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पूर्व विधायक ने विधानसभा में उठाया था सोन घडिय़ाल अभयारण्य की सीमा से लगे क्षेत्र में रेत उत्खनन का मुद्दा

locationशाहडोलPublished: Dec 01, 2023 12:23:03 pm

Submitted by:

Ramashankar mishra

घडिय़ालों के लिए संरक्षित क्षेत्र से रेत निकालने मशीनों व बड़े वाहनों का किया जा रहा इस्तेमाल
तीन जिले की सीमा का रेत कारोबारी उठाते हैं फायदा, दिन रात बराबर चल रहा था कारोबार

पूर्व विधायक ने विधानसभा में उठाया था सोन घडिय़ाल अभयारण्य की सीमा से लगे क्षेत्र में रेत उत्खनन का मुद्दा
पूर्व विधायक ने विधानसभा में उठाया था सोन घडिय़ाल अभयारण्य की सीमा से लगे क्षेत्र में रेत उत्खनन का मुद्दा

शहडोल. सतना, सीधी और शहडोल की सीमा से लगे सोन घडियाल अभयारण्य के क्षेत्र से बड़ी-बड़ी मशीन व हाइवा की मदद से रेत उत्खनन व परिवहन किया जा रहा है। संरक्षित क्षेत्र होने के बाद भी रेत कारोबारी बेखौफ होकर अपने काम को अंजाम दे रहे हैं। इनकी इस मनमर्जी के खिलाफ न तो सोन घडिय़ाल अभयारण्य प्रबंधन कोई सख्त कदम उठा रहा है और न ही जिला प्रशासन व पुलिस महकमा अंकुश लगा पा रहा है। घडिय़ालों के लिए संरक्षित यह क्षेत्र रेत कारोबारियों का सबसे बढ़ा गढ़ बना हुआ है। सोन, बनास के संगम क्षेत्र के साथ ही संजय गांधी टाइगर रिजर्व की सीमा से लगे क्षेत्र तक फैले इस सोन घडिय़ाल अभयारण्य के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
विधानसभा में गूंजा था सोन घडिय़ाल अभयारण्य का मुद्दा
पूर्व विधायक रामपाल सिंह ने सोन घडियाल अभयारण्य क्षेत्र से हो रहे रेत उत्खनन व परिवहन को लेकर चिंता जताते हुए विधानसभा में मुद्दा उठाया था। उन्होंने संरक्षित क्षेत्र में रेत उत्खनन व परिवहन पर अंकुश लगाने पर जोर दिया था। वहीं वर्तमान विधायक ने क्षेत्र में हो रहे रेत उत्खनन व परिवहन को लेकर आवाज तो उठाई लेकिन उनका यह विरोध सिर्फ धरना प्रदर्शन और शिकवा शिकायत तक ही सीमित रह गया। उन्होंने सोन घडिय़ाल अभयारण्य के संरक्षण को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की। हाल ही में एक जनप्रतिनिधि का पुलिस सांठगांठ का आडियो वायरल हुआ था। बताया जा रहा है कि नेता भी क्षेत्र के जनप्रतिनिधि का करीबी था। पूर्व में रेत वाहन को लेकर जनप्रतिनिधियों के दो पक्षों में विवाद भी हुआ था। बाद में सड़क पर उतरकर रेत लोड वाहन भी रुकवाए गए थे।
तीन जिलों की सीमा का रेत कारोबारी उठाते हैं फायदा
सोन और बनास नदी का संगम जिस क्षेत्र में है वहां से कुछ दूर पर ही तीन जिलों की सीमा लगती है। इसका रेत कारोबारी पूरा फायदा उठाते हैं। शहडोल जिले की सीमा से रेत निकालकर धड़ल्ले से सतना व सीधी की सीमा में प्रवेश कर जाते हैं। इसके चलते सीमा क्षेत्र के विवाद में बड़ी आसानी से रेत कारोबारियों के वाहन निकल जाते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, बीच बीच में अधिकारी भी पहुंचते हंै लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होती है। पूर्व में भी ऐसी स्थिति रही है। विरोध करने पर धमकी देते हैं। यहां पूर्व में मशीनों को भी उातरा जाता था।

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