...क्या आपने भी जमा नहीं किया है रिटर्न.....तो आ सकती है यह परेशानी

जीएसटी रिर्टन दाखिल न करने पर 200 व्यापारियों को नोटिस

तीन माह से दाखिल नहीं हुआ 50 प्रतिशत रिटर्न, 7 दिनों के अंदर रिटर्न भरने के निर्देश

By: Murari Soni

Published: 10 Nov 2017, 09:34 PM IST

मुरारी सोनी

शहडोल। जीएसटी के तहत रिटर्न दाखिल करने से बच रहे व्यापारियों को रिटर्न भराने के लिए विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। फिलहाल विभाग ने जिले के लगभग २०० व्यापारियों को नोटिस जारी किया है। अभी तक जिले के करीब ४ हजार जीएसटी नंबर धारियों मे से ५० प्रतिशत व्यापारियों ने विगत ३ माह से रिटर्न फाइल नहीं किया है। जीएसटी विभाग ने नोटिस भेजकर चेताया है कि ७ दिनों के अंदर वह रिटर्न दाखिल करें अन्यथा उन्हें डिफाल्टर घोषित कर, उनका जीएसटी नंबर निरस्त कर दिया जाएगा।
जिले में जीएसटी लागू होने के बाद विगत जुलाई, अगस्त और सितंबर माह का रिटर्न दाखिल नहीं हुआ है। रिटर्न दाखिल न करने को लेकर व्यापारी अपना-अपना तर्क दे रहे हैं। वहीं व्यापारियों की समस्याओं को लेकर जीएसटी विभाग ने एक हेल्पडेस्क बनाई है, जिसमें तीन कर्मचारियों को व्यापारियों की समस्याओं का निदान करने के लिए लगाया गया है। तमाम प्रयासों के बाद भी रिटर्न दाखिल करने वालों की कमी बनी हुई है। तीन माह में केवल ५० प्रतिशत रिटर्न दाखिल किया गया है।
चार हजार जीएसटी नंबर धारी में १ हजार व्यापारी कंपोजन स्कीम के तहत आते हैं। कंपोजीशन स्कीम में शामिल व्यापारियों को तीन माह में एक बार रिटर्न दाखिल करना होता है, लेकिन वह भी रिटर्न दाखिल करने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
रिटर्न दाखिल करने का आंकड़ा गिरने के बाद विभाग ने शुक्रवार को शहडोल शहर के २०० व्यापारियों को नोटिस भेजा है। इसके अलावा ब्यौहारी, धनपुरी जैसे ग्रामीण अंचलों के व्यापारियों को भी नोटिस भेजने की कार्रवाई की जा रही है।
रिटर्न दाखिल न करने पर जीएसटी विभाग व्यापारियों के रजिस्ट्रेशन रद्द करने की कवाय द कर रहा है। हालाकि जीएसटी नंबर रद्द करने से पहले, व्यापारियों को चेताया जा रहा है कि रजिस्टे्रशन रद्द होने से वह इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम नहीं कर पाएंगे। माल की खरीदी नहीं हो पाएगी, उन्हें व्यापार में अनेकों समस्याएं होंगी।
दिक्कत है तो हमें बताएं
विभाग ने व्यापारियों की समस्याएं सुलझाने के लिए एक हेल्पडेस्क बनाई है। विभाग का कहना है कि व्यापारियों को यदि कोई दिक्कत हो रही है तो वे विभाग को अवगत कराएं। विभाग ने कहा है कि दिक्कतों का बहाना बनाकर रिटर्न दाखिल करने में आनाकानी नहीं चलेगी। विभाग व्यापारियों की हर तरह से मदद करने को तैयार है।
बिल देने से बच रहे व्यापारी
शहर में व्यापारी ग्राहकों को बिल देने में बच रहे हैं। पहली बात को ग्राहक भी इस ओर ध्यान नहीं देते दूसरी तरफ यदि कोई ग्राहक उनसे बिल मांगता है तो उन्हें कच्चे कागज पर बिल दे दिया जाता है। यदि कोई ग्राहक पक्का बिल मांगता है तो व्यापारी उसके साथ बेरुखी से पेश आते हैं और ग्राहक बिल देने में काफी आनाकानी करते हैं। कई बार ग्राहक को बिल देने में 15-20 मिनट तक इंतजार कराया जाता है।
फैक्ट फाइल
* ४ हजार जीएसटी नंबर धारी व्यापारी
* १ हजार कंपोजीशन स्कीम में शामिल व्यापारी
* ७ दिनों में जमा करें रिटर्न, वरना रद्द होंगे जीएसटी नंबर
* ३ माह से जमा नहीं हुआ ५० प्रतिशत रिटर्न
* २०० शहर के व्यापारियों को थमाया गया नोटिस
* धनपुरी, ब्यौहारी सहित ग्रामीण अंचलों में भी कार्रवाई जारी

----विगत तीन माह से रिटर्न दाखिल न करने वाले व्यापारियों को नोटिस दिया गया है। व्यापारी रिटर्न दाखिल करवाएं, अन्यथा जीएसटी नंबर रद्द करने की कार्रवाई होगी। यदि समस्याएं आ रहीं हैं तो वह विभाग में आएं, हमने हेल्पडेस्क बनाई है। समस्याओं का निदान किया जाएगा।
प्रकाश सिंह
सहायक आयुक्त जीएसटी विभाग शहडोल।

GST
Murari Soni
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned