घर-घर बिजली पहुंचाने की इस योजना को झटका

घर-घर बिजली पहुंचाने की इस योजना को झटका

shivmangal singh | Publish: Mar, 14 2018 02:07:13 PM (IST) Shahdol, Madhya Pradesh, India

देर के अंधेर से अबतक नहीं हुआ उजाला

शहडोल- सौभाग्य योजना के तहत डाक विभाग ने सर्वे कर 20 प्रतिशत ग्रामीण आबादी के अंधेरे में रहने की सूची विद्युत विभाग को दे दी थी। जनवरी 2017 तक इन घरों तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य था, लेकिन अभी तक घरों में रोशनी नहीं पहुंची है। मंजूरी के लिए दिल्ली भेजी गई करोड़ों की डीपीआर को मंजूरी न मिलने से विद्युतीकरण का कार्य रुका हुआ है। प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना के तहत संभाग के उमरिया, अनूपपुर व शहडोल में करीब ५०० करोड़ रुपए खर्च कर बिजली विहीन घरों में रोशनी करने की योजना है। केंद्र ने डाक और विद्युत विभाग को यह जिम्मेदारी सौंपी थी कि वह ग्रामीण अंचलों का सर्वे करें और जहां बिजली नहीं है उन घरों को चिन्हित कर तत्काल बिजली पहुंचाई जाए लेकिन अभी तक चिन्हित घरों में बिजली नहीं पहुंची है।

विद्युत विभाग भी कर रहा है सर्वे
वहीं दूसरी ओर विद्युत विभाग द्वारा किए गए सर्वे में पता चला कि संभाग के 640 गांवों में 485 बस्तियां बिजली विहीन हैं, 23 हजार घरों में रोशनी नहीं पहुंची है। जिसमें 20 हजार 433 लोग बीपीएल श्रेणी में आते हैं। शहडोल जिले में 100 गावों ऐसे हैं, जहां लो वोल्टेज की समस्या है। कुछ जगहों पर विद्युत विभाग अपने स्तर से विद्युत सुदृढि़करण के कार्य कर रहा है।

सर्वे में 20 प्रतिशत आबादी विद्युत विहीन
योजना के लागू होते ही प्रधान डाक विभाग शहडोल से संबंधित सीधी, सिंगरौली, अनूपपुर, उमरिया और शहडोल जिले के 3700 गांवों में डाक विभाग के 523 डाकियों ने सर्वे किया और इसकी सर्वे रिपोर्ट विद्युत विभाग को सौंप दी। डाकियों के सर्वे में यह बात सामने आई कि अभी भी ग्रामीण अंचलों में 20 प्रतिशत आबादी अंधेरे में रह रही है। योजना लागू होने के बाद टारगेट दिया गया था कि जनवरी 2017 तक कार्य पूरा किया जाए लेकिन कागजी कार्रवाई में योजना अटक गई और 6 माह से अधिक समय गुजर जाने के बाद भी जिन घरों में बिजली नहीं है वहां बिजली नहीं पहुंंच सकी है।

डीपीआर को नहीं मिली मंजूरी
शहडोल, उमरिया, अनूपपुर जिलों में गांव-गांव और घर-घर तक बिजली पहुंचाने के लिए लाइनों के विस्तार, ट्रांसफार्मर और अन्य विद्युतीकरण कार्य के लिए 260.42 करोड़ की डीपीआर दो माह पहले ही बना ली गई थी। शहडोल जिले में 104 करोड़, उमरिया 71 करोड़ और अनूपपुर 85 करोड़ की डीपीआर बनाई गई थी। विगत माह डीपीआर मंजूरी के लिए दिल्ली भेजी गई।

मंजूरी मिलते ही बिजली पहुंचेगी
शहडोल विद्युत विभाग अधीक्षक केके अग्रवाल के मुताबिक डाक और विद्युत विभाग का सर्वे के लिए जिम्मेदारियां दी थीं। डाक विभाग द्वारा सर्वे और विद्युत कर्मचारियों के सर्वे का मिलान किया जा रहा है। डीपीआर भेजा है, मंजूरी मिलते ही बिजली पहुंचेगी।

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