अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस 2019 : मजदूरी के दलदल में फंसा बचपन

अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस 2019 : मजदूरी के दलदल में फंसा बचपन

Amaresh Singh | Updated: 12 Jun 2019, 02:58:37 PM (IST) Shahdol, Shahdol, Madhya Pradesh, India

सालभर में श्रम विभाग ने दर्ज किए 33 मामले

शहडोल। बाल श्रम पर सरकार द्वारा सख्ती के बाद भी रोक नहीं लग पा रही है, बाल श्रमिकों से बाल श्रम जिले भर में कराया जा रहा है। बाल श्रम पर रोक लगाने के लिए बनाए गए श्रम विभाग द्वारा कार्रवाई के बाद भी जगह- जगह बाल श्रमिकों से मजदूरी कराई जा रही है। जबकि शासन द्वारा बाल श्रम कानून के तहत अलग-अलग प्रावधानों के तहत सजा और जुर्माने का प्रावधान भी संविधान में किया गया है। बावजूद इसके बाल श्रम पर रोक नहीं लग पा रही है। जबकि जिले भर में संचालित व्यापारिक प्रतिष्ठानों और चाय की दुकानों सहित घरों में लोगों द्वारा बाल श्रम कराया जाता है, लेकिन कारगर और सख्त कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण बाल श्रम पर रोक नहीं लग रही है।

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श्रम विभाग ने किए 33 मामले दर्ज
जिले में न्यूनतम और कम आयु के श्रमिकों से मजदूरी कराने के मामले में एक साल के दौरान श्रम विभाग ने कुल 33 मामले अलग-अलग प्रतिष्ठानों के विरुद्ध बनाते हुए 30 मामलों लेवर का दावा प्रकरण बनाकर श्रम न्यायालय में पेश किया है। इन मामलों में विभाग ने लगभग 88 लाख 96 हजार 888 रुपए का दावा प्रस्तुत पेश किया है। बताया गया है कि विभिन्न प्रतिष्ठानों द्वारा बाल श्रम कराने के मामले में इन संस्थाओं को नोटिस जारी करने के बाद जवाब तलब किया गया और इसके बाद श्रम न्यायालय में मामला पेश किया गया है।

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तीन मामले सीजेएम कोर्ट में विचाराधीन
श्रम विभाग द्वारा कुल 33 दर्ज मामलों में से 3 मामले सीजेएम न्यायालय में पेश किए गए हैं। बताया गया है कि 11 मामलों में इसके पहले न्यायालय द्वारा 500 रुपए का अर्थदण्ड लगाते हुए सजा सुनाई है। श्रम विभाग द्वारा शिकायतों के आधार पर समय समय पर व्यापारिक प्रतिष्ठानों की चेकिंग की जाती है और कम उम्र के बच्चों से मजदूरी कराने पर मामले दर्ज किए जाते हैं।

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33 मामले किए दर्ज
न्यूनतम उम्र के लोगों से बाल श्रम कराने पर कुल 33 मामले जिले भर में साल भर के दौरान दर्ज किए गए हैं। तीन मामले सीजेएम कोर्ट में विचाराधीन हैं। 11 मामलों में 500-500 रुपए का अर्थदण्ड न्यायालय द्वारा सजा के रूप में अधिरोपित किया गया है।
संध्या सिंह
श्रम अधिकारी
शहडोल

 

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