कठौतिया के किसानों ने आधुनिक खेती करके बनाई अपनी पहचान, बड़े शहरो में जा रहा मुनगा

कठौतिया के किसानों ने आधुनिक खेती करके बनाई अपनी पहचान, बड़े शहरो में जा रहा मुनगा

shivmangal singh | Publish: Aug, 12 2018 03:55:27 PM (IST) Shahdol, Madhya Pradesh, India

औषधीय पौधों से लहलहा रहे खेत


कठौतिया के किसानों ने आधुनिक खेती करके बनाई अपनी पहचान, बड़े शहरो में जा रहा मुनगा

शहडोल . जिले के कठौतिया ग्राम के किसान आधुनिक खेती अपनाने में अग्रणी भूमिका निभाते हैं। इसी कारण कठौतिया गांव की पहचान खेती के क्षेत्र में अभिनव प्रयोगों के लिये बन चुकी है। गांव के किसान कीमत आधारित खेती पर विश्वास करते हैं। आजीविका उद्यम विकास कार्यक्रम के तहत कठौतिया, सामतपुर, अमहाटोला, भानपुर, कोदवार कला एवं कोदवार खुर्द ग्रामों की स्वसहायता समूह की महिलाओं आजीविका परियोजना के माध्यम से एक दिवसीय अध्ययन भ्रमण दल पर भेजकर उन्नत किसानों के फार्म हाउस में अपनाई गई कृषि तकनीक की जानकारी दी गई। मुनगा एवं फलदार पौधों तथा सब्जियों की अंतरवर्ती खेती को नवाचार के रूप में किसानों द्वारा अपनाया जा रहा है। शहडोल जिले की कठौतिया क्षेत्र की मिट्टी एवं जलवायु मुनगा की खेती के लिये उपयुक्त है। साथ ही पपीता, आम, अमरूद जैसे फलदार वृक्ष भी यहां तेजी से पनपते हैं। फलदार पौधों की दो कतारों के बीच भिण्डी, मूंगफली तथा लौकी एवं दलहनी फसलें ली जाती हैं। किसानों को भ्रमण के माध्यम से जैविक खेती के लाभों से अवगत कराया गया है, अब किसान स्वयं ही गौमूत्र से जैविक पद्धति से कीटनाशक एवं नाडेप पद्धति से उर्वरक बनाकर उपयोग करते हैं। खरपतवार नियंत्रण एवं नमी के प्रबंधन हेतु मल्चिंग तकनीक अपनाते हैं।
ग्राम कठौतिया के किसान अशोक जोधावत ने बताया कि वे परंपरागत रूप से धन एवं गेंहू की खेती करते आये हैं। अब अन्य किसानों से प्रेरणा लेकर एवं उद्यानिकी विभाग की सलाह पर वैज्ञानिक तरीके से मुनगे का पौध रोपण तथा अंतरवर्ती सब्जी का उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं। आपने बताया कि मुनगे के पत्तों में औषधीय गुण होने के कारण कलकत्ता एवं अन्य शहरों में मुनगे की काफी मांग है। इसी को ध्यान में रखते हुये हमने एक एकड़ क्षेत्र में मुनगे की खेती शुरू की है जिससे अच्छा लाभ प्राप्त हो रहा है। इसी वजह से आसपास के गंाव के किसानों ने भी मुनगे की खेती प्रारंभ की है।

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