कमिश्नर ने कहा - बच्चों और महिलाओं में कुपोषण दूर करने पर हो अधिकारियों का फोकस

गर्भवती महिलाओं का कराएं पंजीयन, निष्क्रिय आशा कार्यकर्ताओं को पद से हटाने करें कार्यवाही
महिला एवं बाल विकास विभाग की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में कमिश्नर ने दिए निर्देश

By: Ramashankar mishra

Published: 30 Jul 2020, 12:48 PM IST

शहडोल. कमिश्नर नरेश पाल ने संभाग में मातृ एवं शिुशु मृत्यु दर में कमी लाने महिला एवं बाल विकास विभाग के सभी मैदानी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए है कि गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीयन कराएं तथा महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित सभी सेवाओं का लाभ दिलाएं। गर्भवती महिलाओं के पंजीयन में तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ दिलाने में उन्हें किसी प्रकार का गतिरोध उत्पन्न नहीं होना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को ऑगनवाडी केन्द्रो के माध्यम से सभी सेवाए प्राप्त होना चाहिए। उन्होने निर्देशित किया कि जो आशा कार्यकर्ता गर्भवती महिलाओ से सतत संपर्क नही करती तथा उन्हें शासन द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी उपलब्ध नहीं कराती एवं कार्यों में उदासीनता एवं निष्क्रियता बरतती है ऐसी आशा कार्यकर्ताओं को पद से हटाने की कार्यवाही करें। कमिश्नर ने उक्त निर्देश महिला एवं बाल विकास विभाग की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए। उन्होने कहा कि अधिकारी ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर ऑगनवाडी केन्द्रो की स्थिति में सुधार लाएं। ऑगनवाडी केन्द्रों द्वारा महिलाओं एवं किशोरी बालिकाओं को दी जा रही सेवाओं की सतत मॉनिटरिंग करें। महिला एवं बाल विकास के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का फोकस बच्चों और महिलाओं में कुपोषण कैसे दूर हो इस पर होना चाहिए। कमिनर ने कहा कि संभाग में कम वजन के बच्चों को चिन्हित किया जाए तथा उनकी परिजनों के खानपान के व्यवहार में परिवर्तन लाया जाएॅ। संभाग के सभी चिकित्सा संस्थानों में लोगों को कुपोषण के प्रति जागरूक करने के लिए बैनर एवं पोस्टर चस्पा कराएॅ ताकि आम लोगों को कुपोषण से कैसा बचाया जा सकता है इसकी जानकारी हो। कमिश्नर ने उक्त कार्यवाही आगामी सात दिवसों में करने के निर्देश दिए। जिला कार्यक्रम अधिकारियों को निर्देश दिए है कि गांव में शादी के बाद आने वाली नव विवाहिताओं को स्वास्थ्य सेवाओ की समुचित जानकारी देने के लिए आशा कार्यकर्ताओं और ऑगनवाडी कार्यकर्ताओं को ताकित करे। नव विवाहिताओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करे तथा योजनाओं की भी जानकारी मुहैया कराए। ऑगनवाडिय़ों द्वारा दिए जा रहे रेडी-टू-इट में किसी भी प्रकार की गडबडियां नही होना चाहिए। इस कार्य में किसी भी प्रकार उदासीनता अथवा लापरवाही बर्दास्त नही की जाएगी शिकायत मिलने पर संबंधित क्षेत्र के परियोजना अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी।

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