स्वच्छ राजनीति के लिए जनता उठाए सवाल, भागीदारी भी करे, बेबाकी के साथ अधिवक्ताओं ने रखी राय

Akhilesh Shukla

Publish: May, 18 2018 01:56:28 PM (IST)

Shahdol, Madhya Pradesh, India
स्वच्छ राजनीति के लिए जनता उठाए सवाल, भागीदारी भी करे, बेबाकी के साथ अधिवक्ताओं ने रखी राय

कहा पत्रिका स्वच्छ राजनीति की मुहिम लाएगी रंग, स्वच्छ राजनीति के लिए अधिवक्ताओं ने ली शपथ

 

शहडोल- नगर की सरकार से लेकर प्रदेश और देश की सरकार बनाने के लिए हम ही प्रतिनिधि का चुनाव करते हैं। हमारे मत के सही और गलत उपयोग से ही सरकार बनती है फिर बाद में हम उसी राजनीति को कोसते हैं।

 

राजनीति में सबसे पहली कड़ी तो हम ही हैं, हमें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना चाहिए। ऐसे प्रतिनिधि को शीर्ष में बैठाना ही नहीं चाहिए, जिसकी जनता के हितों से दूरियां हो। पत्रिका के महाअभियान चेंजमेकर ने बदलाव का मौका दिया है।

 

हर किसी को अब चेंजमेकर की भूमिका निभानी होगी। राजनीति में स्वच्छ और साफ सुथरे लोग आएंगे तभी राजनीति सही मायने में होगी। ये बातें जिला न्यायालय के बार रूम में आयोजित कार्यशाला में अधिवक्ताओं ने बेबाकी के साथ रखीं। वकीलों ने कहा कि यदि राजनीति में अच्छे लोग सक्रिय नहीं होंगे तो राजनीति स्वच्छ नहीं होगी। कहा कि अधिवक्ता हमेशा बदलाव के नायक रहे हैं, इसमें भी अपनी अमह भूमिता अदा करेंगे।

 

इनकी रही मौजूदगी

इस दौरान विष्णुकांत तिवारी, विजय बहादुर सिंह, मोहम्मद अतीक खान, अशोक तिवारी, भरत कुमार द्विवेदी, सोमकांत शर्मा, रवीेन्द्र श्रीवास्तव, सुरेश गोस्वामी, ओमप्रकाश पांडेय, सतीश पाठक, आशिया मंसूरी, मंजूला तिवारी, उर्मिला मिश्रा, तरन्नुम बानो, राजेन्द्र नामदेव, राजेन्द्र सिंह, उमेश उपाध्याय, पीडी, अशोक कुमार, अभय, अनिल तिवारी, जेएन भागदेव, केजी अग्रवाल, राकेश सिंह, तुलसीदास पाठक, अमरीश श्रीवास्तव, शरद उदानिया, मुकेश पटेल, शैलेश गुप्ता, संतोष गुप्ता, राजकुमार गोले, रणजीत पांडेय, सूरज प्रसाद नापित, सापेक्ष शर्मा, आरके जैसवाल, योगेश कुमार सिंह, सुरेन्द्र सिंह, देवशरण सिंह, मनोज सोनी, रविशंकर गौतम, व्हीपी पाठक सहित ं अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।

 

बदल गए हैं राजनीति के मायने

अधिवक्ता रवींन्द्र श्रीवास्तव ने कहा राजनीति के मायने बदल गए हैं। जनता का सरोकार खत्म हो गया है। कोई भी सांसद और विधायक की बात हो, क्षेत्र के लिए क्या किया? ऐसा जनप्रतिनिधि चाहिए, जो जनता की मांगों को ऊपर तक उठाएं। पत्रिका का यह प्रयास बेहद सराहनीय है।

 

मुहिम सराहनीय

अधिवक्ता राकेश सिंह बघेल ने कहा पत्रिका की मुहिम बेहद सराहनीय है। इस अभियान से निश्चित तौर पर लोगों के बीच जागरूकता आएगी। बदलाव की भावना आएगी, लोग जागरुक होंगे। बदलाव नहीं होगा तो खुद चेंजमेकर बनकर गलत और दूषित राजनीति को उखाड़ फेंकेंगे।

 

राजनीति में बदलाव जरूरी

अधिवक्ता उमेश उपाध्याय ने कहा राजनीति में बदलाव जरूरी है। प्रतिनिधि का चुनाव तो कर लेते हैं लेकिन प्रतिनिधि जनता की मांगों पर कितना खरा उतरता है। इसका कभी एनालिसिस नहीं होता। स्वच्छ राजनीति में पत्रिका चेंजमेकर अभियान अहम भूमिका निभाएगी।

 

गिर गया है राजनीति का स्तर

अधिवक्ता सोमकांत शर्मा ने कहा विधायिका, न्यायपालिका, कार्यपालिका का संविधान में अलग-अलग काम बताया गया है। राजनीति तभी स्वच्छ होगी, जब जनता से सीधे जुड़ाव होगा। राजनीति अब इतनी ज्यादा गिर गई है कि न्यायपालिका को भी प्रभावित करने से पीछे नहीं हटते हैं।

 

हमें जागरूक होना होगा

अधिवक्ता अशोक गुप्ता ने कहा जनप्रतिनिधियों को हम ही चुनते हैं। सबसे पहली कड़ी वोटर्स है। हमारा वोट स्वच्छ और साफ सुथरा होगा तो राजनीति गलत कैसे हो जाएगी। हमें जागरूक होना होगा। एक बार गलत जनप्रतिनिधि चुनाव हो जाता है तो दूसरी बार उखाड़े फेंको।

 

राजनीति में शुद्धिकरण जरूरी

अधिवक्ता ज्योति मिश्रा ने कहा राजनीति अब पहले से बदल गई है। जनता के सरोकार से कोई मतलब नहीं है। जनप्रतिनिधि पहले अपनी सोचता है बाद में जनता के हितों पर ध्यान देता है। राजनीति में शुद्धिकरण हो, जनता जागरुक होगी तो खराब राजनीति को उखाड़ फेंकेगी।

 

राजनीति में साफ सुथरे लोगों की जरूरत

अधिवक्ता तुलसीदास पाठक ने कहा जब तक साफ-सुथरे लोग राजनीति में नहीं आएंगे तब तक राजनीति स्वच्छ नहीं होगी। हर राजनीति पार्टी को बेहतर छवि और जनता से जुड़ाव वाले लोगेांं को उतारना चाहिए। इस अभियान सेे साफ सुथरी राजनीति में आने वाले युवाओं को एक मंच मिलेगा।

 

मताधिकार का सही उपयोग हो

अधिवक्ता संदीप तिवारी ने कहा राजनीति स्वच्छ तभी होगी जब वोटर्स मताधिकार का सही उपयोग करेगा। पहले राजनीति में विकास, जनता के मुद्दे अहम थे लेकिन अब ऐसी राजनीति में भावना ही नहीं है। पत्रिका की यह मुहिम सराहनीय है। इससे बदलाव आएगा।

 

आज सभी को चेंजमेकर्स बनने की जरूरत

अधिवक्ता ओमप्रकाश पांडेय ने कहा आज सभी को चेंजमेकर्स बनने की जरूरत है। हर किसी को बदलाव की भूमिका निभानी चाहिए। हम वोट कर देते हैं लेकिन अधिकारों और समस्याओं पर कभी बात नहीं करते। जनता की मांगों को सामने लाएंगे जनता खुद शीर्ष पर बैठा देगी।

 

अच्छे जनप्रतिनिधि का चुनाव करें

अधिवक्ता जेठानंद भागदेव ने कहा राजनीति क्यों दूषित हो रही है क्योंकि वोटर्स अधिकारों के प्रति जागरूक नहीं है। प्रलोभन को दूर रखकर अच्छे जनप्रतिनिधि का चुनाव करें। कुछ समय बाद खुद ही बदलाव दिखेगा और स्वच्छ राजनीति की शुरूआत हो जाएगी।

 

पार्टियों का फोकस जनसरोकार पर नहीं

अधिवक्ता नीलम जायसवाल ने कहा संविधान में सीधे हम भारत के लोग लिखकर परिभाषित किया गया है। हर बेहतर काम हम शब्द से शुरू होगा, मैं से नहीं। वर्तमान में पार्टियां एक में ही सिमट गई है। आपस में प्रतिस्पर्धाएं हैं। एक दूसरे को नीचे गिराना चाहती हैं, जन सरोकार के मुद्दे नहीं है।

 

राजनीति में अच्छे लोगों की भागीदारी जरूरी

अधिवक्ता सुरेश गोस्वामी ने कहा राजनीति में अच्छे लोगों की भागीदारी जरूरी है। अच्छे लोग राजनीति में नहीं आएंगे तो यह अवधारणा बनी रहेगी कि राजनीति में गलत और बाहुबलियों का दबदबा है। पत्रिका का यह अभियान लोगों को प्रेरित करेगा। निश्चित बदलाव आएगा।

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