दीनदयाल रसोई में लगा ताला, भूखे पेट सोने गरीब और प्रवासी श्रमिक मजबूर

लाकडाउन में 24 हजार लोगों को कराया नि:शुल्क भोजन

By: lavkush tiwari

Updated: 14 Jun 2020, 01:06 PM IST

शहडोल. गरीबों और प्रवासी श्रमिकों के लिए नपा द्वारा शुरू की गई दीनदयाल रसोई योजना लगभग दो महीने चलाने के बाद नपा ने बंद कर दी है। रसोई बंद होने के कारण गरीबों को भोजन नहीं मिल रहा है, जिससे गरीब ताला लटका हुआ देख वापस जाने मजबूर हो रहे हैं। बताश्या गया है कि शासन द्वारा गरीबों को 5 रुपए थाली के हिसाब से भर पेट भोजन दिया जाना था, लेकिन रसोई का संचालन नहीं हो पा रहा है।
72 क्विंटल हर महीने मिलता है राशन-
जानकारी में बताया गया है कि खाद्य विभाग द्वारा नपा को हर महीने दीनदयाल रसोई योजना के संचालन के लिए 22 क्विंटल चावल और 50 क्विंटल गेहूं का आवंटन गरीबों को खाना खिलाने के लिए दिया जाता है। लाकडाउन के दौरान अप्रैल और मई तक नपा द्वारा लाकडाउन के दौरान दीनदयाल रसोई के माध्यम से नि:शुल्क खाने का वितरण नगर के गरीबों और जरूरत मंदों के साथ प्रवासी श्रमिकों को किया गया, लेकिन लाकडाउन बंद होते ही नपा ने रसोई बंद कर दी।
24 हजार को कराया भोजन-
लाकडाउन के दौरान बीते दो महीने में लगभग 24 हजार प्रवासी और गरीब तथा जरूरतमंदों को नि:शुल्क भोजन कराया गया है। इसमें विभिन्न सामाजिक संगठनों और कार्यकर्ताओं की मदद भी ली गई, लेकिन 4 जून से अचानक दीनदयाल रसोई योजना बंद होने से गरीबों और प्रवासी श्रमिकों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
नपा की मजबूरी-
नपा को नहीं मिल रहे सामाजिक संगठन और एंजियो-
बताया गया है कि शासन की योजना के तहत नपा के सहयोग से किसी सामाजिक संगठन ओर एंजियों के माध्यम से दीनदयाल रसोई का संचालन किया जाना था, लेकिन नपा को कोई सामाजिक संगठन और एंजियो नहीं मिलने के कारण नपा दीनदयाल रसोई चलाने में असफल साबित हो रही है। बताया गया है कि शासन द्वारा खाद्यान के अलावा सब्जी और दाल केअतिरिक्त अन्य सामग्री के लिए राशि आवंटित नहीं किए जाने से समस्या आ रही है।
जल्द किया जाएगा रसोई का संचालन-
रसोई संचालन के लिए 72 क्विंटल खाद्यान का आवंटन किया जाता है। लाकडाउन के दौरान दो महीने तक संचालन किया गया जिसमें लगभग 24 हजार लोगों को नि:शुल्क खाना खिलाया गया। जल्द ही सामाजिक संगठनों के सहयोग से रसोई का संचालन कराया जाएगा।
विकास मिश्रा
प्रभारी दीनदयाल रसोई योजना
नपा-शहडोल

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