कोरोना ड्यूटी के नाम पर अपने नजदीकियों की नियुक्ति, अस्पताल आए बिना निकल रही तनख्वाह, कमिश्नर ने बैठाई जांच

सीएमएचओ की पत्नी की भी हुई नियुक्ति, कोविड में नहीं लगी ड्यूटी, हर माह जारी हो रही तनख्वाह
हाजिरी रजिस्टर को भी खाली छोड़ा, ताकि आपत्ति आने पर दर्ज कराई जा सके उपस्थिति

By: Ramashankar mishra

Published: 19 Sep 2020, 12:51 PM IST

शहडोल। कोरोना संक्रमण के बीच नेशनल हेल्थ मिशन से स्वास्थ्य विभाग शहडोल में हुई डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की अस्थायी भर्ती में गड़बड़ी सामने आई है। यहां नियुक्त डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों को कोरोना मरीजों के इलाज के अलावा दूसरे काम लिए जा रहे हैं। गिनती के दिनों में ही कोरोना मरीजों के इलाज और जांच में ड्यूटी लगाई जा रही है। कुछ डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी ऐसे हैं, जो अस्पताल ही नहीं आ रहे हैं। इसके बावजूद अधिकारियों से नजदीकियों के चलते हर माह भारी भरकम तनख्वाह भी निकल रही है। अनुपस्थित डॉक्टरों के खिलाफ कमिश्नर शहडोल की सख्ती के बाद स्वास्थ्य विभाग में कोरोना ड्यूटी के नाम पर नियुक्त लगातार अनुपस्थित चल रहे डॉक्टरों का मामला भी सामने आया है। दरअसल एनएचएम के माध्यम से मार्च में 16 और अभी 20 डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति की गई है। इसमें एमडी, एमबीबीएस, आयुष डॉक्टर और स्टॉफ नर्स के अलावा लैब टेक्नीशियन की नियुक्तियां करना था।
हाजिरी रजिस्टर खाली, ताकि आपत्ति आने पर बताएं उपस्थिति
सीएमएचओ डॉ राजेश पांडेय की पत्नी डॉ मंजू पांडेय की 21 अप्रैल 2020 को नियुक्ति हुई थी। वे पिछले लम्बे समय से अनुपस्थित चल रही हैं। गिनती के दिन की अस्पताल में ड्यूटी के लिए पहुंच रही हैं। पत्रिका के हाथ उपस्थिति रजिस्टर भी लगा है। इसमें अगस्त और सितंबर में एक भी दिन की उपस्थिति नहीं है, जबकि बाकी डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों की बकायदा उपस्थिति बताई गई है। अधिकारियों ने अगस्त और सितंबर के हाजिरी रजिस्टर को खाली छोड़ दिया है, जिससे आपत्ति आने पर उपस्थिति दिखाई जा सके। इनके अलावा बाकी डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों के उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर भी है।
बिना हाजिरी के हर माह निकल रहा वेतन
अधिकारी बिना हाजिरी के एनएचएम के माध्यम से वेतन भी निकाल रहे हैं। एनएचएम डीपीएम के अनुसार, सैलरी के लिए सिविल सर्जन कार्यालय से जानकारी आती है, उसी के आधार पर भुगतान कर दिया जाता है।
गड़बड़ी पर सीएमएचओ और सीएस से मांगी रिपोर्ट
कोविड ड्यूटी के नाम पर नियुक्तियों में गड़बड़ी और डॉक्टरों की अनुपस्थिति पर कमिश्नर व कलेक्टर ने सख्ती दिखाई है। कमिश्नर नरेश कुमार पाल ने शहडोल कलेक्टर से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है। कमिश्नर की सख्ती के बाद अब हाजिरी रजिस्टर में हेरफेर का खेल शुरू हो गया है। कलेक्टर डॉ सतेन्द्र कुमार पाल ने डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों का अब तक की ड्यूटी और उपस्थिति का ब्यौरा मांगा है। कलेक्टर ने पूछा है कि डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को कब और कहा कोविड ड्यूटी के लिए पदस्थ किया गया है। उधर कमिश्नर ने भी सख्ती दिखाते हुए अधिकारियों से पूछा कि डॉक्टरों द्वारा लापरवाही बरती जा रही थी तो मॉनिटरिंग क्यों नहीं की गई। पहले ही लापरवाही पर ऐसे डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को हटाने की कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
इनका कहना है
मामले की जांच करा रहे हैं। कलेक्टर शहडोल से पूरी रिपोर्ट मांगी है। लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी।
नरेश कुमार पाल, कमिश्नर शहडोल

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