अगर समय रहते नहीं हुई सफाई, तो पानी के पड़ जाएंगे लाले

सिल्ट से अटा डैम...

By: lavkush tiwari

Published: 09 Dec 2017, 12:22 PM IST

शहडोल. नगर की लगभग एक लाख से अधिक आबादी को गर्मी के दिनों में पानी मिलना आसान नहीं होगा और पानी के लिए लोगों को परेशानियों का सामना करना होगा। नगर में पानी की सप्लाई के लिए संभागीय मुख्यालय से लगभग 11 किलोमीटर दूर बनाया गया सरफा डैम बदहाली का शिकार है। 1971 में पीएचई विभाग द्वारा बनाए गए लगभग 11 फिट गहरे डैम में 11 फिट की लोहे की प्लेट लगाकर 22 फिट पानी के भराव की व्यवस्था नपा द्वारा कराई गई है। बताया गया है कि जब डैम का निर्माण कराया गया था उस दौरान लगभग33 एमसीएफटी पानी की क्षमता रखी गई थी, लेकिन अब वह 15 से 20 एमसीएफटी नहीं रह गई है। ठंड के दिनों में वर्तमान समय में सिर्फ 11 फिट ही पानी का भराव बताया जा रहा है शेष भाग में सिल्ट का जमाव होने से पानी का पर्याप्त भण्डार नहीं हो पा रहा है। डैम के चारों तरफ गंदगी और झाडियों तथा घास-फूस का जमाव होने से पानी का कैचमेंट क्षेत्र प्रभावित हो रहा है।

आठ साल पहले निकाली थी सिल्ट
सरफा डैम में जमी सिल्ट की सफाई नगरपालिका परिषद द्वारा लगभग आठ साल पहले तत्कालीन कलेक्टर नीरज दुबे और सीएमओ सुधाकर सिंह के द्वारा कराई गई थी। इसके बाद एक परिषद का पांच साल का कार्यकाल समाप्त हो गया, लेकिन डैम से सिल्ट निकालना तो दूर डैम की साफ-सफाई तक नहीं कराई गई। अब नपा की इस लापरवाही का खामियाजा आने वाले गर्मी के दिनों में भुगतना होगा। इसको लेकर नगर की जनता नपा पर सवाल उठा रही है।

राजेन्द्रा कालरी पर आश्रित नपा
नगर में पेयजल की उपलव्धता के लिए नपा द्वारा अब तक कोई वैकल्पिक पानी की व्यवस्था नहीं की गई है। १९७१ से राजेन्द्रा कोल मांइस से निकलने वाले पानी को फिल्टर कर नगर में पानी की सप्लाई की जा रही है। आने वाले दिनों में अगर कालरी बंद हुई तो सरफा में पानी कैसे आएगा, इसको लेकर नपा गंभीर नहीं है। गर्मी के दिनों में राजेन्द्रा कालरी से कम पानी मिलने के कारण सिंचाई विभाग द्वारा मिठौरी बांध से पानी सरफा में डाला जाता है, लेकिन अगर सिंचाई विभाग नपा को पानी देना बंद कर दिया तो नपा के पास नगर को पानी की सप्लाई के लिए कोई अन्य विकल्प नहीं बचता।

गर्मी में हटाएंगे सिल्ट
नपा सीएमओ बीएस चतुर्वेदी के मुताबिक यह बात सही है कि डैम में सिल्ट जमा होने के कारण पानी का भराव कम हो रहा है। गर्मी में संभावित पेयजल संकट को देखते हुए गर्मी में जब जल स्तर नीचे जाएगा तब सिल्ट की निकासी कराई जाएगी।

lavkush tiwari
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned