इस सेंट्रल यूनिवर्सिटी में होने वाली है कुलपति की नियुक्ति, दिल्ली तक लगा रहे दौड़, आप भी कर सकते हैं अप्लाई

इस सेंट्रल यूनिवर्सिटी में होने वाली है कुलपति की नियुक्ति, दिल्ली तक लगा रहे दौड़, आप भी कर सकते हैं अप्लाई

Shiv Mangal Singh | Publish: Sep, 10 2018 08:42:35 PM (IST) | Updated: Sep, 10 2018 08:45:25 PM (IST) Shahdol, Madhya Pradesh, India

आईजीएनटीयू : वीसी नियुक्ति को लेकर वेबसाइट पर भी अपलोड किया नोटिफिकेशन, अंतिम दौर में कुलपति कार्यकाल, सह सरकार्यवाह के दौरे से बढ़ीं सरगर्मियां

शहडोल. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विवि अमरकंटक के कुलपति का कार्यकाल अंतिम दौर में चल रहा है। इसको लेकर हलचल तेज हो गई है। नए कुलपति के लिए प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। कैंपस में भी इसको लेकर सरगर्मियां बढ़ गईं हैं। कई लोग तो दिल्ली तक दौड़ भी लगा रहे हैं।
कुलपति की दौर में चल रहे कई शिक्षाविदें ने भी अपनी तैयारी शुरू कर दी है। उधर हाईकमान में भी कुलपति पद को लेकर मंथन शुरू हो गया है। यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने भी वीसी की नियुक्ति को लेकर वेबसाइट पर नोटिफिकेशन अपलोड कर दिया है। जानकारी के अनुसार, लगभग तीन से चार माह का कुलपति का कार्यकाल बाकी है। हाल ही में यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने वीसी के लिए विज्ञापन जारी किया है। जिसके ३० दिन के भीतर आवेदन करना होगा। नेशनल ट्राइबल यूनिवर्सिटी होने के चलते अब कई लोग वीसी पद के लिए दौड़ में हैं। उधर इसी बीच आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी सह सरकार्यवाह डॉ कृष्ण गोपाल का अचानक दौरा भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
नाम सिफारिश के बाद पैनल करेगा नियुक्ति
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक के कुलपति की नियुक्ति विशेष पैनल द्वारा की जाएगी। अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत गठित समिति द्वारा नाम सिफारिश की जाएगी। सिफारिश किए गए नामों के एक पैनल में से की जाएगी। 30 दिन के भीतर आवेदन उच्च शिक्षा विभाग, मानव संसाधन मंत्रालय दिल्ली मांगे गए हैं।
आरएसएस की रहेगी बड़ी भूमिका
आदिवासी अंचल में स्थित इस यूनिवर्सिटी के कुलपति की नियुक्ति में आरएसएस का दखल भी रहेगा। इस यूनिवर्सिटी में वामपंथी गतिविधियां और हिन्दू विरोधी गतिविधियां भी कभी-कभी सिर उठाती रहीं हैं। संघ की चिंता है कि कहीं आईजीएनटीयू भी दूसरा जेएनयू न बन जाए। इसको लेकर संघ सतर्क रहता है। अब जब कुलपति की नियुक्ति की जानी है, ऐसी स्थिति में संघ चाहेगा कि विचारधारा का पोषण करने वाला ही कोई व्यक्ति कुलपति की कुर्सी पर बैठे। वीसी की नियुक्ति में आरएसएस की बड़ी भूमिका होगी इसको लेकर कई प्रोफेसर संघ के पदाधिकारियों से अपनी लाबिंग में जुटे हुए हैं।
संघ के सह सरकार्यवाह का विवि में दौरा
आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी सह सरकार्यवाह डॉ कृष्ण गोपाल के अचानक जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक में दौरे के बाद हलचल और तेज हो गई है। विश्वविद्यालय में सह सरकार्यवाह डॉ कृष्ण गोपाल शुक्रवार को कार्यक्रम में शामिल हुए थे। यहां पर सह सरकार्यवाह ने व्याख्यान के अलावा गौशाला का भी उद्घाटन किया था। सह सरकार्यवाह का दौरा भी वीसी के बदलाव से जोड़कर देखा जा रहा है। यूनिवर्सिटी के सूत्रों की मानें तो पूर्व के कई कुलपति भी सह सरकार्यवाह के दौरे के बाद दोबारा वीसी पद को लेकर ताल ठोंक सकते हैं।
यह निर्धारित की गई है योग्यता
विवि प्रणाली में प्रोफेसर के रूप में कम से कम 10 साल के अनुभव के साथ उत्कृष्ठ अकादमिक रिकार्ड होना चाहिए।
नेतृत्व में बेहतर होने के साथ दूरदर्शी और शोध प्रत्यायक होना चाहिए।
कुलपति के लिए ६५ साल से ज्यादा उम्र नहीं होनी चाहिए।

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