक्ष भरत पटेल के नेतृत्व में भोपाल में हुए आंदोलन में सिवनी जिले से बड़ी संख्या में अध्यापक गए हुए थे। जिनके सामने शिक्षा मंत्री ने उपस्थित होकर जल्द से जल्द निराकरण का आश्वासन दिया था। उन्होंने कहा कि अब जो भी मांग अध्यापकों की लंबित है। उसके लिए मुख्यमंत्री से अध्यापक संघ के प्रतिनिधि मुलाकात कर आग्रह करेंगे।
संघर्ष की यात्रा से मिली सफलता की मंजिल -
अध्यापक संविदा शिक्षक संघ के अध्यक्ष श्रवण डहरवाल व पदाधिकारियों, सदस्यों ने मांग पूरी होने पर हर्ष व्यक्त कर कहा कि अध्यापक संवर्ग की वर्षों की संघर्ष की यात्रा समाप्त हुई और हमारी मूल मांग शिक्षा विभाग में संविलियन की हमें मिली। संगठित होकर संघर्ष के मार्ग पर चलते रहने से सफलता की मंजिल मिली है। साथी अध्यापक संवर्ग के समस्त संगठनों एवं समस्त अध्यापकों ने अपने संघर्ष की यात्रा को बिना रुके लगातार सरकार के सामने रखे और आज हमारी मूल मांग पर सफलता की मोहर लग गई। इसके लिए मीडिया का भी आभार जाहिर किया है।
अध्यापकों ने कहा अब पूरा हुआ है सपना

2३ साल के सतत संघर्ष के बाद अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति परिणाम स्वरूप मप्र के अध्यापक संवर्ग का शिक्षा विभाग में संविलयन किया गया है। जिससे जिले सहित समस्त प्रदेश के अध्यपको में खुशी की लहर है। राज्य अध्यापक संघ सिवनी के गजेंद्र सिंह बघेल ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार ने अध्यापको का शिक्षा विभाग में संविलियन के प्रस्ताव पर केबिनेट में अपनी मोहर लगा दी है।
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में मंगलवार को राज्य अध्यापक संघ के पदाधिकारी एकत्रित हुए और जीत का हर्ष व्यक्त किया। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष विपनेश जैन, राकेश दुबे, चित्तौड़ कुशराम, महफूज खान, परमानंद डहेरिया, फारुख खान, अशोक अवस्थी, चुनेंद्र विसेन, सुनील तिवारी, सुनील राय, सुनील पंवार, ब्रजमोहन सनोडिया, मुकेश नेमा, दीपक ठाकुर, रामकृष्ण दुबे, मोहन विश्वकर्मा, रतन राय, अवधेश वर्मा, वनवारी लाल चंद्रवंशी, पंकज तिवारी, पंकज सिरसाम, सुरेन्द्र दुबे, ब्रजमोहन बघेल, गुमान बघेल, समसुन्न खान, संगीता पटले, कीर्ति डहेरिया, आरती पांडे आदि की उपस्थिति रही।

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