वन विभाग और खनिज विभाग के बीच फंसी कार्रवाई

जंगल की जमीन से निकल रही रेत का मामला

By: shubham singh

Published: 20 Jul 2018, 08:43 PM IST

शहडोल. खनिज विभाग ने अब तक भले 1300 घन मीटर रेत की जब्ती करने में सफलता पाई है, लेकिन वन विभाग की जमीन और जंगली नाले तथा नदियों से निकलने वाली अवैध रेत के मामले खनिज औन वन विभाग का अमला फिसड्डी साबित हुआ है। मामले में कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण रेत माफिया इस समय वन विभाग की रिजर्व भूमि से अवैध रेत का खनन और परिवहन करने में लगा हुआ है। हालात ऐसे हैं कि बारिश के दिनों में नदी नालों से पानी का जल स्तर कम होने के बाद रेत की अवैध निकासी रेत माफियाओं द्वारा की जा रही है। बताया गया है कि वन विभाग के सोन नदी के श्यामडीह, जरवाही, जयसिंहनगर पतेराटोला, ब्यौहारी क्षेत्र के बुडवा गांव के पास सोन नदी के चंडीघाट, जैतपुर क्षेत्र के कुनुक नदी के कोटरी घाट, लुकमानपुरघाट, भोगड़ा घाट, सहित नदी के अन्य घाटों से रेत की निकासी की जा रही है।
हर दिन 100 डंफर से अधिक निकल रही रेत-
जानकारी में बताया गया है कि रेत माफियाओं द्वारा सुबह पांच बजे से रेत का खनन शुरू करने के बाद रात के अंधेरे में रेत का परिवहन किया जाता है। हर दिन लगभग 100 डंपर से अधिक रेत की निकासी करने के बाद रेत का अवैध भण्डारण राजस्व विभाग की जमीन पर किया जाता है, लेकिन जब खनिज विभाग रेत की जब्ती करता है तो उसे लावारिश रेत बताकर कार्रवाई करने के बाद ग्राम पंचायतों को सुपुर्दगी में देकर अपना पल्ला झाड़ लेता है और तब वास्तविक अवैध रेत कारोबारी पर कार्रवाई नहीं हो पाती, जिसका भरपूर लाभ रेत के अवैध कारोबारियों को मिल रहा है।
की जाती है कार्रवाई
वन भूमि से निकलने वाली रेत के विरुद्ध कार्रवाई करना हमारे अधिकार क्षेत्र मे नहीं है। वन भूमि से रेत निकालकर अगर बाहर रेत आती है तो कार्रवाई की जाएगी। बुड़वा क्षेत्र में अभी तीन दिन पहले जंगल विभाग की जमीन और नदी नालों से निकाली रेत की जब्ती की गई है।
फरहत जहां
खनिज अधिकारी
शहडोल

shubham singh Incharge
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