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खतरा : कम नहीं हो रहा बिना हेलमेट व सीट बेल्ट के वाहन चलाने का प्रचलन, अनदेखी से लगातार जा रही जान

locationशाहडोलPublished: Dec 24, 2023 12:25:01 pm

Submitted by:

Ramashankar mishra

जनवरी से अब तक 545 हादसों में 172 लोगों की मौत
पिछले डेढ़ माह में यातायात पुलिस ने 1400 से अधिक वाहन चालकों पर की कार्रवाई

खतरा : कम नहीं हो रहा बिना हेलमेट व सीट बेल्ट के वाहन चलाने का प्रचलन, अनदेखी से लगातार जा रही जान
खतरा : कम नहीं हो रहा बिना हेलमेट व सीट बेल्ट के वाहन चलाने का प्रचलन, अनदेखी से लगातार जा रही जान

शहडोल. हेलमेट की अनदेखी से लगातार जान जा रही हैं, इसके बाद भी वाहन चालक सबक नहीं ले रहे हैं। इस वर्ष 545 सड़क हादसे में 172 लोगों ने अपनी जान गंवाई है। इनमें से सबसे ज्यादा मौतें हेलमेट न लगाने की वजह से सिर में चोंट लगने की वजह से होना बताया जा रहा है। दो पहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट व चार पहिया चालकों के लिए सीट बेल्ट की अनिवार्यता के बाद भी लोग इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। इनकी यही लापरवाही इनके मौत का कारण बन रही है। इसे लेकर पुलिस प्रशासन लगातार अभियान चला रहा है। वाहन चालकों को जागरुक करने के साथ ही लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध कार्रवाई भी की जा रही है। इसके बाद भी वाहन चालक हेलमेट व सीट बेल्ट को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।
डेढ़ माह में काटे 1486 रुपए के चालान
यातायात पुलिस ने पिछले डेढ़ माह 1 नवंबर से 12 दिसंबर के बीच बिना हेलमेट व सीटबेल्ट के वाहन चलाने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की है। इस दौरान पुलिस ने लगभग 1486 चालानी कार्रवाई की है। इनमें से 1248 चालानी कार्रवाई बिना हेलमेट दो पहिया वाहन चलाने वालों के विरुद्ध की गई है। वहीं 238 चालानी कार्रवाई बिना सीट बेल्ट लगाए चार पहिया वाहन चलाने वालों पर हुई है। यातायात पुलिस के लगातार अभियान चलाए जाने व समझाइश देने के साथ ही कार्रवाई करने के बाद भी वाहन चालकों में सुधार देखने नहीं मिल रहा है।
अब तक 172 लोगों की हो चुकी मौत
जिले में 1 जनवरी से 12 दिसंबर के बीच 545 से अधिक सड़क हादसे हुए हैं। इन सड़क हादसों में 172 लोग अपनी जान गवां चुके हैं। वहीं पिछले वर्ष 197 लोग सड़क हादसे में काल की गाल में समा गए थे। यातायात पुलिस की माने तो अधिकांश मौतें बिना हेलमेट व सीट बेल्ट के वाहन चलाने की वजह से ही हुई हैं।
80 फीसदी चालक बिना हेलमेट चला रहे वाहन
यातायात के साथ ही अलग-अलग थानों की पुलिस लगातार सख्त रुख अपना रही है। इसके बाद भी जिले के लगभग 80 फीसदी वाहन चालक बिना हेलमेट पहने दो पहिया वाहन चला रहे हैं। इसके अलावा चार पहिया वाहन चालकों की आदत में सीट बेल्ट लगाना नहीं है।
हेड इंजुरी की वजह से जा रही जान
जानकारों की माने तो सड़क हादसें में होने वाली अधिकांश मौतें हेड इंजरी की वजह से होती हैं। चिकित्सकों की माने तो सड़क हादसे में वाहन चालकों या फिर पीछे बैठने वाले के सिर में गंभीर चोंट लगने की स्थिति में उन्हें बचा पाना इतना आसान नहीं होता है। ऐसे मामलो में अधिकांश घायलों की मौत हो जाती है। रक्त न निकलने की स्थिति में ब्लॉकेज व बाद में तकलीफ बढऩे की संभावना बनी रहती है। यदि वाहन चालक या पीछे बैठने वाला हेलमेट लगाए हुए है तो हेड इंजरी के चांस कम हो जाते हैं।
इनका कहना है
हेलमेट व सीट बेल्ट को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। लोगों को नियमों का पालन करने समझाइश दी जा रही है, साथ ही चालानी कार्रवाई भी की जा रही है। सड़क हादसें में अधिकांश मौत हेलमेट व सीट बेल्ट न लगाने की वजह से हो रही हैं।
- विनय सिंह, यातायात प्रभारी शहडोल

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