जिला जेल में आयोजित हुआ शिविर, न्यायाधीशों ने दी विधिक जानकारी

विचाराधीन बंदियों को बताए गए अधिकार

By: raghuvansh prasad mishra

Published: 10 Jan 2019, 09:05 PM IST

शहडोल . जिला जेल में गुरुवार को विधिक साक्षता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आरके सिंह के निर्देशन में जिला न्यायालय में पदस्थ प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अविनाश चंद्र तिवारी, अपर जिला न्यायाधीश एवं सचिव अनूप कुमार त्रिपाठी एवं जिला विधिक सहायता अधिकारी बीडी दीक्षित द्वारा जिला जेल का निरीक्षण किया गया। तत्पश्चात विचाराधीन बंदियों के मध्य अधिकार एवं प्लीबारगेनिंग विषयों की जानकारी आयोजित शिविर में दी गई।
शिविर में बंदियों को विधिक सहायता प्राप्त करने के अधिकार से अवगत कराते हुये प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अविनाश चंद्र तिवारी द्वारा प्लीबारगेनिंग की प्रक्रिया विचाराधीन बंदियों को समझाई गई तथा धारा 436 ए के आलोक में प्रकरणों की समीक्षा की गई । लगभग 112 विचाराधीन बंदियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सभी अभिरक्षा के बंदियों को नि:शुल्क विधिक सहायता प्रदान किये जाने का विधि का प्रावधान है तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सदैव विधिक सलाह एवं सहायता प्रदान करने के लिये तत्पर है । प्लीबारगेनिंग दाण्डिक मामले का समझौते के आधार पर अंतिम निराकरण हेतु एक उपबंध है । यदि कोई अभियुक्त जिसके विरूद्ध न्यायालय में कोई मामला चल रहा है और 18 वर्ष की उम्र से अधिक है तथा ऐसा मामला 7 वर्ष से अधिक कारावास से दंडनीय न हो तथा महिलाओं और बच्चों के विरूद्ध न हो देश की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को प्रभावित करने वाला न हो । ऐसे मामलों में अभियुक्त प्लीबारगेनिंग प्रक्रिया का लाभ उठा सकता है । इसका लाभ यह है कि अभियुक्त अपराध के लिये निर्धारित दण्ड की अधिकतम सजा में से एक चौथाई सजा से दंडित किया जायेगा ।
अपर जिला न्यायाधीश एवं सचिव अनूप कुमार त्रिपाठी द्वारा विधिक सहायता के अंतर्गत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा बंदियों के प्रकरणों में नियुक्त किये जाने वाले पैनल लायर्स द्वारा की गई पैरवी के संबंध में बंदियों से जानकारी ली तथा उन्हें नि:शुल्क और सक्षम विधिक सलाह और सहायता प्राप्त करने के अधिकार के बारे में अवगत कराया । जिला विधिक सहायता अधिकारी बी.डी. दीक्षित ने बंदियों को विधिक अधिकारों के बारे में जानकारी दी तथा शिविर में उपस्थित लगभग 112 विचाराधीन बंदियों से विधिक सहायता के संबंध में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैनल अधिवक्ताओं के माध्यम से प्रकरण में पैरवी कराये जाने हेतु जेल में उपस्थित पैरालीगल वालेंटियर से बंदियों के आवेदन जेल अधीक्षक के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को दिये जाने हेतु कहा गया । इस विधिक साक्षरता शिविर के आयोजन में सहायक जेल अधीक्षक एचएस राठौर व अन्य जेल के अधिकारी पैरालीगल वालेंटियर व अन्य जेल स्टाफ उपस्थित रहा ।

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