हिंदी राष्ट्रीय एकता व संस्कृति की धरोहर

 

हिंदी राष्ट्रीय एकता व संस्कृति की धरोहर

By: shubham singh

Published: 16 Sep 2021, 08:44 PM IST

हिंदी राष्ट्रीय एकता व संस्कृति की धरोहर
शहडोल। 14 सितम्बर को केंद्रीय विद्यालय शहडोल में हिंदी दिवस मनाया गया। सबसे पहले प्राचार्य डॉ बीआर डे द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलित कर व पुष्प समर्पित कर श्रद्धा प्रकट की गई। अन्य शिक्षकों द्वारा भी सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलित किया गया और पुष्प अर्पित किए गए। इसके बाद प्राचार्य डॉ बीआरडे द्वारा हिंदी की महत्ता को प्रतिपादित करते हुए बताया गया कि प्रतिवर्ष 14 सितम्बर को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन संविधान समिति द्वारा हिंदी को राजभाषा के रूप में मान्यता मिली। यह दिवस हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग पर गर्व करने और हिंदी को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है। विश्व में कुल अठारह भाषा परिवारों में हिंदी भारोपीय परिवार की भाषा है। हिंदी का साहित्य सर्वाधिक समृद्ध है। हिंदी के अंतर्गत पांच उपभाषाएं पश्चिमी हिंदी, पूर्वी हिंदी, पहाड़ी हिंदी, राजस्थानी हिंदी व बिहारी हिंदी है। जिसमें मुख्यत: 18 बोलियां बोली जाती है। विश्व में जनसंख्या की दृष्टिसे हिंदी बोलने वालों का दूसरा स्थान है । उन्होंने कहा कि हिंदी आज केवल भारत की भाषा न रहकर विश्व की भाषा बनती जा रही है। कई देशों में अन्य भाषा के साथ हिंदी बोलने वालों की संख्या भी काफी है। जैसे पाकिस्तान, नेपाल, सिंगापुर, बांग्लादेश, श्रीलंका, फिजी, मारीशस, त्रिनिदाद व टोबैगो। हिंदी हमारी राष्ट्रीय एकता व हमारी संस्कृति की धरोहर है। हमें हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग पर गर्व करना चाहिए। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ बी आरडे द्वारा सभी कर्मचारियों को राजभाषा हिंदी के प्रचार, प्रसार व संवद्र्धन के लिए राजभाषा प्रतिज्ञा भी दिलाई गई। हिंदी दिवस की शुरुआत के साथ ही पंद्रह दिन तक हिंदी के संवद्र्धन विकास के लिए हिंदी पखवाड़ा मनाया जाएगा। इस पखवाड़े में शिक्षकों व छात्रों के लिए आनलाइन व ऑफलाइन अनेक गति विधियों जैसे कविता पाठ, वर्तनी शोधन प्रतियोगिता, निबंधलेखन, कहानी सुनाओ प्रतियोगिताए हिंदी साहित्य पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाएगा और प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त छात्रों को प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर विद्यालय के सभी हिंदी शिक्षक के साथ अन्य सभी शिक्षक व कर्मचारी उपस्तिथ रहे।

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