अच्छी खबर- अब रिसर्च के लिए साउथ अफ्रीका से जुड़ेगी मध्यप्रदेश की ये यूनिवर्सिटी

अच्छी खबर- अब रिसर्च के लिए साउथ अफ्रीका से जुड़ेगी मध्यप्रदेश की ये यूनिवर्सिटी

Akhilesh Shukla | Publish: May, 18 2018 11:44:57 AM (IST) Shahdol, Madhya Pradesh, India

आदिवासी अंचल के युवाओं को मिलेगा फायदा

शहडोल- पंडित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय जल्द ही साउथ अफ्रीका की कई यूनिवर्सिटी से आपस में जुड़ेगी। उच्च स्तर पर शोध के लिए इस यूनिवर्सिटी को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जोडऩे का प्रयास किया जा रहा है। इससे शोध करने वाले छात्र- छात्राएं आपस में कनेक्ट रहेंगे और रिसर्च में काफी मदद मिलेगी। इसी कड़ी में शहडोल विश्वविद्यालय के गणित विभाग के विभागाध्यक्ष ऋषि कुमार तिवारी ने इन्टिफिक रिसर्च कोलेवोरेसन यात्रा की शुरूआत की है।

 

विभागाध्यक्ष ऋषि कुमार तिवारी एक माह के लिए साउथ अफ्रीका गए हुए हैं। जहां पर अलग - अलग शोध का प्रजेंटेशन किया जा रहा है। यूनिवर्सिटी प्रबंधन के अनुसार देश के चुनिंदा विश्वविद्यालय और
कॉलेजों को यह मौका मिलता है। जिसमें गणित विभागाध्यक्ष ऋषि कुमार तिवारी ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शोध में दबदबा बनाते हुए शहडोल विवि को नई पहचान दिलाई है।

 

इन विवि के बीच शोध का प्रस्तुतिकरण

वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ ऋषि कुमार तिवारी साउथ अफ्रीका की अलग- अलग बड़ी विश्वविद्यालयों के बीच अपने शोध का प्रस्तुतिकरण करेंगे। इसमें क्वाजूलु नटाल विवि डरबन, जूलुलैण्ड विवि, केपटाउन विश्वविद्यालय में शोध कार्य एस्ट्रोनामी, एस्ट्रोफिजिक्स का व्याख्यान देंगे।

 

अफ्रीका से कार्डिनेट कर सकेंगे शोधार्थी

यूनिवर्सिटी प्रबंधन की मानें तो गणित विभाग के विभागाध्यक्ष के शोध के बाद साउथ अफ्रीका से यह यूनिवर्सिटी कनेक्ट रहेगी। यहां के छात्र- छात्राएं गणित सहित एस्ट्रोनामी, एस्ट्रोफिजिक्स विषयों पर शोध के लिए साउथ अफ्रीका की यूनिवर्सिटीज से मदद ले सकेंगे। इससे शिक्षा का स्तर भी आगे बढ़ेगा।

 

विश्व के 2 हजार वैज्ञानिकों में डॉ. ऋषि

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विज्ञान के क्षेत्र में कई शोध प्रकाशित कर चुके डॉ ऋषि कुमार तिवारी विश्व के २ हजार बड़े वैज्ञानिकों की सूची में शामिल हैं। आक्सफोर्ड और कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के द्वारा २१वीं सदी में विश्व के 2000 वैज्ञानिक नाम से सर्वे में सम्मान दिया गया था। अंतराषर््ट्रीय स्तर पर प्रकाशित शोध इस सम्मान और शीर्ष 2000 वैज्ञानिकों की सूची में शामिल करने का मुख्य आधार था। डॉ तिवारी इसके पूर्व रीवा यूनिवॢसटी में भी भी पदस्थ रह चुके हैं।

 

यूनिवर्सिटी के लिए ये बड़ी एचीवमेंट

शहडोल विश्वविद्यालय के लिए यह बड़ी उपलब्धि है कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर में शहडोल विवि के शोध का प्रजेंटेशन हो रहा है। साउथ अफ्रीका से जोडऩे की पहल की जा रही है। जल्द की शंभूनाथ विवि को साउथ अफ्रीका से जोड़ा जाएगा, जिससे छात्र छात्राओं को शोध में काफी मदद मिलेगी।

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