अंबिकापुर नागपुर वाया अनूपपुर ट्रेन को मिल सकती है हरी झण्डी...

Shahdol online

Publish: Dec, 07 2017 12:56:25 (IST)

Shahdol, Madhya Pradesh, India
अंबिकापुर नागपुर वाया अनूपपुर ट्रेन को मिल सकती है हरी झण्डी...

शहडोल से नागपुर सीधी ट्रेन के लिए जरुरी है वाशिंगपिट, भेजा प्रस्ताव

शहडोल- संभाग से नागपुर तक सीधी ट्रेन के लिए वाशिंगपिट टर्मिनल बिल्डिंग का अभाव सबसे बड़ी समस्या बनकर सामने आ रही है। संभाग के आसपास कहीं पर वाशिंगपिट न होने की वजह से यहां से नागपुर तक सीधी ट्रेन की मांग को हरी झण्डी नहीं मिल रही है।

उधर जनप्रतिनिधि भी टर्मिनल बिल्डिंग से पूरी तरह अंजान है। स्थिति यह है कि आज तक शहडोल संभाग से किसी भी जनप्रतिनिधि ने वाशिंगपिट टर्मिनल बिल्डिंग के लिए आवाज भी नहीं उठाई। इसके अभाव में
लंबी दूरी के लिए गिनती की ट्रेनों का ही यहां से परिचालन किया जा रहा है। अधिकारियों की मानें तो वाशिंगपिट के होने के बाद ही नागपुर सहित कई लंबी दूरी के लिए ट्रेनों को चलाया जा सकता है।

विभागीय जानकारी के अनुसार अभी सिर्फ संभाग से नजदीक में सिर्फ बिलासपुर में वाशिंगपिट है। अधिकारी भी तर्क दे रहे हैं कि संभाग के अलग- अलग रूट से नागपुर सहित कई जगहों के लिए ट्रेन चलाई जाए तो वाशिंगपिट न होने से कोच मेंटनेंस और रखरखाव संभव नहीं होगा। गौरतलब है कि संभाग से नागपुर तक सीधी ट्रेन न होने के इलाज के लिए नागपुर जाने वाले मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। मरीजों को ट्रेन से जाने पर दो बार ट्रेन बदलना पड़ता है। इसके अलवा सड़क मार्ग भी काफी दूर है।

वाशिंगपिट मेंटनेंस यार्ड बेहद जरूरी
वाशिंगपिट मेंटनेंस यार्ड ट्रेनों के ठहरने और रखरखाव के लिए होता है। जहां पर ट्रेनों के परिचालन के पहले और बाद में कोच मेंटनेंस होता है। लंबी दूरी की ट्रेनों के लिए नजदीक में टर्मिनल बिल्डिंग/ वाशिंगपिट का होना बेहद जरूरी होता है। इसके अभाव में लंबी ट्रेनों को यहां से गुजारना संभव नहीं होता है। जिससे लोग परेशान होते हैं।

बोर्ड को भेजा प्रस्ताव, अनूपपुर से मिल सकती हैं कई ट्रेन
अंबिकापुर में कोचिंग टर्मिनल के लिए (पीडब्लूडी 2018-19) के लिए बिलासपुर जोन (एसईसीआर) ने रेलवे बोर्ड दिल्ली को प्रस्ताव भेजा है। 27.55 करोड़ की लागत से निर्मित करने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। अधिकारियों की मानें तो अंबिकापुर में कोङ्क्षचग टर्मिनल का निर्माण होने से लंबी दूरी के लिए कई ट्रेनों का परिचालन संभव होगा। गौरतलब है कि शहडोल अनूपपुर और अंबिकापुर से नागपुर सहित कई महानगरों के लिए ट्रेन विस्तारित और नई ट्रेनों को चलाने के लिए दिल्ली में कार्यरत बिजुरी के पीयूष सिंह द्वारा लगातार मांग की जा रही थी। पीयूष सिंह ने रेलमंत्री सहित रेलवे के कई अधिकारियों को पत्र लिखा था। जिसपर एसईसीआर ने रेलवे बोर्ड को अंबिकापुर में कोचिंग टर्मिनल के निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा है। अंबिकापुर में यह सुविधा होने से अंबिकापुर से नई दिल्ली व्हाया इलाहाबाद और अंबिकापुर से नागपुर वाया अनूपपुर को हरी झण्डी मिल सकती है। अधिकारियों के अनुसार बजट सत्र के दौरान एसईसीआर के इस प्रस्ताव को रेल मंत्रालय की मुहर लगा दी जाएगी। जल्द ही इस दिशा में प्रभावी पहल की जाएगी।

दो ट्रेनों को बढ़ाने लाइ ओवर की दलील
रेलवे अधिकारियों की मानें तो अंबिकापुर दुर्ग और गोङ्क्षदया ट्रेन को नागपुर तक बढ़ाना संभव नहीं है। इसके पीछे प्रबंधन ने दलील दी है कि अंबिकापुर दुर्ग ट्रेन को नागपुर तक बढ़ाने में 18 घंटे की जरूरत होगी। अधिकारियों के अनुसार दुर्ग से यह ट्रेन 8 बजकर 50 मिनट पर छूटती है। इस ट्रेन का लाइ ओवर समय 11.40 घंटे है। दुर्ग से नागपुर की दूरी 265 किमी है। एक तरफ की यात्रा अवधि ५ घंटे की है। इसके चलते नागपुर तक बढ़ाने के लिए 18 घंटे की जरूरत होगी।

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