कोरोना से लड़ने के लिए चाहिए थे 40 डॉक्टर, एक भी नहीं मिला

एनआरएचएम द्वारा मेडिकल कॉलेज में 40 अस्थायी चिकित्सकों की नियुक्ति की जानी थी, 40 पदों पर भर्ती के लिए एक भी आवेदन नहीं आया।

By: Hitendra Sharma

Published: 22 Nov 2020, 10:55 AM IST

Shahdol, Shahdol, Madhya Pradesh, India

शहडोल. कोरोना के लगातार बढ़ रहे मामलों के चलते अस्पतालों में आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। इसमें डॉक्टरों की नियुक्तियां भी शामिल हैं। एनआरएचएम द्वारा मेडिकल कॉलेज में 40 अस्थायी चिकित्सकों की नियुक्ति की जानी थी, लेकिन डॉक्टरों ने इससे दूरी बनाए रखी है। डॉक्टरों के ४० पदों पर मेडिकल कॉलेज द्वारा भर्ती प्रक्रिया शुरू कर आवेदन बुलाए थे, पर एक भी आवेदन नहीं आया। ऐसे में अब कॉलेज प्रबंधन केा पुरानी व्यवस्था के अनुरूप ही काम करना पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत ४० अस्थायी चिकित्सकों की भर्ती की जानी थी। इनमें एनेस्थीसिया, मेडिसिन और एमबीबीएस चिकित्सकों के पद पर आवेदन बुलवाए गए थे। मेडिकल कॉलेज में फिलहाल ९५ चिकित्सक कार्यरत हैं।
मेडिकल कॉलेज शहडोल के डीन डॉ. मिलिंद शिरालकर ने बताया कि अस्थायी चिकित्सकों की भर्ती के लिए आवेदन बुलाए गए थे, पर एक भी आवेदन नहीं मिला। अब जितना स्टाफ है, उन्हीं की मदद से मरीजों का इलाज किया जाएगा।

rewa_hospital.jpg

अस्पताल में डॉक्टरों के साथ झूमाझटकी कर की तोडफ़ोड़
रीवा में सडक़ हादसे में घायल युवक को लेकर पहुंचे एक दर्जन युवकों ने देर रात संजय गांधी अस्पताल में जमकर हंगामा किया। इलाज को लेकर डॉक्टरों से झूमाझटकी कर तोडफ़ोड़ की गई। सूचना पर भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और चार आरोपियों को गिरफ्त में लिया। शुक्रवार रात समान थाना क्षेत्र में हुए सड़क हादसे में घायल युवक को कुछ युवक लेकर आए थे। घायल के साथ आए युवकों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। डॉक्टरों और स्टाफ को गालियां दीं। झूमाझटकी कर तोडफ़ोड़ शुरू कर दी। इसके बाद आरोपी फरार हो गए। हंगामे के कारण अस्पताल में भर्ती मरीजों में दहशत फैल गई। इधर पुलिस के पहुंचने पर आक्रोशित डॉक्टरों और स्टाफ ने पुलिस को गेट पर ही रोक लिया। समझाइश के बाद मामला शंात हुआ। चार आरोपियों पर धारा 151 के तहत कार्रवाई की है।

np_prajapati.jpg

मास्क-सोशल डिस्टेंस की अनिवार्यता भूले पूर्व विधानसभा अध्यक्ष
नरसिंहपुर में कोरोना से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंस और मास्क लगाने की अनिवार्यता का पालन अभी भी माननीय नहीं कर रहे हैं। कई अवसरों पर वे इससे चूक जाते हैं या फिर इसकी अनदेखी करते हैं। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं गोटेगांव विधायक एनपी प्रजापति ने शनिवार को दिव्यांग महिला को बैटरीयुक्त ट्रायसाइकिल भेंट की। इस दौरान सोशल डिस्टेंस और मास्क लगाने के नियम का पालन नहीं किया। गौरतलब है कि जिले में मास्क न लगाने और सोशल डिस्टेंस का सरेआम उल्लंघन करने पर अभी तक एक भी माननीय पर जुर्माना नहीं किया गया, जबकि आम आदमी से अभी तक लाखों रुपए जुर्माना वसूला जा चुका है। हाल ही में कोरोना संक्रमण बढऩे पर प्रदेश में सख्ती की गई है।

Corona virus corona disease
Show More
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned