खुद के पैसे से मैगनिफाइंग ग्लास खरीद लगा रहे गणित की कक्षा, संसाधन और सुविधा विहीन छात्रों के घर-घर पहुंच करा रहे पढ़ाई

माध्यमिक विद्यालय जमुई के प्रधानाध्यापक का नवाचार

By: amaresh singh

Published: 28 Jan 2021, 09:40 PM IST

शहडोल. कोरोना संक्रमण कॉल में शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन शिक्षकों के लिए बड़ी चुनौती थी। आदिवासी बाहुल्य जिले में संचालित शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों में से कई छात्र ऐसे भी थे जिनके पास न तो मोबाइल था और न ही अन्य संसाधन जिसके माध्यम से वह ऑनलाइन शैक्षणिक गतिविधियों में भाग ले सके। ऐसे में कलेक्टर डॉ सतेन्द्र सिंह और डीपीसी डॉ मदन त्रिपाठी के मार्गदर्शन में शिक्षकों ने कई नवाचार कर इन छात्रों को शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़ रखा। माध्यमिक विद्यालय जमुई के प्रधानाध्यापक संतोष विश्वकर्मा ने भी संसाधन और सुविधाविहीन छात्रों के लिए खुद से ऑनलाइन मैगनिफाइंग ग्लास मंगाया। जिसके माध्यम से डीजीलैप में आने वाले अध्यापन सामग्री को टीव्ही की तरह दिखाकर गणित की कक्षा लगानी प्रारंभ की। इसके साथ ही घर-घर जाकर छात्रों को शैक्षणिक गतिविधियों से जोडऩे का काम किया। प्रधानाध्यापक के इस नवाचार से उन विद्यार्थियों को ज्यादा लाभ मिला जिनके पास टीव्ही, रेडियो सहित अन्य संसाधन नहीं थे और वह शैक्षणिक गतिविधियों से छूट रहे थे।


मोहल्ले में लगाई कक्षाएं
छात्रों को शैक्षणिक गतिविधियों से जोडऩे के लिए प्रधानाध्यापक द्वारा मोहल्ला कक्षाएं भी प्रारंभी की गई। जिसके लिए उन्होने पूर्व सीनियन छात्र, रिश्तेदार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व अन्य व्यक्तियों को वालेन्टियर बनाया गया। वालेन्टियरों द्वारा अपने घर के आस-पास रहने वाले बच्चों को शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही उन्हे डिजिटल सामग्री को देखने में सहयोग कर रहे हैं।


जिले से लेकर राज्यस्तर तक सम्मानित
छात्रों की शैक्षणिक गतिविधियों के लिए नवाचार करने वाले प्रधानाध्यापक संतोष विश्वकर्मा कई बार सम्मानित हो चुके हैं। डीजीलेप के माध्यम से उत्कृष्ट कार्य करने के लिए उन्हे जहां सम्मानित किया जाना है। वहीं इसके पूर्व उन्हे राष्ट्रीय स्वच्छता पुरस्कार, सर्वशिक्षा अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए सम्मानित किया जा चुका है। वहीं दक्षता उन्नयन कार्यक्रम में बेहतर कार्य करने पर राज्यशिक्षा केन्द्र के अधिकारियों द्वारा उन्हे राज्यस्तर पर सम्मानित किया गया था। इसके अलावा सफलता की कहानी बदलाव की राहें के लिए उन्हे राज्यस्तर पर पुरस्कृत हुए है।
शैक्षणिक गतिविधियों से ऐसे जुड़े छात्र
विद्यालय में दर्ज कुल छात्र 118
सीधे जोड़े गए बच्चों की संख्या 65
समूह में मोबाइल से लाभान्वित 22
अन्य माध्यमों से जोड़े गए बच्चे 31

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