ब्लैक फंगस : इन्डोस्कोपी के साथ जुटाई अन्य मशीनरी, पोस्ट कोविड मरीजों का स्पेशलिस्ट करेंगे इलाज

मेडिसिन के साथ छाती रोग विशेषज्ञ और मनोचिकित्सक की लगाई ड्यूटी
इन्डोस्कोपी शुरू, ब्लैक फंगस की माइक्रोबायोलॉजी में भी होगी जांच

By: Ramashankar mishra

Published: 13 Jun 2021, 12:37 PM IST

शहडोल. दूसरी लहर में कोरोना संक्रमण से धीरे-धीरे राहत मिलने के बाद अब पोस्ट कोविड के साथ ब्लैक फंगस को लेकर मेडिकल कॉलेज प्रबंधन काफी गंभीर है। कोविड के बाद अब कई मरीजों में सांस लेने में तकलीफ, कमजोरी के अलावा डिप्रेशन की भी शिकायतें आ रही है। जिसे देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने पोस्ट कोविड परामर्श की सुविधा शुरू की है। इसके लिए मेडिसिन के साथ ही अब छाती रोग विशेषज्ञ और मनोचिकित्सक की ड्यूटी लगाई गई है। चिकित्सकों की यह टीम मेडिकल कॉलेज पहुंचने वाले पोस्ट कोविड मरीजों की समुचित जांच के साथ ही उन्हे आवश्यक परामर्श भी दे रहे हैं। जिससे कि वह जल्द से जल्द स्वस्थ हो सके। मरीजों के समुचित इलाज के लिए हाल ही में पोस्ट कोविड ओपीडी भी शुरू की गई है। जहां मरीजों के चेकअप के बाद आवश्यकता पडऩे पर उन्हे भर्ती कर उन्हे समुचित इलाज भी मुहैया कराया जा रहा है। ऐसे मरीज जिनमें कुछ ऐसे लक्षण नजर आते हैं वह मेडिकल कॉलेज पहुंचकर विशेषज्ञों से आवश्यक परामर्श भी ले सकेंगे। जिससे कि समय रहते उचित परामर्श मिल सके। पोस्ट कोविड में विशेषज्ञों की ड्यूटी लगाने से मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य लाभ मिल सकेगा।
इन्डोस्कोपी मशीन आई, बढ़ाई सुविधाएं
मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की माने तो फिलहाल ब्लैक फंगस से संबंधित केस मेडिकल कॉलेज नहीं पहुंचे। इसके बाद भी समुचित व्यवस्थाएं प्रबंधन द्वारा कर ली गई है। मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस मरीजों के लिए 10 बिस्तर तैयार कर लिए गए हैं। प्राथमिक स्तर पर सबसे ज्यादा इसका अटैक आंख, नाक कान में होता है इसके बाद यह ब्रेन तक पहुंच सकता है। जिसकी समुचित जांच की व्यवस्था बनाई गई है। डाइग्नोसिस के लिए समुचित सुविधाएं है। इण्डोस्कोपी मशीन उपलब्ध हो गई है जिसे शुरू भी करा लिया गया है। इसके अलावा आंखो की जांच संबंधी सभी सुविधाएं मुहैया हैं। प्रबंधन माइक्रोबायोलॉजी में भी इसकी जांच की पूरी तैयारी कर ली गई है।
इनका कहना है
ब्लैक फंगस से संबंधित केस अभी तक नहीं आए है। इसके बाद भी हमने अपने स्तर पर सभी तैयारी कर रखी है। साथ ही पोस्ट कोविड मरीजों के लिए भी परामर्श शुरू किया गया है। जिससे संबंधित मरीजों को उचित सलाह मिल सके और उनका समय पर समुचित इलाज हो सके।
-डॉ. मिलिन्द शिरालकर, डीन, मेडिकल कॉलेज शहडोल।

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