chhath puja: छठ पर्व पर बन रहे कई शुभ संयोग, फलदायी और समृद्धिदायक है पूजन

chhath puja: छठ पर्व पर बन रहे कई शुभ संयोग, फलदायी और समृद्धिदायक है पूजन

Shubham Singh | Publish: Nov, 10 2018 07:06:55 PM (IST) Shahdol, Madhya Pradesh, India

कई पापों का होता है नाश

शहडोल। छठ पूजा इस साल 11 नवंबर से शुरू हो रहा है। यह पूजा बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रमुख त्यौहारों में से एक है। इसमें सूर्य की पूजा की जाती है। इस बार छठ पर्व पर कई शुभ संयोग बन रहा है। जो फलदायी और समृद्धिदायक है।

आज है खरना
इस बार नहाए-खाए 11 नवंबर को, खरना 12 नवंबर को, सांझ का अघ्र्य 13 नवंबर को और सुबह का अघ्र्य 14 नवंबर को है। नहाए-खाए के दिन महिलाएं और पुरुष नदियों में स्नान करते हैं। इस दिन चावल, चने की दाल इत्यादि बनाए जाते हैं। इस दिन विशेष रूप से कद्दू की सब्जी और पकवान बनाए जाते हैं इसलिए इस दिन को कदुआ भात भी कहते हैं।

छठ व्रत कहते हैं
दूसरे दिन यानी खरना के दिन से महिलाएं और पुरुष छठ का उपवास शुरू करते हैं, इन्हें छठ व्रती कहते हैं। इसी दिन शाम के समय प्रसाद बनाया जाता है। प्रसाद में चावल, दूध के पकवान, ठेकुआ बनाया जाता है। साथ ही फल, सब्जियों से पूजा की जाती है।


निर्जला व्रत करते हैं
छठ के तीसरे दिन शाम यानी सांझ के अरगवाले दिन शाम के पूजन की तैयारियां की जाती हैं। छठ व्रती पूरे दिन निर्जला व्रत करते हैं और शाम के पूजन की तैयारियां करते हैं। इस दिन नदी, तालाब में खड़े होकर ढलते हुए सूर्य को अघ्र्य दिया जाता है। फिर पूजा के बाद अगली सुबह की पूजा की तैयारियां शुरू हो जाती हैं और लाखों लोग एक साथ नदियों में खड़े होकर सूर्य को अघ्र्य प्रदान करते हैं।

फलदायी और समृद्धिदायक है
छठ का व्रत निर्जला व्रत है। इसे करनेवाले लोग इस व्रत में 36 घंटे तक बिना पानी पिए रहते हैं। बिहार और पूर्वी उत्तरप्रदेश में छठ आस्था व भक्ति के साथ मनाई जाती है। पंचांग की गणना के अनुसार, इस बार छठ पर्व पर कई दुर्लभ शुभ संयोग बन रहे हैं जो शुभ फलदायी और समृद्धिदायक हैं। रविवार भगवान सूर्य का दिन माना जाता है इस दिन से छठ आरंभ हो रहा है। 11 नवंबर रविवार को नहाय-खाए पर सिद्धि योग का संयोग बन रहा है। सांझ के अघ्र्यवाले दिन यानी 13 नवंबर को अमृत योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग बन रहा है।

कई पापों का नाश होता है
छठ के अंतिम दिन अर्थात प्रात: कालीन अघ्र्य पर बुधवार 14 नवंबर को सुबह के समय छत्र योग का संयोग बन रहा है। इस योग को धन और समृद्धिदायक माना गया है। हिंदू धर्म में सूर्य को जल देने का बहुत महत्व है और छठ पूजा के पावन पर्व पर ढलते और उगते हुए सूर्य को अघ्र्य देने से कई पापों का नाश होता है।

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