नपा अध्यक्ष की अग्नि परीक्षा आज, सुबह 11 बजे से नपा में पार्षदों का सम्मिलन आयोजित

भाजपा ने राजेश शुक्ल और प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष रामलाल रौतेल को दी जवाबदारी

By: lavkush tiwari

Published: 03 Dec 2019, 07:00 AM IST

शहडोल. नगरपालिका अध्यक्ष उर्मिला कटारे के विरुद्ध पार्षदों द्वारा लाए गए अविश्वाश प्रस्ताव को लेकर दिनभर गहमा गहमी का माहौल बना रहा और भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के नेताओं की सक्रियता देखने को मिली। भाजपा ने जहां पार्षदों के ड्रैमेज कंट्रोल के लिए सोमवार को दोपहर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व विधायक अनूपपुर रामलाल रौतेल और पूर्व मंत्री तथा रीवा विधायक राजेन्द्र शुक्ल को भाजपा प्रदेश संगठन ने जवाबदारी दी है, देर शाम राजेन्द्र शुक्ल शहडोल पहुंचे और पार्षदों से गोपनीय बारी-बारी से मुलाकात कर उनकी नब्ज टटोली, वहीं रौतेल भी भाजपा पार्षदों के साथ अन्य पार्षदों से संपर्क करते रहे।
रीवा से पहुंचे गुरमीत सिंह मंगू- नपा अध्यक्ष के विरुद्ध लाए गए प्रस्ताव को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने रीवा जिला कांग्रेस अध्यक्ष गुरमीत सिंह मंगू को पार्षदों के बीच सामंजस्य स्थापित करने और भाजपा तथा निर्दलीय पार्षदों को साधने में लगे रहे। वहीं मंगू पार्षदों के घर जाकर व्यक्तिगत संपर्क किए, और गोपनीय तरीके से रात में रणनीति तैयार की।
किस पार्टी के कितने पार्षद-
नगरपालिका में मौजूदा स्थिति में भाजपा के 15 और कांग्रेस के 13 तथा 11 निर्दलीय पार्षद है, जिनमें 7 निर्दलीय पार्षद भाजपा समर्थित और 4 निर्दलीय पार्षद कांग्रेस पार्टी समर्थित हैं जो चुनाव जीतने के बाद भाजपा और कांग्रेस का दामन थाम लिए। इन पार्षदों को साधने भाजपा औरकांग्रेस दोनों दलों के नेता दिन भर मसक्तत करते रहे। वर्तमान समय में भाजपा के साथ कुल 22 और कांग्रेस के साथ कुल 17 पार्षद हैं। कांग्रेस इन पार्षदों के बीच अगर सेंधमारी में सफल रही तो नपा अध्यक्ष उर्मिला कटारे को कुर्सी से हटना होगा वरना उन्हे हटाना कांग्रेस के लिए आसान नहीं होगा। नगरपालिका अधिनियम की धारा 43 क के तहत नपा अध्यक्ष को हटाने के लिए जहां दो तिहाई यानी की 27 पार्षदों की अविश्वाश प्रस्ताव पारित होने के लिए जरूरत होगी वहीं, अध्यक्ष की कुर्सी बचाने के लिए 14 पार्षदों की आवश्यकता होगी। अध्यक्ष को हटाने 24 पार्षदों का समर्थन पाने की मसक्कत करने में लग गए हैं।
25 दिसंबर को पहली बार आया था अविश्वाश-
पहली बार नपा अध्यक्ष उर्मिला कटारे के विरुद्ध नपा अध्यक्ष के कामकाज से नाराज 9 भाजपा के पार्षदों ने कांग्रेस और निर्दलीय पार्षदों से साथ मिलकर कुल 31 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए थे। इस घटनाक्रम के बाद भाजपा नेताओं में हलचल मची और असंतुष्ट भाजपा पार्षदों को मनाने और रिझाने का सिलसिला शुरू हुआ। वहीं दुबारा 20 नवंबर को कुल 17 कांग्रेस और निर्दलीय पार्षदों ने मिलकर नपा अध्यक्ष के विरुद्ध अविश्वाश प्रस्ताव लाए जिसमें भाजपा के एक भी पार्षद शामिल नहीं हुए थे।
अब एडीएम की जगह एसडीएम मिलिन्द नागदेवे होंगे पीठासीन अधिकारी-
कलेक्टर ललित दाहिमा ने नपा अध्यक्ष के विरुद्ध प्रस्तुत किए गए अविश्वास प्रस्ताव की समस्त कार्रवाई विधिवत कराने एवं सम्मेलन की अध्यक्षता करने के लिए एडीएम अशोक कुमार ओहरी को की जगह एसडीएम मिलिंद नागदेवे को नियुक्त किया है। नागदेवे को उर्मिला कटारे अध्यक्ष के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव की समस्त कार्रवाई विधिवत संपन्न करने एवं सम्मेलन की अध्यक्षता करने के लिए कलेक्टर ने पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया है। उक्त कार्रवाई 3 दिसंबर को नगर पालिका परिषद के सभाकक्ष में सुबह11 बजे से आयोजित करेंगे तथा की गई कार्रवाई का प्रतिवेदन कलेक्टर कार्यालय को उपलब्ध कराएंगे।

lavkush tiwari
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned