भारत बंद को लेकर पुलिस चौकन्ना, किए गए हाइटेक इंतजाम

भारत बंद को लेकर पुलिस चौकन्ना, किए गए हाइटेक इंतजाम

Shiv Mangal Singh | Publish: Sep, 05 2018 07:30:53 PM (IST) Shahdol, Madhya Pradesh, India

हथियार लेकर नहीं निकल सकेंगे, मुंह बांधा तो नहीं होगी खैरियत, हिंसा हुई तो सख्ती से निपटेगी पुलिस

शहडोल. एससी/एसटी एक्ट को लेकर किए गए भारत बंद आह्वान को लेकर पुलिस और प्रशासन चौकन्ना है। पिछली बार हुई हिंसा के मद्देनजर पुलिस इस बार पहले से ही मुस्तैद नजर आ रही है। बंद के दौरान किसी भी संभावित हिंसा से निपटने के लिए कई स्तरों पर तैयारियां की गई हैं। पुलिस प्रसाशन चाह रहा है कि किसी भी तरह की हिंसात्मक घटना न हो, इसके लिए बंद का आह्वान करने वालों के साथ भी पुलिस और प्रशासन ने बैठक की है।
आईजी आईपी कुलश्रेष्ठ ने बताया कि सभी जिलों में पुलिस को पहले से ही अलर्ट कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों के साथ कई स्तरों पर बैठक की जा सकती है। बंद के दौरान पुलिस वीडियोग्राफी कराई जाएगी। इसके अलावा कंट्रोल रूम के माध्यम से पूरे मामले पर सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जाएगी। पिछली बार एससी/एसटी एक्ट के पक्ष में देश भर में हुए प्रदर्शन में कई स्थानों पर हिंसा हुई थी। जिसमें कई लोगों की मौत हो गई थी और कई जगह लोग घायल भी हुए थे। इसके अलावा कई स्थानों पर आपसी टकराव भी सामने आया था। इस बार ऐसा न हो इसके लिए पुलिस और प्रशासन पहले से ही सतर्क है।
भारत बंद के दौरान कड़ी सुरक्षा रहेगी। सुरक्षा के लिहाज से एक कंपनी पुलिस और डीजी रिजर्व बल लगाया गया है। बल के लिए आईजी आईपी कुलश्रेष्ठ ने पुलिस मुख्यालय भोपाल को पत्र भी लिखा है। भारत बंद के दौरान वीडियोग्राफी होगी। तोडफ़ोड़ करने वालों से सख्ती से निपटने की तैयारी है। यदि किसी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जाता है तो कानून के मुताबिक नुकसान पहुंचाने वालों से क्षतिपूर्ति की जाएगी। शहर में सीसीटीवी कैमरा एक्टिव कर दिया गए हैं। प्रदर्शन के दौरान बाहरी लोग माहौल न खराब करें, इसको लेकर भी नजर रखी जा रही है। पुलिस ऐसे लोगों पर भी नजर रखेगी जो मुंह बांधकर लाठी, डंडे, हथियार लेकर निकलने की कोशिश करेंगे। उन पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा। अतिरिक्त पुलिस बदल की भी व्यवस्था की गई है। सप्लाई बाधित न हो इसको चौकसी बरती जा रही है। इसके अलावा रेलवे स्टेशन बस स्टैंड पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी।


सोशल मीडिया पर नजर
बंद और प्रदर्शन के दौरान हिंसा में कई बार सोशल मीडिया की भी भूमिका रहती है। खुराफात करने वाले कई तरह की अफवाहें सोशल मीडिया के माध्यम से फैलाते हैं। जिसकी वजह से लोग भड़क जाते हैं। ऐसी स्थिति न बने इसलिए पुलिस और प्रशासन की टीम पहले से ही सक्रिय कर दी गई है। सोशल मीडिया पर नजर रखी जा रही है। यदि कोई अफवाह फैलाई या गड़बड़ी फैलाने वाला कोई मैसेज भेजेगा तो उसके खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाएगा। यदि शहर में कुछ अप्रिय स्थित बनने की नौबत आएगी तो एसपी-कलेक्टर जरूरत पडऩे पर धारा 144 भी लगाई जा सकती है। पुलिस-प्रशासन ये सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि प्रदर्शन के दौरान कोई दूसरा विरोधी पक्ष सामने न आए। लगातार बात की जा रही है। मजिस्ट्रेट की भी ड्यूटी तय कर दी गई है। लगातार पेट्रोलिग की जाएगी और गड़बड़ी फैलाने वालों को तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा।

 

shahdol

सभी समाज के लोगों का मिल रहा बंद को समर्थन
शहडोल। 6 सितम्बर को एससीएसटी एक्ट में संशोधन के विरोध में भारत बंद का आह्वान किया गया है। इसी तारतम्य में शहडोल में भी शांति पूर्वक बंद किया जाएगा। जिसके लिए अलग-अलग समाज व संगठनो का व्यापक समर्थन मिल रहा है। उक्त बाते ब्राम्हण समाज के जिलाध्यक्ष डा. बाल्मीक गौतम ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान कही। उन्होने कहा कि सभी समाज के लोग शांति पूर्वक बंद का समर्थन कर रहे है। न्यायपालिका के निर्देश का पालन न करते हुऐ शासन ने वर्ग विशेष के साथ अन्याय किया है। जिसे लेकर ही यह विरोध के स्वर मुखर हुए है। पत्रकार वार्ता में रायल राजपूत संगठन के सी बी सिंह, गणेश सिंह, अल्पसंख्यक वर्ग से सिकन्दर खान प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

 

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