पुराने को भूल गए अब नए औद्योगिक क्षेत्र को विकसित करने की कवायत

इंडस्ट्री एरिया डेवलप करने 38 हेक्टेयर में प्लाट काटने की हो रहीं तैयारियां

By: shivmangal singh

Published: 24 Jul 2018, 08:45 PM IST

शहडोल। नरसरहा स्थित करीब 49 वर्ष पुराने औद्योगिक क्षेत्र में एक के बाद एक यूनिट बंद होती जा रहीं हैं। शासकीय जमीन पर अतिक्रमण हो चुका है। अन्य अव्यवस्थाएं भी हावी हैं। 8 हेक्टेयर के इस इंडस्ट्री एरिया को जिला प्रशासन और उद्योग विभाग संभाल नहीं पा रहा है। वहीं अब क्षेत्र के विकास के लिए करीब 38 हेक्टेयर में औद्योगिक एरिया डेवलप करने की कवायत की जा रही है। औद्योगिक केंद्र विकास निगम रीवा और जिला प्रशासन द्वारा सोन नदी के किनारे दिया पीपर में इंडस्ट्री एरिया बनाने की तैयारी की जा रही है, ताकि क्षेत्र में नए उद्योग लगें और रोजगार के साधन उपलब्ध हो सकें।
सीमांकन कार्य जारी, खनिज-वन विभाग से मांगी जा रही एनओसी
आदिवासी अंचल के विकास के लिए जिला प्रशासन एकेबीएन के सहयोग ने सोन नदी स्थित दिया पीपर गांव में खाली पड़ी 38.913 हेक्टेयर शासकीय जमीन पर नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की तैयारी कर रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों ने दिया पीपर का दौरा भी किया है और सीमांकन का कार्य चल रहा है। प्रशासन ने जमीन के मामले में खनिज और वन विभाग से एनओसी भी मांगी है। चूंकि क्षेत्रीय उद्योग कार्यालय 20 एकड़ से अधिक की जमीन पर औद्योगिक एरिया विकसित नहीं कर सकता, तो यह कार्य रीवा के औद्योगिक केंद्र विकास निगम को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
यहां बंद हो रहे उद्योग, तन गए 2 मंजिला मकान
विभागीय अधिकारियों की माने तो सन् 1969 में नरसरहा स्थित शासकीय भूमि पर 8.40 हेक्टेयर में औद्योगिक क्षेत्र विकसित गया था, इसका उद्देश्य था कि आदिवासी अंचल में रोजगार के साधन बनेंगे और क्षेत्र का विकास होगा। यहां पर केमीकल, फुडवियर सहित 19 यूनिट लगाई गईं थीं, लेकिन अब यह क्षेत्र वीरान नजर आ रहा है। धीरे-धीरे करके 6 यूनिट बंद हो चुकी हैं। भवन भी जर्जर हो चुके हैं। एरिया की सड़कें भी जर्जर हो चुकी हैं। अन्य सुविधाओं का भी अभाव है। हालात यह हैं औद्योगिक क्षेत्र की करीब 3 एकड़ जमीन पर लोगों ने अतिक्रमण करके 2 से 3 मंजिला मकान तान लिए हैं। सन् 1994 से यहां अतिक्रमण होना शुरु हुआ और आज तक प्रशासन अतिक्रमण नहीं हटा पाया।
यूनिट बंद होने पर 3 संचालकों को नोटिस
वर्षों से नरसरहा में केमीकल, गेरु, चॉक, कॉल फैक्ट्री सहित 19 उद्योग चल रहे थे, धीरे-धीरे करके 6 यूनिट बंद हो चुकी हैं। अभी सिर्फ कैमिकल, टायर रिमोर्लिंड, पुठ्ठा, राइस मिल, आटा मिल, स्टील, फुडवीयर और फर्नीचर की कुल 13 यूनिट ही संचालित हो रहीं हैं। क्षेत्रीय उद्योग कार्यालय द्वारा मनुऑर्गनिक सेक्रीन, एबी केमीकल सहित 3 यूनिट संचालकों को यूनिट बंद करने पर नोटिस भी दिया है, जबकि तीन फैक्ट्रियां अभी भी निर्माणाधीन हैं। अब यहां पर नए उद्योग डालने में कोई रूचि नहीं ले रहा है।

औद्योगिक क्षेत्र विकास के फैक्ट फाइल
-नरसरहा में 19 में से 6 उद्योग बंद हैं।
-8 हेक्टेयर के क्षेत्र में 3 एकड़ जमीन पर अतिक्रमण।
-क्षेत्रीय विकास के लिए 1969 में विकसित हुआ था एरिया।
-करीब 20 वर्षों से अतिक्रमण नहीं हटा पा रहा प्रशासन।
-3 उद्योग संचालकों को फैक्ट्री बंद करने पर नोटिस।
-अब दिया पीपर में 38 हेक्टेयर में बनेगा इंडस्ट्रीयल एरिया।
-नया एरिया विकसित करनें सीमाकन कार्य में लगा अमला।
-रीवा औद्योगिक केंद्र विकास निगम को जिम्मेदारी।

हमारा प्रयास कुछ नए उद्योग आ जाएं
----दिया पीपर में इंडस्ट्री डेवलप करने के लिए सीमांकन किया जा रहा है, जिसे पूरा होने में 10 से 15 दिन लग जाएंगे। पुराने औद्योगिक क्षेत्र नरसरहा में कुछ यूनिट बंद हो गईं है, वहां अतिक्रमण की समस्या भी है। पुराने रिकॉर्ड मिलाकर वहां भी सीमांकन किया जाएगा। जिला प्रशासन का प्रयास है कि क्षेत्र में कुछ नए उद्योग खुलें। रोजगार के साधन बनें और क्षेत्र का विकास हो।
अनुभा श्रीवास्त
कलेक्टर शहडोल।

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