पहले टाइगर को मारा फिर दांत और मूंछ निकलकर किया ऐसा काम

shubham singh

Publish: Dec, 07 2017 11:25:01 (IST)

Shahdol, Madhya Pradesh, India
पहले टाइगर को मारा फिर दांत और मूंछ निकलकर किया ऐसा काम

- डॉग स्क्वाड से शिकारियों के घर तक पहुंची टीम, पांच आरोपी गिरफ्तार
- खेत में करंट बिछाकर किया था बाघ का शिकार

शहडोल। घुनघुटी अंतर्गत अर्जुनी के धोरई गांव में बाघ के शिकार मामले का पर्दाफाश करने में वन विभाग को सफलता मिली है। डॉग स्क्वायड की मदद से वन विभाग की टीम शिकारियों के घर तक पहुंची थी। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपियों ने बाघ के शिकार की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया है। गुरूवार को सीसीएफ टीएस चतुर्वेदी और डीएफओ वासु कन्नौजिया ने मामले का खुलासा किया। डीएफओ ने बताया कि ३० दिसंबर को आरोपियों ने शिकार की प्लानिंग बनाई थी। शाम ७ बजे रमेश सिंह, लक्ष्मण सिंह, कौशल सिंह, रूकमंगल सिंह ने मनठारिया उर्फ चंद्र सिंह से जीआई तार लेकर घघड़ार जंगल में खेत के चारों ओर करंट फैला दिया था। इसके बाद काफी समय तक इंतजार करते रहे। बाघ के करंट की चपेट में आते ही आरोपियों ने घसीटकर झाडिय़ों में ले गए और शव को लेंटाना में छिपा दिया था। बाघ को दूसरे दिन झाडिय़ों में एक ग्रामीण महिला ने देखकर विभाग को सूचना दी थी। वारदात की पतासाजी के लिए टीएसएफ और डॉग स्क्वायड की टीम पहुंची थी। जिसे सुराग मिलते ही आरोपियों के घर तक पहुंची और मामले का पर्दाफाश हुआ। इसमें सीसीएफ टीएस चतुर्वेदी, डीएफओ वासु कन्नौजिया, एसडीओ राहुल मिश्रा, टीएसएफ प्रभारी, रेंज आफीसर एपी त्रिपाठी की भूमिका रही।
पेड़ की खोल में रखे थे मूंछ और दांत
डीएफओ के अनुसार आरोपियों ने शिकार के बाद बाघ के शव को जंगल ले गए। जहां पर बाघ की मूंछ और दांत निकाल लिए थे। पांचों आरोपियों ने आपस में बांट लिया था। टीम ने कई आरोपियों के घर और पेड़ की खोह से बाघ के दांत और मूंछ के बाल जब्त किए हैं। हालांकि वारदात के बाद पीएम तक वन विभाग बार बार सफाई देता रहा कि बाघ के सारे अंग सुरक्षित है। अधिकारियों का कहना था कि दांत गायब थे लेकिन जबड़े के भीतर फंसे हुए मिले थे।
पहले भी दो बार कर चुके हैं शिकार
पूछताछ में आरोपियों ने कई सुराग उगले हैं। टीम के अनुसार मनठारिया, लक्ष्मण, रमेश, रूकमंगल, कौशल की गैंग द्वारा पूर्व में भी दो बार शिकार किया जा चुका है। इसमें आरोपियों ने जंगल ***** की शिकार किया था। इन आरोपियों से जंगली शूकर की हड्डी भी जब्त की गई है। टीम ने आरोपियों से जीआई तार, सब्बल सहित शिकार के वक्त उपयोग सामान जब्त किया है।
भनक नहीं लगती तो कर देते सौदा
आरोपियों ने बाघ के शव को पूरी तरह झाडिय़ों में छिपा दिया था। वन विभाग की टीम को खुद झाडिय़ों के भीतर घुसकर शव को निकालने के लिए मशक्कत करनी पड़ी थी। ग्रामीण महिला के माध्यम से सूचना नहीं दी जाती तो शायद पूरे बाघ के शव का सौदा आरोपियों तक कर दिया जाता। आरोपी नाखून और खाल निकालने के फिराक में भी थे लेकिन पहले ही वन विभाग को भनक लग गई थी।

शिकार में तीन आरोपी गिरफ्तार
शहडोल। वन विभाग और टीएसएफ की टीम ने घुनघुटी में जंगलीशूकर के शिकार मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। डीएफओ उमरिया ने बताया कि अजमेर सिंह गोड़, बुद्धिमान सिंह और भंवर उर्फ भोंदुल ने घघड़ार के नजदीक महिपाल सिंह के खेत में करंट फैलाकर जंगली ***** का शिकार किया था। टीएसएफ की टीम ने जंगलीशूकर की हड्डी, जबड़ सहित हथियार और जीआई तार को जब्त किया है। शिकार के बाद आरोपियोंने १७ नवंबर को शूकर का मांस बुद्धिमान सिंह को दे दिया था। टीम ने पूछताछ करते हुए आरोपियों के घर तक पहुंची और गिरफ्तार किया। इन आरोपियों से पूछताछ कर सुराग जुटा रही है, जिससे कई वारदात में सुराग मिल सकते हैं। वन विभाग ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

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