उधर आना था अमित शाह को उधर भाजपा के लोग रच रहे अपने ही अध्यक्ष के खिलाफ साजिश

भाजपा का अनुशासन तार-तार-पहले उपाध्यक्ष का चुनाव हराया, अब अध्यक्ष से असहयोग, दो बार कराई अध्यक्ष की किरकरी, बजट बैठक में भाजपा के 22 में से सिर्फ पांच पार्षद पहुंचे, अपने अध्यक्ष की कराई किरकिरी

By: shivmangal singh

Updated: 02 Mar 2019, 02:36 PM IST

शहडोल. मध्यप्रदेश में भाजपा के सत्ता से बाहर होने के बाद अब अनुशासन की भी धज्जियां उडऩा शुरू हो गई हैं। शहडोल के भाजपा नेताओं और उनके चुने हुए प्रतिनिधियों के क्रियाकलापों से तो यही साबित हो रहा है। एक तरफ तो उमरिया में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को चुनावी तैयारियों को लेकर आना था दूसरी तरफ शहडोल भाजपा के कुछ नेता अपने ही अध्यक्ष की कुर्सी हिलाने में मशगूल थे। ऐसा नहीं है कि बात भाजपा के जिला अध्यक्ष और दूसरे नेताओं को पता नहीं है लेकिन कुछ स्वयंभू नेताओं के इशारे पर ये सारा काम चल रहा है।
भाजपा के पार्षद अपने निर्वाचित अध्यक्ष से अहयोग पर उतर आए है। पार्टी लाइन से हटकर पहले इन पार्षदों ने अपने ही उपाध्यक्ष को हरवा दिया, अब अध्यक्ष के अपमान पर उतर आए हैं। हालांकि कहा जा रहा है कि ये पूरा घटनाक्रम पार्टी के ही कुछ स्वयंभू नेताओं के इशारे पर किया जा रहा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के दौरे से ठीक एक दिन पहले इस तरह का भाजपा में घटनाक्रम होना भाजपा के अनुशासन को बड़ा आघात बताया जा रहा है। शुक्रवार को नपा परिषद का सालाना बजट पांच पार्षदों की मौजूदगी में पेश किया गया, यह घटनाक्रम दो दिनों तक चलता रहा। बजट पेश करने के दौरान नपा उपाध्यक्ष सहित कांग्रेस के एक भी पार्षद उपस्थित नहीं हुए। भाजपा के भी 17 पार्षद शामिल नहीं हुए। गुरुवार को बजट बैठक कोरम पूरा नहीं होने पर स्थगित कर दी गई थी। शुक्रवार को नगरीय निकाय के नियमों का हवाला देते हुए पांच पार्षदों की मौजूदगी में ही बजट पेश किया गया। दोपहर 2.30 बजे तक जब पार्षद बैठक में शामिल नहीं हुए तब नपा अध्यक्ष उर्मिला कटारे ने ने 5 पार्षदों की मौजूदगी में सदन की कार्रवाई शुरू करने की घोषणा की। राजस्व सभापति महेश भागदेव ने 158 करोड़ 11 लाख 86 हजार 800 रुपए का बजट पेश किया, और 20 मिनट के अन्दर 2.50 बजे बजट बैठक समाप्त हो गई।ऐसा पहली बार हुआ है कि जब अति महत्वपूर्ण बजट बैठक के दौरान 39 पार्षदों में से ज्यादातर पार्षदों ने बैठक का बहिष्कार किया है। अब इस मामले को लेकर भाजपा में अन्दर ही अन्दर नपा अध्यक्ष उर्मिला कटारे को पद से हटाने और अविश्वास लाने की गुपचुप तैयारी की जा रही है।
नियमों के तहत बजट हुआ पेश
पार्षदों के कोरम पूरे नहीं होने और उसके बाद बजट पेश करने के मामले को नपा अध्यक्ष उर्मिला कटारे ने कहा कि नगरीय प्रशासन के दिशा निर्देशों को ध्यान में रखते हुए बजट पेश किया गया है, इसमें कोई संवैधानिक संकट नहीं है। अगर कोई बैठक पहले दिन स्थगित की जाती है तो दूसरे दिन बिना कोरम बैठक करना नियमों के अधीन है।
दिनभर चला घटनाक्रम
सूत्रों की मानें तो शुक्रवार को बजट पेश होने के पहले भाजपा सत्ताधारी भाजपा पार्षदों के बीच पूर्व भाजपा नगर अध्यक्ष संतोष लोहानी के आवास पर बैठक का आयोजन कर बैठक में शामिल नहीं होने का निर्णय कांग्रेस पार्षदों की सहमति से लिया गया और बैठक में भाजपा के 17 पार्षद उपस्थित नहीं हुए। वहीं विपक्षी दल कांग्रेस ने गुरुवार को आयोजित बैठक के दौरान ही अपनी तस्वीर बैठक का बहिष्कार करते हुए साफ कर दी थी। वहीं इस मामले को लेकर दिनभर नगर में गहमा गहमी के बीच घटना क्रम चलता रहा।
इधर कांग्रेस पार्षदों ने लगाए मनमानी का आरोप
बजट बैठक में शामिल नहीं होने वाले कांग्रेस पार्षदों और नेता प्रतिपक्ष इशहाक खान ने नपा अध्यक्ष उर्मिला कटारे पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि अध्यक्ष द्वारा संविधान का बिना पालन और नियम तथा कानून को दरकिनार करते हुए पांच पार्षदों की मौजूदगी में बजट पास कर लिया गया जो सरासर नियमों के विरुद्ध है, उन्होने कहा कि हम कानूनी सलाहकारों से मदद लेकर आगे की कार्रवाई करेंगे।

Amit Shah
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