इस वजह से भर गया सरकार का खजाना

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By: shivmangal singh

Published: 13 Mar 2018, 02:24 PM IST

शहडोल- जीएसटी लागू होने के 9 माह में ही सरकार के खजाने में करीब ५ करोड़ अधिक राजस्व की वृद्धि हुई है। शहडोल और उमरिया जिले में रिटर्न फाइल का प्रतिशत 95 तक पहुंच गया है। विगत वर्ष जहां 151 करोड़ का रेवेन्यू आया था वहीं इस वर्ष रेवेन्यू बढ़ गया है। अभी मार्च का महीना शेष है और अधिकारी राजस्व वसूली में लगे हुए हैं। जीएसटी मेें 1 हजार से अधिक नए रजिस्ट्रेशन, कर चोरी, लेखा-जोखा में पारदर्शिता सहित अनेक मामलों में सहूलियत हुई है, वहीं व्यापारी वर्ग जीएसटी के प्रतिदिन बदलते नियम, नेट, सर्वर की समस्याओं से अभी भी जूझ रहा है।

विभाग द्वारा बताए गए जीएसटी के लाभ
- जीएसटी के पहले वित्तीय वर्ष 2016-17 में 151 करोड़ राजस्व आया
- जीएसटी के बाद अब तक 9 माह में 95 प्रतिशत रेवन्यू आ चुका है
- अप्रैल से जून 2017 तीन माह में 41 करोड़ राजस्व आया था
- लगभग 5 करोड़ अधिक राजस्व अदा किया गया
- करों की चोरियां कम हुईं
- व्यापारियों के लेखा-जोखा में पारदर्शिता आई
- डिफाल्टर ठेकेदार को चिंहित करने में आसानी हुई
- व्यापारी सजग हुए, नए पंजीयन हुए
- कंपोजीशन स्कीम में शामिल व्यापारियों को रिटर्न फाइल करने में सहूलियत
- व्यापारी घर बैठे ऑनलाइन रिटर्न फाइल कर सकता है

जीएसटी के बाद रजिस्टर्ड व्यापारियों की स्थिती
- 6400 व्यापारी जीएसटी के पहले रजिस्टर्ड थे
- जीएसटी के बाद 4190 पुराने व्यापारियों का अपडेशन हुआ
- 1200 नए जीएसटी पंजीयन हुए
- 500 व्यापारियों को डिफाल्टर घोषित किया
- 350 के खाते अटेच किए गए
- 1500 करीब संदिग्ध व्यापारियों के पंजीयन नंबर निरस्त, कुछ रीस्टोर किए गए
- 2 दर्जन से अधिक बाहरी कंपनियों पर शिकंजा कसा गया
- 10 बड़े व्यापारियों की संपत्ति कुर्क करने की चल रही कार्रवाईयां
- 21 नवबंर से रिटर्न फाइन न करने पर पेनाल्टी लगाने का कदम उठाया गया
- 1100 से अधिक व्यापारी कंपोजीशन स्कीम में शामिल हुए

जीएसटी से व्यापारियों की बताई गईं समस्याएं
- रिटर्न फाइल करने नए एक्ट से परेशानियां रिवाइस करने का प्रोसीजर नहीं मिलता
- बार-बार डेट बढ़ाने से आम लोगों में कंफ्युजन पैदा हो रहा
- रिटर्न फाइल में टेक्नीकल त्रुटियां कंसल्टेंट जानते हैं पर आम लोग अभी भी भ्रमित
- सर्वर और नेट की समस्या
- एकाएक नंबर निरस्त होने से माल खरीदी और बिक्री में व्यापारियों की समस्याएं
- समझाइश देने के लिए शिविर लगाने की जरूरत

शिविर लगाए जाने की आवश्यकता है- सुशील सिंघल, सीए
जीएसटी के ऑनलाइन सिस्टम से व्यापारी घर बैठे रिटर्न फाइल कर सकता है, लेकिन इसमें कुछ समस्याएं भी आ रहीं हैं। जिसका असर आम लोगों पर पड़ रहा है। सैकड़ों व्यापारियों के रजिस्ट्रेशन एक साथ निरस्त कर देने से व्यापारी परेशान हुए। रिटर्न की बार-बार बदलती डेट से आम लोग दुविधा में रहते हैं। शिविर लगाए जाने की आवश्यकता है।

राजस्व वसूली का आंकड़ा बढ़ा है
शहडोल जीएसटी सहायक आयुक्त प्रकाश सिंह बघेल के मुताबिक जीएसटी लागू होने के बाद व्यापारियों में जहां सजगता आई है, वहीं राजस्व वसूली का आंकड़ा भी बढ़ा है। शुरुआत के 40 से बढ़कर रेवन्यू 95 प्रतिशत तक हो चुकी है। डिफाल्टर ठेकेदारों पर कार्रवाईयां हो रहीं हैं, करों पर चोरियां कम हुई हैं। अब पारदर्शिता से कार्य हो रहा है। दूरगामी परिणाम बेहतर होंगे।

 

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