बांधवगढ़ नेशनल पार्क : भूख ने ले ली मादा तेंदुए की जान, वृद्ध होने की वजह से नहीं कर पा रही थी शिकार

नौवाडोल नाले के किनारे मिला शव, जांच में जुटा पार्क अमला

By: Ramashankar mishra

Published: 09 Apr 2021, 12:32 PM IST

शहडोल/उमरिया. बांधगवढ़ नेशनल पार्क में पिछले एक सप्ताह में दो मादा तेंदुओं की मौत हो चुकी है। जिसमें कुछ दिन पूर्व ही शिकार को लेकर बाघ से हुए संघर्ष में मांदा तेंदुए को अपनी जान गवानी पड़ी थी। वहीं गुरुवार की सुबह जलस्त्रोत के समीप मांदा तेंदुए का शव देखा गया। प्रथम दृष्टया मांदा तेंदुए की मौत का कारण काफी कमजोर होना व वृद्ध होने की वजह से शिकार न कर पाने को माना जा रहा है। फिलहाल मौके में पहुंचे पार्क प्रबंधन द्वारा जांच के लिए सेंपल लिए गए है। जांच रिपोर्ट आने के बाद भी मादा तेंदुए की मौत के कारणों की पुष्टि हो पाएगी। जानकारी के अनुसार बांधवगढ़ के पनपथा कोर परिक्षेत्र के हरदी बीट के कक्ष क्रमांक 468 में नौवाडोल नाले के किनारे बीट गार्ड ने मादा तेंदुए का शव देखा। जिसकी सूचना बीट गार्ड द्वारा परिक्षेत्र अधिकारी को दी गई। सूचना मिलते ही स्निफर डॉग बैली के साथ ही पार्क प्रबंधन मौके पर पहुंच घटना स्थल को सील किया गया। घटना स्थल के आस पास के निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार के मानव या वन्यजीवों की उपस्थिति के प्रमाण नहीं मिले। बताया जा रहा है कि मादा तेंदुए का एक ऊपर और एक नीचे का कैनाइन टूटा हुआ था। तेंदुए के सभी अंग नाखून, दांत सुरक्षित पाए गए है। मादा तेंदुए का शव मिलने की जानकारी मिलते ही क्षेत्र संचालक वीसेंट रहीम, अन्य वन अधिकारी, सहायक वन्य जीव शल्यज्ञ डॉ नितिन गुप्ता, डब्ल्यूसीटी के पाश्ु चिकित्सक डॉ हिमांशु और एनटीसीए के प्रतिनिधि सी एक खरे एवं सत्येन्द्र तिवारी तत्काल मौके पर पहुंच गए। जहां शव परीक्षण कर सैम्पल संरक्षित किए गए। मृत मादा तेंदुए की आयु 9-10 वर्ष आंकी
गई है।

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