औरंगाबाद रेल हादसा: हजारों मजदूरों को अभी भी घर वापसी का इंतजार

अब तक जिले में वापस आए 23356 श्रमिक

By: shubham singh

Published: 10 May 2020, 02:12 PM IST

शहडोल. औरंगाबाद रेल हादसे में 16 मजदूरों की मौत ने सबको झकझोर कर रख दिया है। ये मजदूर भूख के डर और घर वापसी की चाह में पैदल ही निकल पड़े थे। मजदूरों की दर्दनाक मौत ने सरकार के तमाम वादों की पोल खोलकर रख दी है। जिले के बाहर अन्य प्रदेशो में रोजगार की तलाश में गए हजारो मजदूर लॉकडाउन में फंसे हुए है। इस परिस्थिति में उन्हें कोई रास्ता नहीं सूझ रहा है। कोई साधन न बन पाने की स्थिति में कोई पैदल तो कोई किसी ने किसी माध्यम से घर वापसी कर रहे हैं। जिले में लॉकडाउन के बाद से लेकर अब तक लगभग 24 हजार श्रमिक अलग-अलग माध्यमों से शहडोल पहुंचे है। जबकि लगभग 3500 से अधिक श्रमिकों को प्रशासनिक स्तर पर बसों के माध्यम से शहडोल लाया गया है। इसके बाद भी अभी 5 हजार से अधिक श्रमिकों को अभी घर वापसी का इंतजार है। इन श्रमिकों की निगाह प्रशासनिक व्यवस्था पर टिकी हुई है। प्रशासन द्वारा ग्राम पंचायत स्तर पर सर्वे कराकर बाहर फंसे श्रमिकों की जानकारी एकत्रित कराई गई है। जिन्हे वापस लाने के प्रयास में जुटा है।


प्रशासन ने कराया सर्वे
जिला प्रशासन द्वारा ग्राम पंचायत स्तर पर सर्वे कराया गया है। जिसके माध्यम से ऐसे श्रमिकों की सूची तैयार की गई है जो अभी बाहर लॉकडाउन में फंसे है। सर्वे सूची के अनुसार जिले के लगभग 8257 श्रमिक अभी भी बाहर फंसे हुए थे। जिनमें से लगभग 3500 श्रमिकों को हाल ही में बस के माध्यम से जयसिंहनगर व ब्यौहारी लाया गया है। इसके बाद भी लगभग 5000 श्रमिक बाहर फंसे हुए हैं।


ई-पास के लिए आए 4 हजार आवेदन
श्रमिकों के अलावा छात्र व अन्य वर्ग भी दूसरे जिलो में फंसे हुए है। जिनके परिजनो द्वारा उन्हे वापस लाने के लिए अलग-अलग प्रयास किए जा रहे है। जिसके लिए शासन से अनुमति प्राप्त करने लगातार आनलाईन आवेदन कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि ई-पास के लिए अब तक लगभग 4000 लोगों ने आवेदन किया है। जिसमें से 1800 से अधिक लोगों को ई-पास जारी भी किया जा चुका है। वहीं आनलाईन आवेदन के पूर्व लगभग 800 लोगों को लिखित रूप से प्राप्त आवेदन में वापस लाने की अनुमति प्रदान की गई है।

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