बिना मुआवजा दिए ले ली किसानों की भूमि, किसान करेंगे आंदोलन

जमीनों को अधिग्रहण कर निर्माण कार्य शुरू

By: shubham singh

Published: 18 Dec 2018, 07:45 PM IST

मंडला। सिंचाई विभाग द्वारा जिले में
चल रही परियोजनाएं विवादित हो
रही हैं। किसानों को खेतों में पानी
पहुंचाने के उद्देश्य से बनाये जा रहे
जलाशय एवं नहर के निर्माणों में
सिंचाई विभाग के अंतर्गत काम
करने वाले ठेकेदार जबर्दस्त
गड़बड़ी कर रहे हैं। जलाशय के
निर्माण में एक ओर किसानों को कम
मुआवजा दिया जा रहा है वहीं दूसरी
ओर उनकी जमीनों को अधिग्रहण
कर निर्माण प्रारंभ करना शुरु कर
दिया है।
मामला घुघरी जनपद के ग्राम
बरवानी का है जहां बनाये जा रहे
बांध में किसानों को भूमि अधिग्रहण
के बाद मुआवजा नहीं मिला है।
ठेका कंपनी ने निर्माण कार्य शुरू कर
दिया है। बांध निर्माण किया जा रहा
है। नहरों के लिये भी पुलिया बनाई
जा रही है लेकिन किसानो को
मुआवजे का इंतजार है।
किसानो को मुआवजे देने के
लिये दस्तावेज भी जमा नहीं कराये
गये है। इस बारे में विभागीय सूत्रों का
भी कहना है कि जमीन अधिग्रहण
के बाद किसानों को मुआवजा के
लिये परेशान हो पड़ेगा।
जानकारी के मुताबिक घुघरी
जनपद के ग्राम बरवानी में बांध
बनाया जा रहा है। जलसंसाधन
विभाग सवा 9 करोड़ की लागत से
निर्माण कार्य कर रहा है। इस बांध से
पांच किमी की नहर बनाई जानी है।
इसके साथ दो माईनर नहर का भी
निर्माण किया जायेगा। इस बांध से
498 हे?टेयर रकबा की सिंचाई
होगी। बांध बनाने के लिये विभाग ने
चार गांव की जमीन का अधिग्रहण
किया है। यहां 16.46 हेक्टेयर जमीन
अधिग्रहित की गई है। जिसमें
बरवानी में 10.21 हेक्टेयर, पाटन में
2.94 हेक्टेयर, ढेंकों में 2.63
हेक्टेयर और मदनपुर में 0.68
हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित हुई है।
यहां 119 किसान की जमीन बांध के
लिये ली गई है।
जिसमें बरवानी में 22 किसान,
पाटन में 43 किसान, ढेंको में 40
और मदनपुर में 12 किसानों
की जमीन का अधिग्रहण किया
गया है।
बरवानी, पाटन, ढेंको और
मदनपुर के किसानों की भूमि का
अधिग्रहण बांध और नहर बनाने के
लिये किया जा रहा है। यहां अवार्ड
पारित होने के 4 माह बाद भी
किसानों को मुआवजा नहीं मिल
पाया है। ठेका कंपनी ने बिना
मुआवजा के लिये भूमि का
अधिग्रहण कर काम चालू कर दिया
है। नहर के लिये काम चल रहा है।
पुलिया बनाई जा रही है। बांध का
निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है।
लेकिन किसान मुआवजे के लिए इंतजार
कर रहे हैं।

किसानों की शिकायत
विभाग द्वारा कम मुआवजा
दिया जा रहा है। इससे किसानों
को बहुत नुकसान होगा।
देवसिंह धुर्वे, पाटन


11 आरए के 19 हजार रूपये
स्वीकृति किये है। जबकि
नियम है कि बाजार मूल्य का ढाई
गुना मुआवजा दिया जाना चाहिये।
पंचम लाल, पाटन


विभाग ने बाजार मूल्य के
बराबर की मुआवजा स्वीकृत
किया है। हर स्तर पर विरोध दर्ज
करायेंगे अपना हक लेकर रहेंगे।
नन्हें लाल, बरवानी

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