प्रशासन ने मांगी रिपोर्ट, डीएफओ ने सुनी समस्या, स्थापना शाखा भेजी फाइल

अधिकारियों की प्रताडऩा से तंग आकर कर्मचारी ने राज्यपाल से मांगी थी इच्छामृत्यु

By: Ramashankar mishra

Updated: 20 Sep 2021, 01:02 PM IST

शहडोल. खेल और दौड़ में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वन विभाग का मान बढ़ाने वाले कर्मचारी से अधिकारियों से मुलाकात कर समस्याएं सुनी हैं। अधिकारियों ने आवेदन के साथ फाइल स्थापना शाखा को भेज दी है। आगे की कार्रवाई के लिए अधिकारी मामले की जांच करा रहे हैं। पीडि़त वन विभाग के कर्मचारी ने प्रशासन को पत्र लिखकर राज्यपाल से परिवार सहित इच्छामृत्यु की मांग की थी। वनकर्मी का आरोप था कि वन विभाग द्वारा आयोजित प्रतियोगिताओं में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान बढ़ाया है। अब अधिकारियों द्वारा प्रताडि़त किया जा रहा है। प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा नहीं लेने दिया जा रहा है। मामले में प्रशासनिक अधिकारियों ने संज्ञान में लेकर वन विभाग के अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी थी। जिसमें वन मंडलाधिकारी द्वारा जिला प्रशासन को अवगत कराया है कि वन विभाग के संबंधित कर्मचारी से मुलाकात कर समस्याएं जानी हैं। आवेदन भी प्राप्त किया है। कार्रवाई की फाइल स्थापना शाखा के लिए भेजी गई है। उधर वन विभाग के कर्मचारी यज्ञनारायण से शुक्रवार को भोपाल पहुंचकर अपर अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक, वन मंत्री और सीएम कार्यालय के अलावा राज्यपाल के यहां भी आवेदन दिया है। उन्होने न्याय न मिलने पर परिवार सहित इच्छामृत्यु की मांग की है। उल्लेखनीय है कि यज्ञनारायण सेन 1988 से चौकीदार के पद पर पदस्थ है। उसके बाद जिन कर्मचारियों की नियुक्ति हुई थी उन्हे 2 पदोन्नति का लाभ मिल चुका है। जबकि 30 वर्ष के कार्यकाल में उसे एक भी पदोन्नति का लाभ नहीं मिला। जिसके चलते वह हताश और निराश है। यज्ञनारायण की मानें तो नियुक्ति से सर्विस बुक बनी है। नैमित्तिक कोई पद नहीं होता है लेकिन मनमर्जी से नैमित्तिक चौकीदार लेखकर वर्ष 2019 में पर साख्योतर घोषित करा दिया है।
इनका कहना है
कर्मचारी से मेरी मुलाकात हुई थी। समस्याएं सुनी है। स्थापना शाखा से जानकारी मांगी है।
गौरव चौधरी, डीएफओ।

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