इस बड़े प्रोजेक्ट पर टिकी है सैकड़ों गांवों की निगाह

इस बड़े प्रोजेक्ट पर टिकी है सैकड़ों गांवों की निगाह

Shiv Mangal Singh | Publish: Mar, 14 2018 06:01:31 PM (IST) Shahdol, Madhya Pradesh, India

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शहडोल- प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से ब्यौहारी क्षेत्र के लगभग एक सैकड़ा गांवो को लाभान्वित करने वाले हिरवार माइक्रो इरिगेशन प्रोजेक्ट पर क्षेत्र की जनता की निगाहें टिकी हुई हैं। मुख्यमंत्री द्वारा लोक सभा उप चुनाव के दौरान कनाड़ी में आयोजित सभा के दौरान इस प्रोजेक्ट की घोषणा की थी। सोन नदी से पानी लिफ्ट कराकर हिरवार जलाशय से इसकी सप्लाई करने की घोषणा ने क्षेत्र में जान फूंकने का काम किया था। समय बीतता जा रहा है और इस प्रोजेक्ट की प्रगति सर्वे कार्य तक ही सिमट कर रह गई है।

जिसके चलते क्षेत्रीय जनता के माथे में चिंता की लकीरें साफ नजर आने लगी हैं। जिस तरह से इस प्रोजेक्ट का कार्य चल रहा है उसे देखते हुए क्षेत्र की जनता व सूखी बंजर भूमि की प्यास बुझने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।

क्या है पूरे प्रोजेक्ट में ?
हिड़वार माइक्रो इरिगेशन प्रोजेक्ट के तहत ब्यौहारी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम सपटा में सोन नदी पर बने बाणसागर बांध के पानी को लिफ्ट कराकर हिड़वार जलाशय तक ले जाने का कार्य कराया जाना है। इसके उपरांत हिड़वार जलाशय से नहरों के माध्यम से क्षेत्र की असिंचित कृषि योग्य भूमि तक नहरों के माध्यम से पानी पहुंचाने के साथ ही गांवो में जलापूर्ति करना इस पूरे प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है।

विधायक ने दिया था धरना
इस प्रोजेक्ट की मांग लंबे अर्से से की जा रही थी। जिसे बड़ी मुश्किल से स्वीकृति तो मिल गई है लेकिन अब इसके कार्य को लेकर लगातार लेट-लतीफी की जा रही है। बताया जा रहा है कि इस प्रोजेक्ट के लिए भाजपा नेता बीरेश सिंह रिंकू द्वारा पूर्व में अथक प्रयास किए गए थे। साथ ही क्षेत्रीय कांग्रेस विधायक रामपाल सिंह ने भी इसके लिए आवाज उठाई थी। वहीं इस प्रोजेक्ट को प्रारंभ करने में हो रही लेट-लतीफी के चलते हाल ही में विधायक रामपाल सिंह द्वारा धरना प्रदर्शन व क्रमिक भूख हड़ताल कर इसका कार्य शीघ्र प्रारंभ कराने की भी मांग की गई है।

सवा सौ करोड़ का प्रोजेक्ट
जनपद पंचायत ब्यौहारी अंतर्गत 129 करोड़ की लागत से हिड़वार माइक्रो एरीगेशन प्रोजेक्ट का प्रस्ताव तैयार किया गया था। जिसे स्वीकृति भी मिल चुकी है और सर्वे का कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। दु:खद पहलू यह है कि इसके कार्य की रफ्तार इतनी धीमी है कि लोगो को चिंता सता रही है। इस प्रोजेक्ट के तैयार होने से लगभग ४९ गांवो को प्रत्यक्ष रूप से इसका लाभ मिलेगा। वहीं सैकड़ो गांव इससे अप्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे। प्रोजेक्ट के बनकर तैयार हो जाने से लगभग 13 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। जिसमें 8593 हेक्टेयर खरीफ व 4259 हेक्टेयर भूमि रबी फसल के लिए सिंचित होगी। जिससे क्षेत्र के किसानों को काफी राहत मिलेगी।

गांवों को प्रत्यक्ष लाभ
इस पूरे प्रोजेक्ट के तैयार हो जाने से प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से सैकड़ो गांव लाभान्वित होंगे। लेकिन इससे मुख्यत: 50 गांव प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे। जहां नहरों के माध्यम से सिंचाई के लिए पानी पहुंचाने का काम किया जाएगा साथ ही कई गांवो में जलापूर्ति भी संभव हो सकी। जिससे क्षेत्र में व्याप्त जल संकट से निजात मिल सकेगी।

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