ठंड में निमोनिया और विंटर डायरिया का कहर 30 दिन में 472 मासूम भर्ती

29 बिस्तर के बच्चा वार्ड में हर दिन पहुंच रहे 30 से ज्यादा मरीज

By: shubham singh

Published: 03 Dec 2019, 08:31 PM IST

शहडोल. ठंड के मौसम में बच्चे निमोनिया और विंटर डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। जैसे-जैसे मौसम में ठंडक बढ़ रही है, बीमार बच्चों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है। वर्तमान में हर दिन करीब तीन दर्जन बीमार बच्चे जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में भर्ती हो रहे हैं। जिला अस्पताल में 1 नवंबर से लेकर 1 दिसंबर तक 472 बच्चे निमोनिया और विंटर डायरिया से पीडि़त होकर बच्चा वार्ड में इलाज के लिए भर्ती हो चुके हैं। महिला व पुरूष भी इस मौसम में सर्दी-खांसी से पीडि़त होकर अस्पताल में पहुंच रहे हैं। ठंड की चपेट में सबसे ज्यादा बच्चे आ रहे हैं। डॉक्टरों की मानें तो देखरेख का अभाव निमोनिया और विंटर डायरिया का मरीज बना रहा है।


ठंड बढ़ी तो 8 दिन में 239 बच्चे भर्ती
नवंबर माह के शुरू से ही बच्चे निमोनिया और विंटर डायरिया की चपेट में आने शुरू हो गए थे लेकिन पिछले एक सप्ताह में इनकी संख्या काफी बढ़ गई है। जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड के आंकड़े कर रहे हैं। जिला अस्पताल में 1 नवंबर से लेकर 23 नवंबर तक कुल 223 बच्चे निमोनिया और विंटर डायरिया से पीडि़त होकर भर्ती हुए थे। े एक सप्ताह में ही 24 नवंबर से लेकर 1 दिसंबर तक में 239 बच्चे निमोनिया और डायरिया से पीडि़त होकर बच्चा वार्ड पहुंच चुके हैं। बच्चा वार्ड में बीमार बच्चों के लिए कुल 29 बेड हैं लेकिन एक सप्ताह से बीमार बच्चों की संख्या ज्यादा है।
रही है।

धीरे-धीरे निमोनियां में तब्दील हो जाती है
जिला अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ सुनील हथगेल के अनुसार, बच्चे को निमोनिया होने से पहले ही परिजनों को इसका इलाज कराना चाहिए। शुरुआत में बच्चे को खांसी-सर्दी होती है, जो लापरवाही बरतने पर बाद में धीरे-धीरे निमोनियां में तब्दील हो जाती है। वहीं ठंड के चलते बच्चे विंटर डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। ठंड के मौसम में बच्चे को हमेश गर्म कपड़े पहनाएं। गर्म खाना और गर्म पानी का ज्यादा इस्तेमाल करें। बच्चे को भीड़-भाड़े वाले स्थान पर न ले जाएं। बासी खाने से परहेज करें। अगर घर में किसी बड़े-बुजुर्ग को सर्दी-खांसी होती है तो बच्चे भी इसकी चपेट में आ जाते हैं। इसलिए अपनी सर्दी-खांसी का तत्काल इलाज कराएं। बच्चा बीमार हो रहा है तो तत्काल उसे नजकीदी स्वास्थ्य केन्द्र पर जाकर विशेषज्ञ डॉक्टर से इलाज कराएं।


एक बिस्तर पर दो बच्चे, महिला-पुरुष भी बढ़े
ठण्ड का असर बच्चों के साथ बड़ों में भी हो रहा है। अस्पताल के ओपीडी में पिछले एक सप्ताह में करीब 5277 मरीज इलाज के लिए पहुंच चुके हैं। वहीं भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या भी कम नहीं है। एक सप्ताह में जिला अस्पताल में 895 लोग बीमार होकर भर्ती हो चुके हैं। उधर बच्चा वार्ड में जगह कम पड़ रही है। इसके चलते एक बेड पर दो बच्चों को लेटाकर इलाज किया जा रहा है।

shubham singh Incharge
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