निजी प्रकाशकों की किताबोंं से अभिभावकों पर बढ़ा आर्थिक बोझ, देखें वीडिओ

निजी स्कूलों के संचालकों की मनमानियों पर नहीं कसा जा रहा शिकंजा

By: brijesh sirmour

Published: 10 Apr 2019, 07:10 AM IST

शहडोल. बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने के अभिभावकों के सपनों का इन दिनों निजी स्कूल संचालक जमकर फायदा उठा रहे हैं। स्कूलों का नया शिक्षण सत्र शुरू होने के बाद भी अभिभावकों को बच्चों की किताबें खरीदने व भारी भरकम फीस की चिंता सता रही है। जहां एक ओर मध्यप्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम की पुस्तकें कक्षा एक से आठवीं तक की डेढ़ सौ से छह सौ रुपए में आ रही है। वहीं दूसरी तरफ सीबीएसई कोर्स व अंग्रेजी माध्यम की स्कूलों की किताबें पांच सौ से पच्चीस सौ रुपए में खरीदी जा रही है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि निजी स्कूल के संचालक कोर्स की किताबों के अलावा निजी प्रकाशन की किताबों को महत्व सिर्फ इसलिए दे रहे हैं, क्योंकि उनकी बाजार में बहुत ज्यादा कीमत है और संबंधित किताबों के प्रकाशकों से उनका भारी भरकम कमीशन बंधा हुआ है। वर्तमान में जिले के सीबीएसई स्कूलों की किताबों की खरीदारी हो रही है, जबकि मध्यप्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम की किताबों का डिपो से उठाव शुरू हुआ है।
पाठ्य पुस्तक निगम में आई 80 फीसदी किताबें
प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम के स्थानीय डिपो मेंं मंगलवार तक कक्षा एक से बारहवीं तक की करीब अस्सी फीसदी किताबें आ चुकी थी। डिपो मैनेजर विपिन बिहारी त्रिपाठी के अनुसार अभी अंग्रेजी माध्यम की किताबों की डिमांड ज्यादा है। जिसकी आपूर्ति की जा रही है और अन्य किताबें भी शीघ्र उपलब्ध हो जाएगी। किताबों के वितरण में बाधा आने की मुख्य वजह चुनाव आचार संहिता का लागू होना रहा, मगर अब चुनाव आयोग की अनुमति से किताबों का वितरण शुरू हो चुका है।
इन कीमतों में मिल रहा किताब-कापियों का सेट
कक्षा कान्वेट महर्षि टाइम सेन्ट्रल व रेल
नर्सरी 740 695 962 -
केजी-1 828 775 1511 -
केजी-2 975 1070 1487 -
पहली 1945 1830 2106 165
दूसरी 2015 2000 2166 165
तीसरी 1861 2081 2316 220
चौथी 1976 2090 2411 220
पांचवीं 2090 2175 1359 220
छठवीं 2501 3614 1556 385
सातवीं 2387 3658 1640 385
आठवीं 2612 3823 1710 495
े(कीमत रुपयों मेें और सेन्ट्रल व रेल स्कूल की सिर्फ किताबों की कीमत है और दुकानदारों के बताए अनुसार है)
इन किताबों में होता है गेम
निजी स्कूलों में कोर्स की किताबों के अलावा अतिरिक्त विषयों की किताबें अभिभावकों को यह कहकर चलाई जाती है कि इससे बच्चों का ज्ञान बढ़ता है। अतिरिक्त विषयों की किताबों में ड्राइंग, सुलेख, कर्सिव राइटिंग, जनरल नालेज और कम्प्यूटर की किताबें शामिल हैं। इन विषयों की किताबें 75 रुपए से लेकर 150 रुपए प्रति किताब की दर से बाजार में मिलती है। कम्प्यूटर की किताबें तो 125 रुपए से लेकर 200 रुपए की कीमत में मिलती है। किताबों को देखकर उनकी ज्यादा कीमतें स्कूल संचालकों व प्रकाशकों के कमीशन की कहानी बयां करती हैं।
एमपी बोर्ड में सेन्टालाइसिस की मंहगी किताबें
कक्षा पाठ्य पुस्तक सेन्टालाइसिस
नर्सरी - 1032
केजी-1 - 1048
केजी-2 - 1105
पहली 139 2005
दूसरी 177 2028
तीसरी 208 2105
चौथी 215 2218
पांचवीं 221 2255
छठवीं 317 1650
सातवीं 358 1650
आठवीं 411 1150
इनका कहना है
इस मामले में अभी तक मेरे पास किसी अभिभावक की कोई शिकायत नहीं आई है। शिकायत होने पर संंबंधित स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उमेश कुमार धुर्वे, जिला शिक्षा अधिकारी, शहडोल

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