खेतों में खड़ी किसानों की 70 हजार हेक्टेयर फसल

नहीं मिल रहे मजदूर, कोरोना का असर

शहडोल. जिले के किसानों पर आफत कम होने का नाम नहीं ले रही है, कभी ओला तो कभी असमय बारिश के कारण किसान जहां जिले के किसान फसल को लेकर परेशान हैं, वहीं अब खेतों में कटाई के लिए लगभग 70 हजार हैक्टेयर की फसल कटाई और गहाई पर भी संकट खड़ा हो गया है। बताया गया है कि दलहनी और तिलहनी की फसलों की कटाई लगभग पूर्ण हो चुकी है, वहीं अब लगभग 60 हजार हेक्टेयर गेहूं की फसल की कटाई पर संकट मडऱा रहा है। बताया गया है कि बड़े किसान हार्वेस्टर के सहारे फसलों की कटाई तो कररहे हैं, लेकिन मध्यम वर्गीय किसानों के सामने मजूदूरों की समस्या फसल कटाई में आड़े आ रही है। बताया गया है कि कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण गांव के अधिकांश मजदूर और श्रमिक घरों से बाहर खेतों में नहीं पहुंच रहे हैं, जिसका असर किसानों की फसलों की कटाई और गहाई पर दिखाई दे रहा है।
खेत काटना मजबुरी- भानू प्रताप सिंह- किसान संघ अध्यक्ष-
अभी तक गांवों में किसानों की फसल कटाई के लिए मजदूर रोजी- रोटी की समस्या के लिए काम पर निकल रहे हैं। बड़े किसान हार्वेस्टर के सहारे फसलों की कटाई कर रहे हैं। कहीं-कहीं मजदूरों की समस्या आ रही है। सबसे ज्यादा परेशानी किसानों के लिए गेहूं बिक्री के दौरान होगी, जिससे सरकार को खरीदी की तिथि बढ़ानी होगी।
श्रमिकों की समस्या से फसल कटाई प्रभावित- राम लखन तिवारी- किसान
जिले में ओला और पानी से बची दलहनी और तिलहनी फसलों की कटाई हो चुकी है। गेहूं की फसल पक गई है, इसकी कटाई के लिए पर्याप्त मजदूर नहीं मिल रहे हैं। कोरोना का प्रकोप किसानों की फसलों की कटाई पर दिखाई दे रहा है। श्रमिकों को समझाबुझाकर किसी तरह फसलों की कटाई कराई जा रही है।

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lavkush tiwari Reporting
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