पुलिस वाला पकड़ा गया गंदा काम करते हुए, अब हुई इतने साल की जेल

पुलिस वाला पकड़ा गया गंदा काम करते हुए, अब हुई इतने साल की जेल

Shiv Mangal Singh | Publish: Sep, 07 2018 07:19:33 PM (IST) Shahdol, Madhya Pradesh, India

पांच साल बाद अदालत ने सुनाई सजा

शहडोल। कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी होती है, लेकिन यदि पुलिस ही गैरकानूनी काम करने वालों के साथ खड़ी हो जाए, अथवा खुद ही गैरकानूनी कामों के गंदे खेल में शामिल हो जाए तो फिर क्या हाल होगा। ऐसे ही एक पुलिस वाले को गंदा काम करते हुए लोकायुक्त की टीम ने रंगेहाथ पकड़ा था। पांच साल तक मामला चला अब उसे चार साल की सजा सुनाई गई है।

ये पुलिस वाला शहडोल के जयसिंहनगर थाना में तैनात था। जयसिंहनगर थाना अंतर्गत चोरी के संदेहियों से रिश्वत मांगने वाले प्रधान आरक्षक को न्यायालय ने चार साल की सजा से दंडित किया है। प्रकरण की सुनवाई प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश अविनाश चन्द्र तिवारी द्वारा की जा रही थी। मीडिया सेल प्रभारी एडीपीओ नवीन कुमार के अनुसार, 16 मई 2013 को जयसिंहनगर में पदस्थ प्रधान आरक्षक अशोक कुमार मिश्रा ने शेषमणि पाल, तुलसी दास पाल और कुबरा के केमला साहू को जयसिंहनगर थाने में बुलाकर धमकाया था। आरोपी प्रधान आरक्षक का कहना था कि तीनों के खिलाफ चोरी के संदेह की शिकायत हुई है। प्रधान आरक्षक अशोक कुमार मिश्रा ने तीनों लोगों से दो दो हजार रुपए की मांग की थी। पैसा न देने पर एफआईआर करने की धमकी दी जा रही थी। ग्रामीणों ने मामले की शिकायत लोकायुक्त पुलिस रीवा से की थी। शिकायत के बाद लोकायुक्त ने पहले जांच की। जांच में शिकायत सही पाई गई तो उस प्रधान आरक्षक को पकडऩे के लिए लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाया। रिश्वत के लिए दबाव बना रहा प्रधान आरक्षक लोकायुक्त टीम के बिछाए गए जाल में फंस गया। लोकायुक्त ने कार्रवाई करते हुए प्रधान आरक्षक को 17 जून 2013 को 25 सौ रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा था। मामले की सुनवाई शहडोल न्यायालय में की जा रही थी। जिसके बाद न्यायाधीश अविनाश चन्द्र तिवारी ने प्रधान आरक्षक अशोक कुमार मिश्रा को अलग अलग धाराओं तहत दोषी पाते हुए चार साल की सजा से दंडित किया है। प्रकरण में अभियोजन की ओर से पैरवी डीपीओ विश्वजीत पटेल और एडीपीओ कविता कैथवास द्वारा की गई।

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