ब्लैक अप्रेल: बढ़ता रहा कोरोना, दम तोड़ रहे मरीज

मार्च की अपेक्षा अप्रैल में कई गुना बढ़ा कोरोना संक्रमण

By: amaresh singh

Published: 03 May 2021, 11:39 AM IST

इंट्रो- कोरोना संकट काल के बीच अप्रेल का माह ब्लैक अप्रेल था। जिला सहित पूरा शहडोल संभाग अप्रेल माह में तेजी से कोरोना के शिकंजे में जकड़ता चला गया। अप्रेल के शुरुआत से ही कोरोना संक्रमण रंग दिखाना शुरू कर दिया था। अप्रेल के 30 दिनों कोरोना के ताडंव ने वो जख्म दिए हैं, जो लोगों को भुला पाना मुश्किल है। कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढऩे के साथ मौत के ग्राफ भी एकदम बढ़ा है। श्मशाम में हर दिन अंतिम संस्कार के लिए लाइन लग रही है। पिछले एक साल में बीच अप्रेल में जहां तेजी से संसाधन बढ़ाए हैं। आइसीयू में बिस्तर कई गुना बढ़ाए हैं। ऑक्सीजन प्लांट के साथ सेपरेशन यूनिट की तैयारियां चल रही हैं, फिर भी अधूरी हैं। उधर कोरोना से इस जंग में योद्धा डॉक्टर्स, पुलिस, पैरामेडिकल स्टाफ के साथ सफाईकर्मी और नगरपालिका का अमला भी डटा हुआ है।

शहडोल. जिले में पूरे सालभर की तुलना में अप्रेल 2021 में कोरोना संक्रमण कई गुना ज्यादा बढ़ा है। अभी भी कोरोना संक्रमण में तेजी से इजाफा हो रहा है। कोरोना संक्रमण मरीजों के बढऩे के साथ एक्टिव केसों की संख्या भी बढ़ी है तो वहीं मौतों की संख्या भी बढ़ी है। ऑक्सीजन प्रेशन घटने से मरीजों की मौत का मामला भी अप्रेल में रहा। परिजन मरीजों के लिए बेड के लिए जद्दोजहद करते नजर आए। ऑक्सीजन की किल्लत के बीच मिन्नतें करनी पड़ी तो कहीं पर इलाज के लिए हाथ जोडऩा पड़ा।

एक माह में सबकुछ बदला: अप्रेल में 4 हजार मरीज
शहडोल जिले में मार्च माह में कोरोना के 221 केस मिले थे। इसमें होमआइसोलेशन में 133 मरीज थे। स्वस्थ्य होने पर 108 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया था। मार्च माह में एक्टिव केस 173 थे। वहीं अप्रैल माह में तो कोरोना का संक्रमण इतनी तेजी से बढ़ा कि हर दिन शतक के ऊपर कोरोना के मरीज मिलने लगे। अप्रैल माह में कोरोना के 4019 मरीज मिले हैं। इसमें होमआइसोलेशन में 1095 मरीज थे जबकि 2658 मरीजों को स्वस्थ्य होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया। अप्रेल माह में कुल 1435 एक्टिव केस थे।

मार्च में पांच और अप्रेल में 50 पार मौत
अप्रेल में मौत का ग्राफ भी जिले में एकदम तेजी से बढ़ा है। मेडिकल कॉलेज में लगातार मौत हो रही हैं। मई में भी रफ्तार कम नहीं हुई है। मार्च की अपेक्षा अप्रैल में मौत भी ज्यादा हुई है। मार्च माह में कोरोना से मात्र पांच लोगों की मौत हुई थी जबकि अप्रैल माह में कोरोना से 49 लोगों की मौत हुई है। मार्च में 31 दिन के भीतर जिले में 200 कोरोना संक्रमित मरीज सामने आए हैं। जिले में फरवरी माह तक कोरोना का संक्रमण काफी कम हो गया था। फरवरी माह में किसी दिन एक से दो मरीज तो किसी दिन शून्य मरीज मिल रहे थे। इससे लग रहा था कि जिले में कोरोना संक्रमण खत्म हो गया है लेकिन इसके बाद मार्च माह से कोरोना संक्रमण तेजी से बढऩे लगा। मार्च में कोरोना के 200 मरीज मिले।


फैक्ट फाइल
मरीज मार्च 2021 तक अप्रेल 2021 अंतर
कुल संक्रमित 3209 7124 3915
कुल स्वस्थ्य 3070 5608 2538

मेडिकल कॉलेज में इस तरह बढ़े संसाधन

ऑक्सीजन: कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उस हिसाब से मेडिकल कॉलेज में संसाधन भी बढ़ाए जा रहे हैं। पिछले साल 2020 में सभी कोरोना मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत नहीं पड़ रही थी लेकिन इस साल आने वाले लगभग अधिकांश मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है। मेडिकल कॉलेज में साल 2020 में ऑक्सीजन के 55 बिस्तर थे जो साल 2021 में बढ़ाकर 190 बिस्तर कर दिया गया था। बाद में तीन सौ से ज्यादा बिस्तर कर दिए गए। इसी तरह साल 2020 में मेडिकल कॉलेज में आईसीयू के 40 बिस्तर थे, जिसको साल 2021 में बढ़कार 70 बिस्तर कर दिया गया है। इसके अलावा एचडीयू के साथ 300 से ज्यादा ऑक्सीजन सपोर्टेड बिस्तर भी मेडिकल कॉलेज में है।

ऑक्सीजन सिलेंडर: साल 2020 में प्रति घंटे मरीजों पर 12 से 15 सिलेंडर ऑक्सीजन के खर्च हो रहे थे लेकिन साल 2021 में प्रति घंटे 25 सिलेंडर ऑक्सीजन से ज्यादा खर्च हो रहे हैं।

वेंटिलेटर: 2020 में मेडिकल कॉलेज में 10 से 15 वेंटिलेटर का उपयोग हो रहा था लेकिन 2021 में सभी 40 वेंटिलेटर का उपयोग हो रहा है। मेडिकल कॉलेज में 403 बेड है उनको तैयार कर लिया गया है।

डॉक्टर्स से लेकर नर्सों की नियुक्तियों के लिए स्वीकृति
मेडिकल कॉलेज में स्टाफ के लिए एनएचएम से स्वीकृति मिली है। डॉक्टर से लेकर नर्स और कई पदों पर नियुक्तियों के लिए हरी झण्डी दे दी गई है। डीन मेडिकल कॉलेज ने पत्राचार किया था। प्रबंधन की मांग पर स्टाफ की स्वीकृति एनएचएम ने प्रदान कर दी है। मेडिकल कॉलेज में कोविड अस्पताल के लिए 303 ऑक्सीजन बेड, 100 आईसीयू/एचडीयू बेड एवं संचालित वायरोलॉजी के संचालन के लिए स्टाफ की स्वीकृति मिली है। इसमें 11 मेडिकल आफिसर, 128 स्टाफ नर्स, 108 वार्ड ब्वॉय, 26 हाउस कीपिंग, 10 ऑक्सीजन टेक्निीशियन,9आईसीयू/वेन्टीलेटर टेक्नीशियन, 7 फार्मासिस्ट, 7 एक्स-रे टेक्नीशियन, 10 लैब टेक्निीशियन, 7 डाटा एंट्री ऑपरेटर के पदों के लिए एनएचएम से स्वीकृति मिली है।

100 जंबो सिलेंडर, 20 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की होगी खरीदी, बुढ़ार और जैतपुर को मिलेगी एंबुलेंस
शहडोल. शहडोल में 100 जंबो सिलेंडर, 20 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की खरीदी होगी। इसी तरह बुढ़ार और जैतपुर अस्पताल के लिए एंबुलेंस खरीदी की गई।

एसइसीएल 28 दिन में लगाए एयर सेपरेशन यूनिट, ओपीएम 48 घंटे में करे ऑक्सीजन की व्यवस्था। इसी तरह धनपुरी में 20 व ओपीएम अस्पताल में 50 बिस्तरीय कोविड केयर सेंटर शुरू कराया गया।

सामग्री संख्या राशि
कंसट्रेटर 50 26.85 लाख
सिलेण्डर 145 08.25 लाख
ऑक्सीजन प्लांट 01 29.70 लाख
गैस स्टोर टैंक 01 3.75 लाख

जिला अस्पताल में 100, ब्यौहारी में 40 और बुढ़ार, धनपुरी में होंगे 10-10 ऑक्सीजन बेड बढ़ाए।

- कोरोना मरीजों के लिए सीटी स्कैन जांच। सोमवार से शुरू होगी जांच, सरकारी में एक हजार और निजी क्लीनिकों में लगेंगे तीन हजार रुपए। जिला अस्पताल में जांच शुरू, मेडिकल कॉलेज में आएगी मशीन।

- कोरोना संक्रमण की चेन तोडऩे लॉकडाउन, वैक्सीनेशन में भी शहडोल मध्यप्रदेश में रहा आगे
वो काली रात.... भुला पाना मुश्किल
आधी रात घटा ऑक्सीजन का प्रेसर, 16 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौ
शहडोल. मेडिकल कॉलेज व प्रशासन के दावों के बीच बीती रात मेडिकल कॉलेज के आईसूय व अन्य ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड में ऑक्सीजन सप्लाई की रफ्तार काफी धीमी पड़ गई थी। यहां 16 मरीजों की मौत हो गई थी। कोरोना संक्रमित की मौत के बाद उसके परिजनो ने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया था। मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन का प्रेसर कम होने के बाद मरीजों की हुई मौत मामले को लेकर प्रबंधन पर आंकड़े छिपाता रहा। कुल 16 मरीजों की मौत हो गई थी। जबकि मेडिकल कॉलेज प्रबंधन 6 मौतों का ही दावा करता रहा।

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