खुद हुईं कोरोना संक्रमित तो किराए के मकान में रहीं, बच्चे को मां के घर छोड़ा

कोरोना मरीजों का इलाज करते वक्त हो गई थी कोरोना संक्रमित

By: amaresh singh

Published: 10 Dec 2020, 01:09 PM IST

शहडोल. महिलाएं जिस भी क्षेत्र में हो अपने कर्तव्य को भलिभांति निभाती हैं। मेडिकल कॉलेज की स्टाफ नर्स पूजा तिवारी भी उन्हीं में से एक हैं। पूजा तिवारी को जून माह में मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए ड्यूटी लगाया गया। पूजा को जब यह बताया गया कि अब आपको आईसीयू में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए ड्यूटी लगाई जा रही है तो पूजा ने अपने 12 साल के बच्चे को नानी के पास छोड़ दिया। घर परिवार से दूर वह शहर में किराए के मकान में रहने लगी। इसके बाद वह आईसीयू में कोरोना मरीजों का इलाज करने लगी। कोरोना मरीजों के इलाज के दौरान वह 28 सितंबर को कोरोना पॉजिटिव हो गई। इसके बाद उन्हें 14 दिन के लिए क्वारंटीन रहना पड़ा।


ठीक होने के बाद फिर कोरोना मरीजों के इलाज में जुट गई
अक्टूबर माह में वह कोरोना से ठीक हो गई। ठीक होने के बाद वह फिर सके आईसीयू में कोरोना मरीजों का इलाज करने लगी। कोरोना से ठीक होने के बाद भी उनकी दिक्कतें कम नहीं हुई। उनके सिर में दर्द, ज्यादा चलने पर सांस फूल जाना और फीवर आना लगा रहा। इसके बाद बावजूद वह कोरोना मरीजों का कर्तव्यभाव से इलाज करती रहीं। इसके बाद 18 नवंबर को फिर से उनकी तबीयत खराब हुई। उन्हें तेज फीवर आने लगा। कमजोरी की शिकायत होने लगी। जांच कराया तो कोरोना नहीं निकला लेकिन कमजोरी ज्यादा होने की वजह से उन्हें दस दिन की छुट्टी लेनी पड़ी। छुट्टी खत्म होने के बाद वह फिर से कोरोना मरीजों के इलाज में जुट गई हैं। जून माह के बाद से अब तक वह अकेले ही परिवार और बच्चे से दूर रहकर कोरोना मरीजों का इलाज कर
रही हैं।

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