पटवारी के लिए आज ही भर दें फॉर्म, कल हो सकती है दिक्कत

पटवारी के लिए आज ही भर दें फॉर्म, कल हो सकती है दिक्कत

Shahdol online | Publish: Nov, 14 2017 04:23:58 PM (IST) Shahdol, Madhya Pradesh, India

फॉर्म भरने की कल आखिरी डेट

शहडोल- पटवारी भर्ती चयन परीक्षा के लिये आवेदन अभी भी भरे जा रहे हैं और यह प्रक्रिया आगामी १५ नवम्बर तक चलती रहेगी। क्योंकि पहले जो नोटिफिकेशन जारी किया गया था उसमें 11 नवंबर आखिरी तारीख था। और फॉर्म सुधार के लिए 16 नवंबर तक की समय सीमा तय की गई थी। जिसके बाद शनिवार को नोटिफिकेशन में आवेदन के लिए नियत तिथि में संसोधन करते हुए १५ नवम्बर तक समय सीमा बढ़ा दी गई थी। इस निर्णय ने छूटे हुए अभ्यर्थियों के शरीर में प्राण फूंकने का काम किया।

किन्ही कारणों से जो अभ्यर्थी आवेदन नही कर पाए थे वह अब फिर से आवेदन करने की तैयारी में जुट गए हैं। लेकिन अगर आपने अभी तक पटवारी के लिए आवेदन नहीं किया है और कल आखिरी तारीख का इंतजार कर रहे हैं तो ऐसा बिल्कुल भी ना करें। आवेदन आज ही कर दें। क्योंकि कल फिर इस पद के लिए आवेदन करने के लिए काफी भीड़ बढ़ सकती है। और हो सकता है की कल भीड़ बढऩे की वजह से सर्वर भी धीमा हो जाए। इसलिए अगर आप पटवारी बनना चाहते हैं। और फॉर्म भरने का मन बना ही लिया है तो तुरंत जाइए । और कोशिश करिए की फॉर्म आज ही भर दें।

जानिए क्या है स्लेबस
पटवारी भर्ती परीक्षा के लिये जो स्लेबस बनाया गया है उसमें सामान्य ज्ञान, सामान्य हिन्दी, सामान्य गणित व सामान्य अभिरुचि, कम्पयूटर विज्ञान के साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था व पंचायती राज को शामिल किया गया है। इस स्लेबस के अनुसार अभ्यर्थी सबसे ज्यादा ग्रामीण अर्थ व्यवस्था एवं पंचायत राज पर सबसे ज्यादा फोकस कर रहे हैं। जानकारों की माने तो ग्रामीण अर्थ व्यवस्था व पंचायत राज विषय इस भर्ती परीक्षा में विशेष महत्व रखता है। लेकिन इसके साथ ही हिन्दी व सामान्य गणित व सामान्य अभिरुचि जैसे विषयों को कम आंकना बुद्धिमत्ता नही कहलायेगी। इन विषयों पर भी अभ्यर्थियों को विशेष फोकस करने की आवश्यक्ता है। इनमें भी कई ऐसे बिंदू है जिनसे अभी अभ्यर्थी अछूते हैं। जिसका अध्ययन इस परीक्षा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

सामान्य हिन्दी में इसकी करें तैयारी
संधि और संधि विच्छेद, सामासिक पदों की रचना एवं सामास विग्रह, अनके शब्दों के एक शब्द व शब्द युग्म, व्याकरण की विषय वस्तु, उपसर्ग एवं प्रत्यय, पर्यायवाची शब्द एवं विलोम, शब्द शुद्धि- अशुद्ध शब्दों का शुद्धिकरण और शब्दगत् अशुद्धि का कारण, वाक्य शुद्धि, क्रिया - समकर्म, अकर्मक और पूर्व कालिक क्रियाओं के साथ ही वाक्यांश के लिये एक सार्थक शब्द के साथ ही अन्य व्याकरण से जुड़े हुये विषयों की तैयारी आवश्यक है। जानकारों का मानना है कि इसके लिये अभ्यर्थी वासुदेव नंदन प्रसाद की पुस्तक या फिर प्रथ्वी नंदन पाण्डेय की पुस्तक से अध्ययन करें।

सामान्य गणित को भी कम न आंके
सामान्य गणित व सामान्य अभिरुचि को भी स्लेबस में शामिल किया गया है। इसे भी कम आंकना अभ्यर्थियों के लिये घातक हो सकता है। सामान्य गणित व सामान्य अभिरुचि में बीजीय व्यंजक, क्षेत्रफल, वृत्त, ब्याज, घन और घनमूल, समीकरण, गुणनखंड, रेखा और कोण, समतलीय आकृतियां साझा, प्रतिशत, घातांक और घातांक के नियम, लाभ-हानि, विशेष कोणों की त्रिकोणमितीय अनुपात, ऊंचाई एवं दूरी पर आधारित सरल समस्याओं की तैयारी आवश्यक है।

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